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भारत में ओमिक्रॉन के दो संक्रमितों की मौत पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्या कहा?

कुछ रिपोर्टों में इन्हें भारत की 'पहली संभावित ओमिक्रॉन डेथ' बताया गया था.

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31 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 31 दिसंबर 2021, 01:46 PM IST)
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अहमदाबाद के एक अस्पताल में Omicron Ward को तैयार करती एक नर्स. (फोटो: PTI)
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ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस पहले आई किसी भी कोविड लहर के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैल रहा है. भारत में भी इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके चलते यहां भी तीसरी लहर की बहस ने जोर पकड़ लिया है. केंद्र समेत तमाम राज्य सरकारों की नींद उड़ी हुई है. इस सबके बीच कोरोना संक्रमित रहे दो लोगों की मौत की खबर आई. ये भी पता चला कि ये दोनों मृतक ओमिक्रॉन की ही चपेट में आए थे. इस आधार पर कुछ मीडिया रिपोर्टों में इन्हें 'भारत में पहली संभावित ओमिक्रॉन डेथ' बता दिया गया. हालांकि, इन दोनों व्यक्तियों की मौत की प्राथमिक वजह ओमिक्रॉन वेरिएंट से होने वाले संक्रमण को नहीं बताया गया है. ऐसा सरकारों का कहना है. बताया गया है कि ये दोनों व्यक्ति पहले से दूसरी बीमारियों से ग्रसित थे. हालांकि इलाज के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. एक व्यक्ति तो ओमिक्रॉन से पूरी तरह से उबर भी चुका था. पुणे में एक मौत एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे में 28 दिसंबर को एक 52 साल के व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. मृतक हाल ही में नाइजीरिया से लौटा था. वो पिछले 13 साल से डायिबिटीज से पीड़ित था. मौत के बाद उसका कोविड टेस्ट किया गया. सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी (NIV) भेजा गया. रिपोर्ट में मृतक के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. हालांकि, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि व्यक्ति की मौत गैर-कोविड वजहों से हुई है. एक बयान जारी कर विभाग ने कहा,
"28 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ने से एक 52 साल के व्यक्ति की चिंचवाड़ नगरपालिका के यशवंतराव अस्पताल में मौत हो गई. व्यक्ति की ट्रैवेल हिस्ट्री नाइजीरिया की थी. मृतक 13 साल से डायबिटीज से ग्रसित था. उसकी मौत गैर-कोविड वजहों से हुई है. संयोग से NIV रिपोर्ट में पता चला कि उसको ओमिक्रॉन संक्रमण था."
उदयपुर में दूसरी मौत इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के उदयपुर जिला स्थित MBGH अस्पताल में 31 दिसंबर की सुबह एक व्यक्ति की मौत हो गई. पता चला है कि मृतक ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हुआ था. बाद में उसकी दो कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आई थीं. इस पीड़ित को कोविड वैक्सीन के दोनों भी डोज लग चुके थे. लेकिन 30 दिसंबर को अचानक से उसकी हालत बिगड़ गई. रिपोर्ट के मुताबिक, इस मृतक को 15 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसमें निमोनिया जैसे लक्षण दिख रहे थे. सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. इसी दिन उसकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी. हालांकि, उसके कोविड सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग नहीं हुई थी. MBGH अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर आर एल सुमन ने बताया,
"21 दिसंबर को व्यक्ति की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आ गई. 25 दिसंबर को जीनोम सीक्वेसिंग रिपोर्ट में पता चला कि वो ओमिक्रॉन से संक्रमित है. इसी दिन उसका एक और कोविड सैंपल लिया गया. उसकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई. उसके बाद हमने उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया. सांस लेने में व्यक्ति को दिक्कत हुई थी, जिसे देखते हुए उसे बाइपैप मास्क के जरिए ऑक्सीजन दी गई. फिर 30 दिसंबर की रात को अचानक से उसकी हालत बिगड़ गई. जिसकी वजह से उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया. लेकिन उसका ऑक्सीजन स्तर लगातार गिरता गया. 31 दिसंबर की सुबह उसकी मौत हो गई."
उदयपुर के चीफ मेडिकल ऑफिसर दिनेश खराड़ी ने इस मरीज के ओमिक्रॉन से मरने की आशंका को खारिज किया है. उन्होंने बताया कि मृतक डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हाइपोथॉयरोडिज्म से पीड़ित था. चीफ मेडिकल ऑफिसर के मुताबिक ऐसा लगता है कि उसकी मौत कोविड के बाद होने वाले निमोनिया से हुई है. इस आधार पर इसे पोस्ट कोविड डेथ करार दिया गया है.

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