अब उड़ता पंजाब कर दी गई लीक, ये लोग दंड भोगकर ही मानेंगे!
रिलीज से ठीक दो दिन पहले टॉरेंट और दूसरी साइट्स पर फिल्म की जो कॉपी लीक की गई है वो सेंसर बोर्ड में जमा करवाई गई थी.
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लीक हुई फिल्म की झलक.
पहलाज निहलानी और नियमों पर चलने वाला उनका सेंसर बोर्ड (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड). इतना नियमों पर चलते हैं कि बताया नहीं जा सकता. अनुराग कश्यप व उनके दोस्तों की निर्माण कंपनी फैंटम व अन्य ने मिलकर उड़ता पंजाब बनाई. अभिषेक चौबे ने निर्देशन किया. करीना कपूर, शाहिद कपूर, आलिया भट्ट और दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिकाएं कीं. ये पंजाब में ड्रग्स की बेहद गंभीर समस्या का सच्चा रूप प्रस्तुत करती है साथ ही समाज के सामने एक विकल्प भी देती है जो आमतौर पर फिल्में नहीं देती.
हाल तक सेंसर की ओर से फिल्म को लटकाए रखने की काफी कोशिशें हुईं जिसका दावा प्रोड्यूसर कर चुके हैं. इसे पास नहीं किया गया ए सर्टिफिकेट मांगने पर भी. फिर 89 कट लगाने को बोला गया. ले-देकर निर्माता बॉम्बे हाई कोर्ट के पास गए और कोर्ट ने सिर्फ एक कट को मंजूर करते हुए फिल्म पास कर दी. अब ये रिलीज होने को है.
दो संभावनाएं हैं:
1. इसे पहलाज निहलानी ने लीक किया है: क्योंकि अनुराग कश्यप कह चुके हैं कि पहलाज उन्हें फूटी आंख पसंद नहीं करते. आज सुबह फेसबुक पर अनुराग ने एक वीडियो शेयर किया था. साथ ही लिखा था 'हा हा.' ये पहलाज, सेंसर, अनुराग, रोहित शेट्टी व अन्य निर्माताओं की पैरोडी थी. इसमें कहा गया है कि क्रिएटिव लोगों को बेड़ियों में डालोगे तो वो क्रांति बन जाती है. इसी वीडियो में गैंग्स ऑफ वासेपुर-2 के क्लाइमैक्स में जैसे फैजल सैकड़ों गोलियों से रामाधीर सिंह को खोद देता है, वैसे ही अनुराग के हुलिए वाला पहलाज के हुलिए वाले को खोद देता है.
अनुराग कह भी चुके हैं कि वे न तो पहलाज से मिलते हैं, बात करते हैं. आज पहलाज टीवी पर ये कहते भी नजर आए कि सिर्फ फैंटम वाले ही रूल फॉलो नहीं करते, बालाजी जैसे बाकी स्टूडियो करते हैं.
ये थ्योरी हो सकती है कि जब वे उड़ता पंजाब में न तो अपनी मर्जी से कट लगवा पाए, न उसे रिलीज होने से रोक पाए तो उसके अपने पास पड़े प्रिंट को रिलीज करवा दिया. ये सिर्फ थ्योरी है ये याद रखें. बाकी आपका दिमाग. फिल्म इंडस्ट्री वाले भी पहलाज जी को एक किस्म का control freak कहते हैं.
2. सेंसर के किसी और सदस्य ने ऐसा किया है: ऐसा भी बहुत संभव है क्योंकि केतन मेहता द्वारा निर्देशित मांझी: द माउंटेन मैन को भी अगस्त 2015 में रिलीज से पहले लीक कर दिया गया था. ये प्रिंट भी वो वाला था जो सेंसर के समक्ष जमा करवाया गया था सर्टिफिकेशन पाने के लिए.
ये बर्दाश्त के काबिल नहीं:
एक फिल्म को बनाने में गर्भ में रखकर बच्चा पैदा करने से ज्यादा ताकत, धैर्य और अस्तित्व लगता है. ये जीवन-मरण का प्रश्न होता है. एक फिल्म बनाने में ऐसे ही सैकड़ों लोग शामिल होते हैं. रिलीज से पहले उसका रचनाकार कितना लाचार हो जाता है इसे हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में उड़ता पंजाब के निर्देशक अभिषेक चौबे की मायूसी और डर की स्वीकारोक्ति में देखा जा सकता है. इसे माई नेम इज़ खान की रिलीज से पहले करण जौहर के चेहरे पर देखा गया. विश्वरूपम की रिलीज से पहले कमल हसन के चेहरे पर देखा गया. और अगर आप उस फिल्म को रिलीज से पहले लोगों के बीच उछाल दें तो रचनाकार बर्बाद हो चुका होता है. मांझी को भयंकर आर्थिक नुकसान इस वजह से झेलना पड़ा.
CBFC और उसके लोगों को जब कोई फिल्म सर्टिफिकेट पाने के लिए दी जाती है तो पूरी गोपनीयता में. कि कभी भी उसे अन्य जगह वितरित न किया जाए. अब ये गोपनीयता कैसे टूटी इसकी जांच होनी चाहिए.

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