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उनकी खुद की जान भी जा सकती थी, लेकिन लोगों को बचाने के लिए ये दोनों जलते घर में घुस गए

और हां, ये फायर-ब्रिगेड से नहीं हैं, जिन्हें आग से जूझने की ट्रेनिंग मिली हो.

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7 जून 2018 (अपडेटेड: 7 जून 2018, 06:09 AM IST)
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दोनों पुलिसवाले जिन्होंने तीन लोगों की जान बचाई.
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5 जून की रात को आरके पुरम की एक बिल्डिंग में आग लगने से एक चार साल के बच्चे की मौत हो गई. परिवार के तीन और लोग घायल हो गए. ये अभी अस्पताल में भर्ती हैं. बच्चे का नाम अभिनव है. जबकि उसके पिता पंकज, मां स्वाति और नानी दर्शना अस्पताल में भर्ती हैं. ये तीनों बच नहीं पाते अगर दो पुलिसवाले फ़रिश्ते बनकर नहीं आते. इनके नाम हैं एएसआई राजपाल और हेड कांस्टेबल संजीव.
आग के बाद जली हुई दो बाइक, इनमें आग के चलते दिख रहीं सीढ़ियों से ऊपर जाना मुमकिन नहीं था.
आग के बाद जली हुई दो बाइक, इनमें आग के चलते दिख रहीं सीढ़ियों से ऊपर जाना मुमकिन नहीं था.

आरके पुरम सेक्टर 12 में सरकारी फ्लैट्स की बिल्डिंग के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगी. इस बोर्ड के पास खड़ी दो मोटरसाइकिल ने आग पकड़ ली. जिसका धुंआ फर्स्ट फ्लोर के फ्लैट में जाने लगा. जिससे फ्लैट में सो रहे लोगों का दम घुट गया और बेहोश हो गए.
माता-पिता के साथ अभिनव.
माता-पिता के साथ अभिनव.

क्या हुआ था उस रात?
एएसआई राजपाल और हेडकांस्टेबल संजीव ने बात करने पर बताया कि रात करीब 1 बजे 100 नंबर पर सेक्टर 12 के सरकारी फ्लैट में आग लगने की सूचना मिली. वो दोनों 1.10 बजे वहां पहुंचे. स्थानीय लोग पानी, मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे. पांच मिनट बाद फायर ब्रिगेड वाले आ गए. उन्होंने आग बुझाई लेकिन तब तक पूरी बिल्डिंग में धुंआ फैल चुका था. आग की वजह से सीढ़ियों और आसपास का तापमान बहुत ज्यादा था. वहां से ऊपर नहीं जा सकते थे. ऐसे में नीचे के दूसरे फ्लैट के रास्ते से वो दोनों, फायरकर्मियों के साथ ऊपर पहुंचे. पहले एक फ्लैट में फंसे लोगों को निकाला. दूसरा फ्लैट अंदर से बंद था. आग की वजह से बिजली भी बंद थी. ज्यादा तापमान और सांस लेने में परेशानी की वजह से एक बार तो सोचा कि इसमें कोई नहीं होगा और नीचे आने लगे.
लेकिन फिर एक बार चैक करने के लिए वापस गए. दरवाजा तोड़ा तो अंदर पूरा धुंआ था. टॉर्च की रोशनी में भी कुछ नहीं दिख रहा था. एक कमरे का दरवाजा खुला था उसमें कोई नहीं था. दूसरे कमरे में पहुंचने पर नीचे पड़ी एक बॉडी से पैर टकराया तो उन्हें उठाकर बाहर लाए. फिर दो महिलाओं और एक बच्चे को बाहर लाए. ये सब बुरी तरह घायल थे. इनको कृत्रिम श्वसन भी दिया गया. और एबुंलेंस से अस्पताल भेजा गया. जहां बच्चे की मौत हो गई.
तीन लोगों की जान बचाने वाले राजपाल और संजीव.
तीन लोगों की जान बचाने वाले राजपाल और संजीव.

आग नहीं दम घुटने से हुई अभिनव की मौत
बाइक की सीट, टायर, पेट्रौल जलने से जहरीली धुंआ निकला जिसमें कार्बन डाई ऑक्साइड और दूसरी गैसें थी. फ्लैट में लगे एसी ने बाहर का धुंआ खींच लिया जो कमरे में भर गया. इससे सबका दम घुट गया. और बेहोश हो गए. बच्चे के फेंफड़े कमजोर थे और इस जहरीले धुंए को सहन न कर सके जिससे उसकी मौत हो गई.
आग लगने के बाद भयानक गर्मी और जहरीला धुंआ होने के बावजूद दोनों पुलिसकर्मियों और फायरकर्मियों ने तीन लोगों की जान बचाई. जान बचाने में घायल होने की वजह से दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया जहां फर्स्ट ऐड के बाद छुट्टी दे दी गई.
अस्पताल में भर्ती घायल पुलिसकर्मी.
अस्पताल में भर्ती घायल पुलिसकर्मी.

55 वर्षीय एएसआई राजपाल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं. 35 वर्षीय संजीव राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले हैं. दोनों आरके पुरम सेक्टर 12 थाने में तैनात हैं. इनकी दिलेरी से तीन लोगों की जान बच सकी.


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