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छत्तीसगढ़ के स्ट्रॉन्ग रूम में लैपटॉप-मोबाइल के साथ क्या कर रहे थे 3 लोग?

तो क्या ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है!

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7 दिसंबर 2018 (अपडेटेड: 7 दिसंबर 2018, 05:56 PM IST)
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एक एक्टिविस्ट की कोशिशों के चलते इन लोगों को गिरफ्तार किया जा सका.
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छत्तीसगढ़ में चुनाव खत्म हो चुके हैं. दो फेज़ में चुनाव हुए. नतीजा 11 दिसंबर को आएगा. ये सभी को मालूम है कि देश में चुनाव ईवीएम पर होता है. वही ईवीएम जिसमें हर चुनाव के बाद कांग्रेस धांधली का राग अलापती रहती है. और भाजपा हर बार इसे नौटंकी करार देती है. इस बार छतीसगढ़ में एक सीरियस मामला हुआ है. हुआ ये कि एक स्ट्रांग रूम में (स्ट्रांग रूम क्या होता है, ये हम अभी बताएंगे) 3 लोग मिले. इनके पास कोई भी आईडी नहीं थी. यानी इन्हें यहां मौजूद होने की कोई परमिशन नहीं थी. पूछा गया तो इन्होंने बताया कि ये जियो में काम करते हैं और कमरे में मोबाइल सिग्नल चेक करने के लिए आए थे. इन तीन लोगों के पास से लैपटॉप भी मिला है. कांग्रेस इसमें बड़ी धांधली की आशंका ज़ाहिर कर रही है. बता दिया जाए कि ये वाक़या 6 दिसंबर का है. यानी नतीज़े आने से ठीक 5 दिन पहले का. अब बारी स्ट्रांग रूम की. क्या होता है ये? ये एक कमरा होता है जिसमें मतदान हो जाने के बाद से लेकर काउंटिंग तक ईवीएम और VVPAT मशीनें रखी जाती हैं. इस रूम को स्ट्रांग इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें बिना अनुमति प्रवेश मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है. यही नामुमकिन काम तीन लोगों ने कर दिखाया और एक कांग्रेस एक्टिविस्ट की बदौलत धराये गए. ये स्ट्रांग रूम कहां था जहां कथित जियो कर्मचारी पहुंच गए? ये था महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, धरमपुरा, जगदलपुर में. छत्तीसगढ़ कांग्रेस आनन-फानन में स्टेट हाई कोर्ट पहुंच गई और उसने ये मांग की कि अदालत तुरंत ही इलेक्शन कमीशन को निर्देश दे कि वो इस पूरे मामले की जांच करे और उचित न्याय हो. भाजपा इसे लगातार एक नाटक ही बता रही है. राजस्थान में चुनाव ख़त्म हुए और इसी के साथ सारी ईवीएम मशीनें अपने अपने निर्धारित स्ट्रांग रूम में पहुंचा दी गई है जहां कोई धांधली नहीं हो रही है. कम से कम ऐसी आशा तो की ही जा सकती है. क्योंकि हाल ही में मध्य प्रदेश चुनावों के बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियोज़ आए थे जिसमें देखा जा सकता था कि मतदान के पूरे कार्यक्रम से जुड़े कई कर्मचारी और अफ़सर ईवीएम मशीनों समेत ऐसी जगह से बरामद हुए थे जहां उन्हें नहीं होना चाहिए था. एक भद्रजन तो जिस होटल में रुके मिले वो किसी भाजपा नेता या उनसे जुड़े किसी अन्य भद्रजन का बताया गया. हांलाकि अपनी सफाई में पकड़े गए सज्जन ने कहा कि रात में ठण्ड और अन्य तकलीफों से बचने की खातिर उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा. इस पूरे दौरान 11 तारीख का हर किसी को इंतज़ार है क्योंकि इसी रोज़ 5 राज्यों यानी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिज़ोरम और तेलंगाना की सीएम कुर्सी पर कौन बैठेगा, मालूम चलेगा. एग्ज़िट पोल्स क्या कह रहे हैं, इसे आप लल्लनटॉप के यूट्यूब चैनल या फेसबुक पेज पर वीडियो सेक्शन में अपनी मोबाइल या कम्प्यूटर स्क्रीन पर देख सकते हैं.

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