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चुनाव निशान जब्त होने के बाद उद्धव बोले- हमारा नाम मिटाने की कोशिश कर रहे

चुनाव आयोग ने शनिवार 8 अक्टूबर को शिवसेना के चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

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9 अक्तूबर 2022 (अपडेटेड: 9 अक्तूबर 2022, 02:47 PM IST)
Uddhav Thackeray
उद्धव ठाकरे (Credit: PTI)
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शनिवार, 8 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने शिवसेना (Shivsena) के चुनाव चिन्ह 'धनुष और बाण' का इस्तेमाल करने पर रोक दी. चुनाव चिन्ह सील होने के बाद अब पहली बार उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) का बयान सामने आया है. इसमें उन्होंने बीजेपी और पीएम मोदी (PM Modi) पर निशाना साधा है. उद्धव ठाकरे ने अपने गुट के साथ जुड़े पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने कहा,

“नोटबंदी के बाद पीएम मोदी ने अपना नाम खो दिया है. यही कारण है कि बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन के लिए हमसे संपर्क किया. वे (BJP) जानते हैं कि उनके पास महाराष्ट्र में बालासाहेब ठाकरे के नाम के अलावा कोई विकल्प नहीं है. इसलिए वे हमारा नाम मिटाने की कोशिश कर रहे हैं.”

उद्धव ने चुनाव चिन्ह जब्त होने के बाद पार्टी में पहले हुईं बगावतों को याद किया. उन्होंने कहा,

“यह आखिरी बड़ी लड़ाई है जिसे हमें उनके खिलाफ जीतने की जरूरत है. इससे पहले भी मेरे अपने भाई (राज ठाकरे) और बालासाहेब ठाकरे के कुछ करीबी लोगों ने हमें धोखा दिया था. लेकिन हमने उन सभी को हरा दिया. अब यह आखिरी लड़ाई है जिसे हमें जीतना है. फिर महाराष्ट्र में हमारे सामने कोई नहीं टिक सकता.”

इससे पहले चुनाव आयोग ने शनिवार 8 अक्टूबर को एक अंतरिम आदेश जारी कर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे कैंप को शिवसेना के चुनाव चिन्ह 'धनुष और बाण' का इस्तेमाल करने से रोक दिया. आयोग ने कहा कि जब तक वे इस निर्णय पर नहीं पहुंच जाते हैं कि 'असली शिवसेना' कौन है, तब तक दोनों में से कोई समूह चुनावी गतिविधियों में इसका इस्तेमाल न करे.

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि अंतिम निर्णय पर पहुंचने तक दोनों समूहों- उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे कैंप को अलग निशान दिया जाएगा और वे आयोग द्वारा जारी चुनाव चिन्हों में से भी चुन सकते हैं. आगामी चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने कहा है कि दोनों ग्रुप 10 अक्टूबर तक बताएं कि उन्हें कौन सा निशान चाहिए. इस बीच बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे कैंप नए चुनाव चिन्ह को लेकर विचार विमर्श कर रहा है.

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