कोविड काल में इन देशों ने भारत के लिए बड़ी मदद भेजी है
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से लेकर दवाओं के रॉ मटेरियल तक, सब भेजा है.
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UAE, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे तमाम देशों ने भारत के लिए मदद भेजी है. दाईं तस्वीर में- सिंगापुर से एयरलिफ्ट करके लाए गए ऑक्सीजन इक्विपमेंट्स (फोटो- PTI, ANI)
कोविड-19 की दूसरी लहर का भारत पर बहुत बुरा असर पड़ा है. देश की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है. भारत के हालात पर विदेशों की भी नज़र बनी हुई है. इस मुश्किल वक्त में कई देशों ने भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है.
चलिए एक नज़र डालते हैं कि किस देश ने भारत के लिए क्या मदद भेजी हैः UK से वेंटिलेटर UK से वेंटिलेटर की एक खेप भारत भेजी गई है. इसी वीकेंड में इस खेप के पहुंच जाने की उम्मीद है. इसके अलावा 400 से ज़्यादा ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भी भेजे जा रहे हैं. ये होम क्वारंटीन में रह रहे मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के विकल्प के तौर पर काम करेंगे, जो हवा से ऑक्सीजन खींचकर उसे प्यूरीफाई करते हैं. वेंटिलेटर कितने आ रहे हैं, ये अभी स्पष्ट नहीं है. इसकी संख्या करीब 150 तक हो सकती है. UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक स्टेटमेंट जारी किया, UK से आए तमाम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 29 अप्रैल की सुबह भारत पहुंच भी गए. (फोटो- PTI)
अमेरिका से रॉ मटेरियल भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में कोविशील्ड के अलावा एक और वैक्सीन बन रही है- कोवैक्स. इसका काम अभी अंडर प्रोसेस है. इसके लिए अमेरिका से रॉ मटेरियल चाहिए थे. लेकिन अमेरिका ने ये कहते हुए मटेरियल भेजने से मना कर दिया था कि वो पहले अपने देश की ज़रूरतें पूरी करेंगे. बाद में विवाद हुआ तो अमेरिका ने ये बैन हटा लिया. अब रॉ मटेरियल भारत भेज रहा है. इसके अलावा वहां से तमाम प्रोटेक्टिव गियर जैसे PPE किट्स वगैरह भी आ रही हैं.
अमेरिकी एयरफोर्स का विमान 30 अप्रैल को काफी मदद सामग्री लेकर भारत पहुंचा. (फोटो- AP)
फ्रांस से भी मदद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट करके बताया था कि वहां से भारत के लिए मेडिकल उपकरण, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन जनरेटर भेजे जा रहे हैं. ये जनरेटर हवा को खींचकर ऑक्सीजन उत्पादन कर सकेंगे. मैक्रों का कहना है कि ये जनरेटर किसी भी अस्पताल को ऑक्सीजन के मामले में लंबे समय तक आत्मनिर्भर रख सकेंगे.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जल्द से जल्द भारत के लिए मदद भेजने का आश्वासन दिया है. (फाइल फोटो- AP)
UAE से ऑक्सीजन टैंकर कोविड की दूसरी वेव के बीच भारत को सबसे पहले मदद भेजने वाले देशों में संयुक्त अरब अमीरात का नाम था. UAE ने भारत की मदद के लिए हाई कैपैसिटी ऑक्सीजन टैंकर भेजे हैं. एयरलिफ्ट करके ये टैंकर भारत लाए गए. देश में बढ़ते ऑक्सीजन संकट के बीच ये मदद काफी अहम रही.
रूस से वेंटिलेटर और मेडिकल सामान 29 अप्रैल को रूस से भी काफी मदद सामग्री भारत पहुंची है. वहां से 20 ऑक्सीजन कंसंटेटर, 75 वेंटिलेटर, 150 बेडसाइड मॉनिटर और तमाम दवाइयां भारत आई हैं. इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने भी ट्वीट करके दी. इसके अलावा मई के पहले हफ्ते में ही रूस से कोविड वैक्सीन स्पुतनिक-वी भी भारत आने वाली है. भारत में इसके इस्तेमाल को अप्रूवल दे दिया गया है.
रूस से मदद के तौर पर आया मेडिकल सामान 29 अप्रैल को भारत पहुंचा. (फोटो- PTI)
इसके अलावा सिंगापुर से भी भारत के लिए 250 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मेडिकल इक्विपमेंट्स और तमाम अन्य सप्लाई भेजी गई हैं.
चलिए एक नज़र डालते हैं कि किस देश ने भारत के लिए क्या मदद भेजी हैः UK से वेंटिलेटर UK से वेंटिलेटर की एक खेप भारत भेजी गई है. इसी वीकेंड में इस खेप के पहुंच जाने की उम्मीद है. इसके अलावा 400 से ज़्यादा ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भी भेजे जा रहे हैं. ये होम क्वारंटीन में रह रहे मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के विकल्प के तौर पर काम करेंगे, जो हवा से ऑक्सीजन खींचकर उसे प्यूरीफाई करते हैं. वेंटिलेटर कितने आ रहे हैं, ये अभी स्पष्ट नहीं है. इसकी संख्या करीब 150 तक हो सकती है. UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक स्टेटमेंट जारी किया, UK से आए तमाम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 29 अप्रैल की सुबह भारत पहुंच भी गए. (फोटो- PTI)
अमेरिका से रॉ मटेरियल भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में कोविशील्ड के अलावा एक और वैक्सीन बन रही है- कोवैक्स. इसका काम अभी अंडर प्रोसेस है. इसके लिए अमेरिका से रॉ मटेरियल चाहिए थे. लेकिन अमेरिका ने ये कहते हुए मटेरियल भेजने से मना कर दिया था कि वो पहले अपने देश की ज़रूरतें पूरी करेंगे. बाद में विवाद हुआ तो अमेरिका ने ये बैन हटा लिया. अब रॉ मटेरियल भारत भेज रहा है. इसके अलावा वहां से तमाम प्रोटेक्टिव गियर जैसे PPE किट्स वगैरह भी आ रही हैं.
अमेरिकी एयरफोर्स का विमान 30 अप्रैल को काफी मदद सामग्री लेकर भारत पहुंचा. (फोटो- AP)
फ्रांस से भी मदद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट करके बताया था कि वहां से भारत के लिए मेडिकल उपकरण, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन जनरेटर भेजे जा रहे हैं. ये जनरेटर हवा को खींचकर ऑक्सीजन उत्पादन कर सकेंगे. मैक्रों का कहना है कि ये जनरेटर किसी भी अस्पताल को ऑक्सीजन के मामले में लंबे समय तक आत्मनिर्भर रख सकेंगे.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जल्द से जल्द भारत के लिए मदद भेजने का आश्वासन दिया है. (फाइल फोटो- AP)
UAE से ऑक्सीजन टैंकर कोविड की दूसरी वेव के बीच भारत को सबसे पहले मदद भेजने वाले देशों में संयुक्त अरब अमीरात का नाम था. UAE ने भारत की मदद के लिए हाई कैपैसिटी ऑक्सीजन टैंकर भेजे हैं. एयरलिफ्ट करके ये टैंकर भारत लाए गए. देश में बढ़ते ऑक्सीजन संकट के बीच ये मदद काफी अहम रही.
शुक्रवार को भी UAE से 150 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे गए. (फोटो- ANI)Appreciated the call yesterday from HH Sheikh @ABZayed
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 26, 2021
, FM of UAE expressing his solidarity with India. As always, deeply value good wishes and international cooperation.
रूस से वेंटिलेटर और मेडिकल सामान 29 अप्रैल को रूस से भी काफी मदद सामग्री भारत पहुंची है. वहां से 20 ऑक्सीजन कंसंटेटर, 75 वेंटिलेटर, 150 बेडसाइड मॉनिटर और तमाम दवाइयां भारत आई हैं. इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने भी ट्वीट करके दी. इसके अलावा मई के पहले हफ्ते में ही रूस से कोविड वैक्सीन स्पुतनिक-वी भी भारत आने वाली है. भारत में इसके इस्तेमाल को अप्रूवल दे दिया गया है.
रूस से मदद के तौर पर आया मेडिकल सामान 29 अप्रैल को भारत पहुंचा. (फोटो- PTI)
इसके अलावा सिंगापुर से भी भारत के लिए 250 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मेडिकल इक्विपमेंट्स और तमाम अन्य सप्लाई भेजी गई हैं.
वहीं, जर्मनी ने भी भारत को मदद की पेशकश की है. ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मेरिस पायने (Marise Payne) ने भी भारत की मदद का भरोसा दिया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि भारत ने हमें वैक्सीन उपलब्ध कराई थी. हम लोग साथ काम करेंगे और इस वैश्विक महामारी से निपटेंगे. रूस से भी रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर बात हो रही है. यूरोपियन यूनियन ने भी कहा है कि वे भारत को किसी भी समय ऑक्सीजन सप्लाई देने के लिए तैयार हैं.#WATCH
— ANI (@ANI) April 26, 2021
| An Air India flight, carrying 500 BiPAPs, 250 oxygen concentrators & other medical supplies from Singapore, landed in Mumbai last night.#COVID19
pic.twitter.com/9S5G8ASE9S

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