कन्हैया लाल के बेटों ने बताया कि वो किस डर में जी रहे थे?
कन्हैया लाल के बेटों ने कहा, 'पुलिस कार्रवाई करती तो पापा जिंदा होते.'

पापा को धमकी भरे फोन आ रहे थे, जिसके लिए उन्होंने कई बार पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की. अगर समय पर कार्रवाई की जाती तो पापा आज जिंदा होते.
ये बताया है कन्हैया लाल के बेटों ने, जिनकी उदयपुर में मंगलवार, 28 जून को हत्या की गई. दो लोगों ने टेलर कन्हैया लाल की उनकी दुकान में ही हत्या कर दी थी. आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने का वीडियो भी जारी किया था.
'शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की'इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कन्हैया लाल के बेटों ने बताया कि उनके पिता को धमकी भरे फोन आते थे और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से भी की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पिता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की. कन्हैया लाल के बेटों, यश और तरुण ने दावा किया कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो उनके पिता जिंदा होते. उन्होंने कहा,
धमकी के कारण दुकान भी बंद की थीपापा ने गलती से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी थी. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी. उन्होंने समझौते के लिए हुई बैठक के दौरान पुलिस स्टेशन में माफी भी मांगी थी. उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे थे, जिसके लिए उन्होंने कई बार पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की. अगर समय पर कार्रवाई की जाती तो पापा आज जिंदा होते.
इंडिया टुडे से जुड़े सौरभ वकटानिया की रिपोर्ट के मुताबिक कन्हैया लाल के बेटों ने बताया कि उनके पिता ने धमकी भरे कॉल्स के कारण ही पांच-छह दिनों के लिए दुकान बंद कर दी थी. उन्होंने बताया कि एक आदमी दुकान पर भी आया था और उनके पिता को धमकी दी थी. ये बताते हुए बेटे यश ने फिर कहा,
अगर पुलिस से सुरक्षा मिलती, तो मेरे पापा जिंदा होते.
यश ने बताया कि वो बीकॉम सेकंड ईयर का छात्र है, जबकि भाई तरुण फार्मेसी फर्स्ट ईयर का छात्र है. उन्होंने कहा कि परिवार में उनके पिता ही कमाते थे. कन्हैया के बेटों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कन्हैया लाल की बर्बर हत्या के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार, 29 जून को कहा गया कि इस मामले में किसी भी संगठन और इंटरनेशनल लिंक की गहन जांच की जाएगी.

