एजेंडा क्या है भाई? ये सवाल बुधवार शाम ट्विटर पर फैला रहा. ट्विटर पर कुछ भीमौजूद नहीं होता. वो सिर्फ़ फैलता है. कल ये फैला. वन रैंक वन पेंशन स्कीम में हुईअनदेखी से नाराज़ पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल ने सुसाइड कर लिया. जिसके बाद सरकारपर सवाल उठने लगे. इधर बयान तो उधर बयान. बयानबाजी चालू रही. बड़ी देर तक. अरविन्दकेजरीवाल और राहुल गांधी भी न्यूज़ में रहे. केजरीवाल और राहुल गांधी, दोनों कोगिरफ़्तार किया गया. ट्वीट शुरू हुए. सोशल मीडिया कहां से पीछे रहता? मामला चालूहुआ. और फिर दोनों ओर की सेनाएं भिड़ गयीं. ये सोचकर कि अगले को नीचा दिखाना ही है.दोनों टीमें एक दूसरे के खिलाफ़ जुटी हुई थीं. इसी बीच एक पैटर्न नजर आया. उन लोगोंका पैटर्न जो वन रैंक वन पेंशन मामले में सरकार को डिफेंड कर रहे थे. और पैटर्नबेहद मजेदार. एक ही जैसे ट्वीट्स. एक ही जैसे क्या, लगभग एक ही ट्वीट्स. मानो कोईसेना काम कर रही हो. जिन्हें सर्कुलर जारी किया गया हो. जिसमें दिया हो कि ऐसा ऐसाकरना है. और उन्होंने वैसा ही वैसा कर दिया. बस गलती ये की कि कॉपी पेस्ट कर दिया.थोड़ी क्रियेटिविटी दिखाते तो बात चल पड़ती. इसमें को-ऑर्डिनेशन की कमी लगती है. आजसमझ में आ गया शिब्बू मामा काहे को-ऑर्डिनेशन पर इतना जोर देते हैं. हुआ ये किट्विटर आर्मी ने एक के बाद एक ट्वीट करने शुरू किये. वन रैंक वन पेंशन की सक्सेसस्टोरी की दुहाई संलग्न थी. सभी गवाह बने हुए थे. लेकिन आपस में बातचीत नहीं की.सबने वही एक चीज़ पेल दी. शुरुआत हुई शिखा भट्टाचार्या से.गवाह 1ट्विटर पर @crackwit नाम का हैंडल है. कहने लगीं कि 'न मालूम काहे की कुकुरझौं-झौं हो रही है. मेरे पति की पेंशन तो लगभग डबल हो चुकी है.' शिखा जी के बारेमें बता दें कि ये दुबई में रहती हैं. ट्वीट देखिये: समय बीता. लोग उत्सुक हुए.इनकी प्रोफाइल खंगाली गयी. एक और सामान मिला. मसाले से लैस. ठीक 14 दिन पहले शिखाजी के हसबैंड की पेंशन 25% बढ़ी हुई थी. इन 14 दिनों में उनके हसबैंड की पेंशन लगभग75% और बढ़ गयी. कमाल है! मैं भी दुबई शिफ्ट हो जाता हूं. हालांकि इनकी प्रोफाइल सेये ट्वीट डिलीट किया जा चुका है.गवाह 2अब यहां से शुरू हुई गड़बड़ी. एक जने थे सुबोध श्रीवास्तव. बिना सोचे समझे ट्वीट सटादिया. कहने लगे मेरे हसबैंड की पेंशन डबल हुई है. हाय राम! मोदी जी के देश में सेमसेक्स मैरिज! हाय राम!गवाह 3अब आये सामने मिस्टर चिराग. इनके साथ भी अच्छा काम हुआ. नेक काम हुआ. इनके भाई कीपेंशन लगभग डबल हो गयी. बाकी सब एकदम सेम टू सेम. मजेदार बात ये कि इन्होंने एकट्वीट नहीं किया. धकापेल ट्वीट पर ट्वीट.गवाह 4आओ दुल्हन अब आगे बढ़ो जी. क्यूंकि है बारी बनर्जी जी की. सबके दिल में इनका राज.कॉपी पेस्ट इनका अंदाज! इनके दोस्त के पिता की पेंशन बढ़ी थी. देखें:--------------------------------------------------------------------------------स्टोरी की तहकीकात - एजेंडा क्या है?तो ये थी सक्सेस स्टोरी जो चली बुधवार को ट्विटर पर. अब इसमें छानबीन करते हैं. कुछचीज़ें इनमें कॉमन हैं: 1. WTF is wrong? ये सभी ट्वीट्स में लिखा हुआ है. WTF में Fकिस मुद्दे को उठाता है, हम सभी उससे अनभिज्ञ नहीं हैं. 2. Agenda kya hai bhai? येभी सभी ट्वीट्स में लिखा है. और इसी कारण Agenda kya hai bhai? ट्विटर पर ट्रेंडकरता हुआ मिला. मगर इसी बीच एक आदमी मिला. एकदम भौंचक. मन तो किया इसको सीआइडी मेंभेज दें. इतिहास में पहली बार कोई एसीपी प्रद्युम्न को टक्कर दे रहा था. नाम हैअमित ठाकुर. उसने बिलकुल ग्राउंड लेवल पर जाकर तफ्तीश की और ढूंढ निकाला कि आखिरएजेंडा है क्या. शिखा के पति की पेंशन लगभग डबल हुई थी. वैष्णवी के दोस्त के पिताकी पेंशन लगभग डबल हुई थी. चिराग के भाई की पेंशन लगभग डबल हुई थी. सुबोध के पति कीपेंशन लगभग डबल हुई थी. इस क्रम में जनाब अमित ठाकुर ने अपनी बुद्धि भिड़ाई और सारीमिस्ट्री सॉल्व कर डाली. उनके मुताबिक़ - "शिखा भट्टाचार्य का पति, चिराग का भाई हैजो वैष्णवी बैनर्जी के दोस्त का बाप है और जिसकी बीवी का नाम सुबोध श्रीवास्तवहै." [facebook_embedded_posthref="https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10208223946456077&set=a.1643023115179.2086193.1224882637&type=3&theater"]-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ें:OROP के लिए सुसाइड करने वाले फ़ौजी ने जहर खाने के पांच मिनट बाद किया था आखिरी कॉलराहुल गांधी, फौज के साथ सबसे बड़ा धोखा आपके मम्मी, पापा और दादी ने किया है