111 सरकारी नौकरियों में जनरल को बस 4 सीटें क्यों दी गईं?
सच जानकर इसका विरोध कर रहे लोगों की बोलती बंद हो जाएगी.
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LNJP हॉस्पीटल का यह नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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सोशल मीडिया पर एक नोटिफिकेशन का फोटो वायरल हो रहा है. यह नोटिफिकेशन दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश हॉस्पीटल का है. जो 16 अलग-अलग डिपार्टमेंट में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स की नियुक्ति के लिए जारी किया है. इस नोटिफिकेशन में सभी 16 डिपार्टमेंट्स में 111 डॉक्टर्स की पोस्ट के लिए वॉक-इन इंटरव्यू होने हैं. 111 पोस्ट में जनरल या अनरिजर्व कैटेगिरी की चार सीटें, ओबीसी कैटेगिरी की 64 सीटें, एससी की 28 सीटें और एसटी की 15 सीटें हैं.
अब लोग इस नोटिफिकेशन पर सवाल उठा रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि यह जनरल कैटेगिरी वालों के साथ अन्याय है. किसी ने लिखा कि ये जनरल कैटेगिरी वालों के लिए अभिशाप की तरह है. यह फोटो जमकर शेयर किया जाने लगा.
भारत में जो रिजर्वेशन व्यवस्था लागू है उसमें 49.5% सीटें ही अलग-अलग कैटेगिरी के लिए रिजर्व होती हैं. इसके अलावा बची हुई सीटें अनरिजर्व होती हैं जिसे जनरल कैटेगिरी भी कहा जाता है. इसलिए हमने एलएनजेपी हॉस्पीटल प्रशासन से बात की.
सबसे पहले हमने इस नोटिफिकेशन के बारे में पूछा कि ये सच है या फेक. इस पर उन्होंने बताया कि नोटिफिकेशन सही है. 20 अप्रैल 2018 को रिक्रूटमेंट का नोटिफिकेशन निकाला था. रिक्रूटमेंट के बारे में पूछने पर बताया कि यह एक रेगुलर प्रोसेस है जो हर महीने होता है. नोटिफिकेशन में रिजर्वेशन के हिसाब से पोस्ट न होने पर जवाब दिया कि हर डिपार्टमेंट में पोस्ट की संख्या फिक्स होती है. लेकिन बीच में डॉक्टर नौकरी छोड़कर चले जाते हैं. ऐसे में जरूरी नहीं की नौकरी छोड़ने वाले सब डॉक्टर एक कैटेगिरी के हों. ऐसे में उस कैटेगिरी की खाली सीटों को ही इंटरव्यू से भरा जाता है.
दिल्ली का लोकनायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पीटल.
इसका मतलब यह हुआ कि जनरल के चार लोग के लिए ही जगह थी. इसलिए वहां चार पोस्ट के लिए भर्ती निकली. इसमें रिजर्वेशन पॉलिसी का पालन हुआ है.
नौकरी छोड़ने का प्रोसेस पूछने पर बताया कि नौकरी छोड़ने के लिए बस एक महीने पहले नोटिस दिया जाता है. एक महीना पूरा होने पर डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा सकता है. इसलिए हर महीने जगह निकालीं जाती हैं.
पड़ताल में ये बात पता चला कि इस नोटिफिकेशन में रिजर्वेशन में गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है. यह जगहें बस उपलब्धता के आधार पर निकाली गईं.
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This is an utter shameful example of India’s ‘KEEP THE RESERVED POLICY’
This is the plight if u are born Unreserved...
Posted by Ritwik Kaushik
on Thursday, June 14, 2018
picture says everything. A big SHAME for the system.
Posted by Debajyoti Gopal
on Tuesday, June 19, 2018
सबसे पहले हमने इस नोटिफिकेशन के बारे में पूछा कि ये सच है या फेक. इस पर उन्होंने बताया कि नोटिफिकेशन सही है. 20 अप्रैल 2018 को रिक्रूटमेंट का नोटिफिकेशन निकाला था. रिक्रूटमेंट के बारे में पूछने पर बताया कि यह एक रेगुलर प्रोसेस है जो हर महीने होता है. नोटिफिकेशन में रिजर्वेशन के हिसाब से पोस्ट न होने पर जवाब दिया कि हर डिपार्टमेंट में पोस्ट की संख्या फिक्स होती है. लेकिन बीच में डॉक्टर नौकरी छोड़कर चले जाते हैं. ऐसे में जरूरी नहीं की नौकरी छोड़ने वाले सब डॉक्टर एक कैटेगिरी के हों. ऐसे में उस कैटेगिरी की खाली सीटों को ही इंटरव्यू से भरा जाता है.
दिल्ली का लोकनायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पीटल.इसका मतलब यह हुआ कि जनरल के चार लोग के लिए ही जगह थी. इसलिए वहां चार पोस्ट के लिए भर्ती निकली. इसमें रिजर्वेशन पॉलिसी का पालन हुआ है.
नौकरी छोड़ने का प्रोसेस पूछने पर बताया कि नौकरी छोड़ने के लिए बस एक महीने पहले नोटिस दिया जाता है. एक महीना पूरा होने पर डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा सकता है. इसलिए हर महीने जगह निकालीं जाती हैं.
पड़ताल में ये बात पता चला कि इस नोटिफिकेशन में रिजर्वेशन में गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है. यह जगहें बस उपलब्धता के आधार पर निकाली गईं.
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