तंजील अहमद की वाइफ ने AIIMS में ली आखिरी सांस
3 अप्रैल को हुए हमले में फरजाना को लगी थी गोली. मर्डर केस का मास्टरमाइंड मुनीर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर.
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फोटो - thelallantop
एनआईए ऑफिसर तंज़ील अहमद मर्डर केस में पुलिस की जांच जारी है. मर्डर का मास्टरमाइंड मुनीर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. लेकिन इन सबके बीच तंजील अहमद की पत्नी फरजाना की दिल्ली के एम्स अस्पताल में मौत हो गई. 3 अप्रैल को हुए हमले में फरजाना बुरी तरह से जख्मी हुई थीं. पुलिस ने मुनीर का पता बताने पर इनाम 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है.
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इससे पहले एनआईए ऑफिसर तंज़ील अहमद के मर्डर केस में उत्तर प्रदेश पुलिस ने रेयान और जुनेल को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस की पूछताछ में रेयान ने खुलासा किया कि मुनीर ने तंजील को गोली मारी थी. मुनीर ही तंजील मर्डर का मास्टरमाइंड था.
यूपी पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि रेयान ने बताया कि मुनीर ने तंजील की गाड़ी को ओवरटेक कर मारी थी गोली. बरेली के IG विजय मीणा ने कहा, 'हत्या के पीछे आतंकी साजिश होने का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है.' हालांकि यूपी पुलिस ने तंजील के मुखबरी करने के आरोप पर कुछ भी कहने से इंकार किया. पुलिस ने कहा, तंजील की हत्या के पीछे मेन मकसद क्या था, ये मुनीर की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी तरह से कंफर्म हो पाएगा.
पुलिस ने बताया, 'रेयान अपने पापा के साथ एक शादी में था. वहीं मुनीर ने रेयान से मुलाकात कर उसे ब्लैक शर्ट और पिस्टल सौंपी. इसके बाद दोनों ने तंजील के वहां आने का इंतजार किया. जब तंजील अपनी फैमिली के साथ वहां आए, तो मुनीर और रेयान ने उनका पीछा किया. अभी तक मिली डिटेल्स को वैरिफाई और कंफर्म कर लिया गया है.' बताते हैं कि मुनीर तंजील के मुखबरी करने का बदला लेना चाहता था. तंजील को गोली मारते वक्त मुनीर ने चिल्लाकर कहा था, 'और कर मुखबरी.'
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रेयान ने पूछताछ में बताया कि वो तंजील से मुश्किल दिनों में मदद न करने को लेकर नाराज था. दिल्ली के जामिया नगर में एक प्रॉपर्टी केस को सुलटाने को लेकर भी तंजील ने मदद नहीं की थी. बता दें कि मुनीर अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस ने उसके लिए 50 हज़ार के इनाम का ऐलान कर दिया गया है. मुनीर पर इससे पहले भी अलीगढ़ में कई आपराधिक केस दर्ज हैं.
पुलिस ने बताया कि धामपुर में दिसंबर 2015 में 91 लाख रुपये की लूट हुई थी. इस लूट में मुनीर और रिजवान शामिल थे. इस चोरी के बाद ये लोग मुनीर के घर दिल्ली आकर रुके थे. पुलिस ने इससे पहले सौ से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की थी. बीते शुक्रवार मीडिया में खबर ये भी थी कि कुछ लोगों को अरेस्ट भी किया गया है लेकिन बाद में पुलिस ने इस बात को नकार दिया.तंज़ील अहमद की 3 अप्रैल को गोली मार के हत्या कर दी गयी थी. वो उस वक़्त अपनी बीवी और बच्चे के साथ बिजनौर से एक शादी का फंक्शन अटेंड करके वापस आ रहे थे. उन्हें गोली मारने वाले 3 लोग एक मोटरसाइकिल से आये थे. उन दिनों तंज़ील अहमद इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े केस की जांच कर रहे थे. पहले इसे आतंकी घटना कहा जा रहा था लेकिन बाद में मालूम चला कि इसके पीछे संपत्ति और पैसे के लेन-देन से जुड़ा झगड़ा है.

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