तुर्की-सीरिया भूकंप: अब तक 21 हजार शव मिले, NDRF ने 6 साल की बच्ची को बचाया
अकेले तुर्की में मृतकों की संख्या 17 हजार 500 हो गई है जो 1999 में आए भूकंप में मारे गए लोगों से ज्यादा है.

तुर्की और सीरिया में भूकंप से हुई मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या 21 हजार के पार चली गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहले ही आशंका जताई थी कि इस आपदा में 20 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है. WHO का पूर्वानुमान सही था. लेकिन ऐसा लग रहा है कि मौतों की संख्या इस अनुमान से भी कहीं ज्यादा हो सकती है.
रिपोर्टों के मुताबिक अब तक अकेले तुर्की में लगभग 17500 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 72 हजार 800 लोग घायल हैं. वहीं सीरिया में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3300 के करीब पहुंच गई है (Tukey Syria Death Toll). दोनों देशों में मौत का कुल आंकड़ा 2011 के जापान भूकंप और सूनामी से भी ज्यादा हो गया है. उस तबाही में 18 हजार 400 लोगों की जान गई थी.
इससे पहले 1999 में आए भयानक भूकंप के चलते तुर्की और सीरिया में 17 हजार लोग मारे गए थे. इस बार मृतकों की संख्या उस आंकड़े से काफी आगे निकल गई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की की बोयाजीची यूनिवर्सिटी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि भूकंप के केंद्र काहरामानमारस में करीब 40 फीसद इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं.
संकट के इस समय में तुर्की की मदद के लिए दुनियाभर के 70 देश आगे आए हैं. इनमें भारत भी शामिल है. भारत सरकार के 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत सेना और NDRF की टीमें मलबे में फंसे लोगों को तलाश रही हैं. वहां इस वक्त कड़ाके की ठंड है. बचाव दल के लोग चौबीसों घंटे मोर्चा संभाले हुए हैं. भूकंप प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना ने फील्ड हॉस्पिटल बना लिए हैं, जहां बिना रुके घायलों का इलाज किया जा रहा है.
NDRF की तीन टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सर्च एंड रेस्क्यू कार्यों को अंजाम दे रही हैं. उनके पास पत्थर काटने के औजार, सर्चिंग इक्विपमेंट सहित कई तरह के अत्याधुनिक उपकरण हैं, जिनसे राहत एवं बचाव कार्यों में मदद मिल रही है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुर्की में राहत और बचाव में जुटी भारतीय सेना और NDRF की हौसलाअफजाई की. उन्होंने ट्वीट कर कहा-
हमें NDRF पर गर्व है. तुर्की में रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय रेस्क्यू टीम ने गांजियाटेप से छह साल की बच्ची बेरेन को मलबे से बाहर निकाला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देश के तहत हम NDRF को दुनिया की सबसे अग्रणी डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
भारत के अलावा रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इजरायल और युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन ने भी तुर्की-सीरिया को मदद भेजी है.
बीती 6 फरवरी को 24 घंटे के अंदर तुर्की में तीन भूकंप आए थे. इनकी तीव्रता 7.8, 7.5 और 6.0 मैग्नीट्यूड मापी गई थी. पहले भूकंप का केंद्र गजियांटेप, दूसरे का काहरामानमारस और तीसरे का गोकसुन इलाका था. तुर्की में 1999 के बाद आया ये अब तक का सबसे जानलेवा भूकंप है.
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