चाचा ने रेडियो बंद नहीं किया, भतीजों ने जान ले ली
65 साल के उस आदमी ने अपनी जान गंवा दी, गलती सिर्फ इतनी कि रेडियो पर खबर सुन रहा था.
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
उत्तरप्रदेश में जिला है फतेहपुर. वहां के गाजीपुर थाना क्षेत्र के इलाके बडनपुर की बात है. 65 साल के रामसजीवन अपने घर पर थे. रेडियो पर समाचार सुन रहे थे. उनके भतीजे आए. दो भतीजे रामनजर और बलराम. भगवान जाने काहे चलता हुआ रेडियो उनको अखर गया. बोले रेडियो बंद कर दो. चाचा रामसजीवन ने मनाकर दिया.
इतनी सी बात थी, लेकिन 65 साल के उस सयाने आदमी को इसी बात पर उसके दोनों जवान भतीजों ने पीटना शुरू कर दिया. लाठी-डंडों से इतना पीटा कि उनकी मौत हो गई. रामसजीवन के बेटे रविन्द्र को किसी ने फोन पर बताया. वो दौड़े-दौड़े पहुंचे, लेकिन तब तक रामसजीवन की जान चली गई.
बाद में पुलिस पहुंची दोनों भतीजे पकडे भी गए. लेकिन एक बात आप सोचिए, कितना आसान हो गया है न किसी की जान लेना. क्या उन भतीजों को कभी उस चाचा ने गोदी में न खिलाया रहा होगा. ऐसा भी तो हो सकता है कि पहली बार रेडियो भी उनने उस चाचा का ही छुआ रहा हो. गांवों में घर-परिवार और जमीन-जायदाद के बहुत मामले बनते हैं. हो सकता है उसको लेकर खटास रही हो, पर ये क्या कि जान ही ले लो. शहरों के मुकाबले गांवों को बड़ा रोमैन्टिसाइज किया जाता है. रिश्तों की, परिवार की बात की जाती है, देख लीजिए. ये भी एक गांव ही था.

