उदयपुर हत्या: '26/11' नंबर की बाइक पर बहुत दूर निकल गए थे आरोपी, देवगढ़ में चौपट हुआ प्लान
कन्हैया लाल की हत्या के बाद दोनों आरोपी जिस बाइक से भाग रहे थे उसकी नंबर प्लेट मुंबई हमले की तारीख 26/11 पर रखी थी.

उदयपुर के कन्हैया लाल हत्याकांड (Udaipur Murder) के आरोपियों से जुड़ी नई अपडेट्स सामने आ रही हैं. खबर है कि कन्हैया लाल (Kanhaiya Lal) की हत्या करने के बाद आरोपियों ने भागने का पूरा प्लान तैयार कर रखा था. उन्होंने ज्यादा दहशत फैलाने के मकसद से हत्या का वीडियो भी कई वॉट्सएप ग्रुप पर शेयर किया था. आजतक से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आरोपी एक और वीडियो बनाकर डालने वाले थे. रियाज़ मोहम्मद और गोस मोहम्मद का इरादा था कि पहले उदयपुर से भागकर अजमेर पहुंच जाएं. वहां जाकर दोनों एक और वीडियो बनाकर डालना चाह रहे थे.
पाकिस्तानी हैंडलर से मिला आइडियाखबर के मुताबिक आरोपी गौस मोहम्मद ने हत्या की धमकी और हत्या का वीडियो वॉट्सएप ग्रुप पर डाला था. बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने का आइडिया दोनों आरोपियों को किसी पाकिस्तानी हैंडलर ने दिया था. वीडियो रिकॉर्ड करने का मकसद था ज्यादा दहशत फैलाना. दावत-ए-इस्लामी से जुड़े मोहम्मद गौस ने ‘अल्लाह के बंदे’, ‘लब्बो’ या ‘रसूलुल्लाह’ जैसे नामों के कई वॉट्सएप ग्रुप बना रखे थे. इनके जरिए उसने हजारों लोगों को जोड़ रखा था. उसने हत्या का वीडियो इन्हीं ग्रुप्स में डाला था.
2611 नंबर वाली मोटरसाइकिलकन्हैया लाल की हत्या के बाद दोनों आरोपी जिस बाइक से भाग रहे थे उसकी नंबर प्लेट मुंबई हमले की तारीख 26/11 पर रखी थी. ये बाइक रियाज ने खरीदी थी. रिपोर्ट के मुताबिक हमले से पहले आरोपियों ने बाइक 70 मीटर दूर स्टार्ट पर रखी थी ताकि भागने में आसानी हो.
उदयपुर से भागकर दोनों देवगढ़ मोटर गैराज पर पहुंचे. इस जगह पर रियाज 6 महीने पहले काम करता था. वहां किसी ने उनकी मदद नहीं की और इसी दौरान किसी ने देवगढ़ पुलिस को इनकी सूचना दे दी. भनक लगी तो दोनों सड़क का रास्ता छोड़कर गांव के रास्ते भीम पहुंचे. गौस मोहम्मद भीम का ही रहने वाला है.
आखिरकार उदयपुर से 170 किमी दूर और भीम से 10 किमी दूर हाईवे पर शाम 5 बजे नाकेबंदी कर रही पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा.

