दाढ़ी-मूंछों वाली वो राजकुमारी, जिसके प्रेम में दसियों मर्दों ने जान दे दी थी!
कुछ कहते हैं उस वक़्त इसे सुंदरता मानते थे. मगर राजकुमारी इन सबसे बहुत ऊपर थी.
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कजर की राजकुमारी, जिनका बदसूरत होने के लिए सोशल मीडिया पर मजाक बनता है, असल में सुंदरता के पैमानों से बहुत ऊपर थीं.
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आज कल फेसबुक पर एक फोटो बहुत वायरल हो रही है. उस फोटो पर 'राज कुमारी कज़र. पर्शिया में ख़ूबसूरती की प्रतीक. 13 लड़कों ने अपनी जान दे दी क्योंकि उन्होंने उनसे शादी करने से इंकार कर दिया था' जैसा कुछ लिखा हुआ है. नीचे कुछ लोग कमेंट्स में अपनी साहित्यिक जानकारी बघार रहे हैं. कोई इनकी ख़ूबसूरती समझने में लगा है कोई समझाने में कि हर जगह ख़ूबसूरती के पैमाने अलग-अलग हैं. लेकिन मजे लेने वालों की संख्या इन सबसे ज़्यादा है. लोग अपने दोस्तों को टैग कर रहे हैं और फोटो का मजाक उड़ा रहे हैं. लेकिन ये आर्टिकल उस पोस्ट के एनालिसिस के बारे में नहीं बल्कि राजकुमारी ताज कज़र अल सुल्ताना के बारे में है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट. (सोर्स: फेसबुक)
1. क्या सच में 13 लड़कों ने इनकी 'ना' सुनकर आत्महत्या कर ली थी?
अब ये तो नहीं पता की 13 लोग इनके लिए मरे या नहीं. लेकिन ये पता लगा कि पर्शिया की राजकुमारी के शादी के बाहर भी कई पुरुषों के साथ अफेयर थे. उनके दो प्रेमियों के बारे में भी खबर लगी है. पहले हैं गुलाम-अली खान अज़ीज़-अल-सुल्तान जिन्हें राजकुमारी के पिता ने गोद लिया था. वो राजकुमारी की ओर पहले से आकर्षित थे लेकिन कज़र की बहन अख्तर अल दौला से शादी के बावजूद ताज से उनका मोह ख़त्म नहीं हुआ. वहीं दूसरे थे मशहूर ईरानी कवि आरिफ़ काज़िरी.

राजकुमारी के शादी के बाहर भी कई पुरुषों के साथ अफेयर थे
2. बच्चे पालने की पारंपरिक ईरानी तरीके से ताज को दिक्कत थी
समाज सुधारक महिलाओं के लिखे हुए बच्चों के पालन-पोषण के बारे लेख से प्रभावित होकर सुल्ताना ने अपने ही बचपन और लालन-पालन पर उंगली उठा दी. उन लेखों में महिलाओं पर ही बच्चों की सारी जिम्मेदारी होने की बात पर आपत्ति ज़ाहिर की गई थी. उनका कहना था कि महिलाएं ही क्यों अपने बच्चों का इमोशनल से लेकर फिजिकल लेवल तक ख्याल रखें. ऊपर से उन्हें देशभक्त नागरिक बनाने की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर लाद दी गई है.

ताज का पूछना था कि महिलाएं ही क्यों अपने बच्चों का इमोशनल से लेकर फिजिकल लेवल तक ख्याल रखें
हालांकि सुल्ताना की खुद की परवरिश बिलकुल रॉयल तरीके से हुई थी. उनकी देख-भाल के लिए बाकायदा नर्स से लेकर ट्यूटर तक की व्यवस्था की गई थी. उन्हें अपनी मां से हमेशा अलग रखा जाता और दिन में महज़ दो बार ही मिलने दिया जाता था. जब उनके पिता तेहरान में होते तब उनसे मिलने उन्हें दिन में एक बार ले जाया जाता था.
3.शादी और उससे जुड़ी समस्याएं
सुल्ताना की शादी 13 साल की उम्र में हो गई थी. ईरान में उस दौर में शादी के बाद अन्य पुरुष या महिलाओं से अफेयर होना बुरा नहीं मानते थे. सुल्ताना और उसके पति, दोनों के ही कई अफेयर थे. लेकिन बिना प्रोटेक्शन के कई लोगों से सेक्शुअल रिलेशन बनाने के कारण सुल्ताना को STD (sexually transmitted diseases यानी सेक्स की वजह से फैलने वाले रोग) हो गया.

कई अफेयर होने की वजह से इन्हें सांक्रामक सेक्स रोग हो गया था
ये बीमारी उनके होने वाले बच्चे तक भी न पहुंच जाए, इसलिए उन्हें अबॉर्शन करवाना पड़ा. इस अबॉर्शन का उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ा. लेकिन एक तरह से ये उनके लिए बेहतर ही साबित हुआ. इस मानसिक समस्या से बचने के डॉक्टर ने उन्हें ट्रेवल करने की सलाह दी. इस रूटीन लाइफस्टाइल से बाहर निकलने और यात्रा करने के बाद उनके महिलाओं के लिए किए जाने वाले कामों में इज़ाफा होने लगा. उन्हें कोई ज़्यादा काम नहीं होता इसलिए उनकी दिलचस्पी महिला संबंधी चीज़ों में बढ़ने लगी.
4. तीन बार की आत्महत्या करने की कोशिश
अपनी शादी में रहने के दौरान ही सुल्ताना ने तीन दफ़े आत्महत्या करने की कोशिश की. हालांकि उनकी शादी जल्द ही तलाक़ के थ्रू ख़त्म हो गई और उन्हने दोबारा शादी कर ली. लेकिन ये शादी भी वर्कआउट नहीं हो पा रही थी. इसके बाद उन्होंने अपने सभी प्रेमियों के दिल तोड़ते हुए या जान लेते हुए (जैसा फोटो पर लिखा हुआ है) सिंगल ही रहने का फैसला कर लिया.
उनके हर तरह के रिश्ते को गलत नज़र से देखा जाने लगा. चाहे वो दोस्ती हो या प्रेम. उन्हें लोग वेश्या के रूप में देखने लगे. उनका परदे में ना रहना भी आग में घी का काम करता रहा. उनका तलाक़ और महिला संस्थानों के साथ जुड़ाव शायद उनकी इसी इमेज की देन थी.
5. सब कुछ छिन गया
साहित्य और दर्शनशास्त्र पढ़ने का उनका सौभाग्य उनके लिए श्राप साबित होने लगा. उन्हें पढ़ने के दौरान ईरान में महिलाओं की हालत का पता चला तो वो बहुत दुखी रहने लगीं. उनका लेखन बहुत ही सीधा-सरल, निर्मोही और और राज परिवार के राज़ खोलने वाले होने लगे. महिलाओं के बारे में भी वो जो पढ़ती, बिना किसी डर के अपने लेखन में उतार देतीं.

अपने लेखन से शाही परिवार के राज़ खोल दिए थे
सुल्ताना का पश्चिमी कला और साहित्य से ख़ास लगाव था. जिसके लिए वो यूरोप जाना चाहती थीं. लेकिन वो अपनी सभ्यता से इतनी जुड़ी हुई थीं कि उनके अंधविश्वासों को भी आंख बंद करके फॉलो करती रहती थीं.
उनकी तीसरी शादी भी कुछ ठीक नहीं रही और एक बुरे मोड़ पर ख़त्म हुई. वो सिंगल ही मरीं. जब वो मरीं उस वक़्त उनकी मानसिक और आर्थिक, दोनों हालत खराब हो चुकी थीं.
6. बस फोटो रह गई

हार्वर्ड के सिलेबस में इनको पढ़ाया जाता है
सुल्ताना का ईरानी महिलाओं के बारे में अध्ययन आज भी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसी जगहों के लिए भी बहुत इंपॉर्टेंट है. लेकिन फिलहाल वो फेसबुक पर हंसी की पात्र बनी हुई हैं अपनी 'सुंदरता' और 'भद्देपन' की डिबेट को लेकर. लेकिन असल में राजकुमारी ताज अल कज़र सुल्ताना कितनी खूबसूरत हैं ये किसी को नहीं पता.
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट. (सोर्स: फेसबुक)
1. क्या सच में 13 लड़कों ने इनकी 'ना' सुनकर आत्महत्या कर ली थी?
अब ये तो नहीं पता की 13 लोग इनके लिए मरे या नहीं. लेकिन ये पता लगा कि पर्शिया की राजकुमारी के शादी के बाहर भी कई पुरुषों के साथ अफेयर थे. उनके दो प्रेमियों के बारे में भी खबर लगी है. पहले हैं गुलाम-अली खान अज़ीज़-अल-सुल्तान जिन्हें राजकुमारी के पिता ने गोद लिया था. वो राजकुमारी की ओर पहले से आकर्षित थे लेकिन कज़र की बहन अख्तर अल दौला से शादी के बावजूद ताज से उनका मोह ख़त्म नहीं हुआ. वहीं दूसरे थे मशहूर ईरानी कवि आरिफ़ काज़िरी.

राजकुमारी के शादी के बाहर भी कई पुरुषों के साथ अफेयर थे
2. बच्चे पालने की पारंपरिक ईरानी तरीके से ताज को दिक्कत थी
समाज सुधारक महिलाओं के लिखे हुए बच्चों के पालन-पोषण के बारे लेख से प्रभावित होकर सुल्ताना ने अपने ही बचपन और लालन-पालन पर उंगली उठा दी. उन लेखों में महिलाओं पर ही बच्चों की सारी जिम्मेदारी होने की बात पर आपत्ति ज़ाहिर की गई थी. उनका कहना था कि महिलाएं ही क्यों अपने बच्चों का इमोशनल से लेकर फिजिकल लेवल तक ख्याल रखें. ऊपर से उन्हें देशभक्त नागरिक बनाने की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर लाद दी गई है.

ताज का पूछना था कि महिलाएं ही क्यों अपने बच्चों का इमोशनल से लेकर फिजिकल लेवल तक ख्याल रखें
हालांकि सुल्ताना की खुद की परवरिश बिलकुल रॉयल तरीके से हुई थी. उनकी देख-भाल के लिए बाकायदा नर्स से लेकर ट्यूटर तक की व्यवस्था की गई थी. उन्हें अपनी मां से हमेशा अलग रखा जाता और दिन में महज़ दो बार ही मिलने दिया जाता था. जब उनके पिता तेहरान में होते तब उनसे मिलने उन्हें दिन में एक बार ले जाया जाता था.
3.शादी और उससे जुड़ी समस्याएं
सुल्ताना की शादी 13 साल की उम्र में हो गई थी. ईरान में उस दौर में शादी के बाद अन्य पुरुष या महिलाओं से अफेयर होना बुरा नहीं मानते थे. सुल्ताना और उसके पति, दोनों के ही कई अफेयर थे. लेकिन बिना प्रोटेक्शन के कई लोगों से सेक्शुअल रिलेशन बनाने के कारण सुल्ताना को STD (sexually transmitted diseases यानी सेक्स की वजह से फैलने वाले रोग) हो गया.

कई अफेयर होने की वजह से इन्हें सांक्रामक सेक्स रोग हो गया था
ये बीमारी उनके होने वाले बच्चे तक भी न पहुंच जाए, इसलिए उन्हें अबॉर्शन करवाना पड़ा. इस अबॉर्शन का उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ा. लेकिन एक तरह से ये उनके लिए बेहतर ही साबित हुआ. इस मानसिक समस्या से बचने के डॉक्टर ने उन्हें ट्रेवल करने की सलाह दी. इस रूटीन लाइफस्टाइल से बाहर निकलने और यात्रा करने के बाद उनके महिलाओं के लिए किए जाने वाले कामों में इज़ाफा होने लगा. उन्हें कोई ज़्यादा काम नहीं होता इसलिए उनकी दिलचस्पी महिला संबंधी चीज़ों में बढ़ने लगी.
4. तीन बार की आत्महत्या करने की कोशिश
अपनी शादी में रहने के दौरान ही सुल्ताना ने तीन दफ़े आत्महत्या करने की कोशिश की. हालांकि उनकी शादी जल्द ही तलाक़ के थ्रू ख़त्म हो गई और उन्हने दोबारा शादी कर ली. लेकिन ये शादी भी वर्कआउट नहीं हो पा रही थी. इसके बाद उन्होंने अपने सभी प्रेमियों के दिल तोड़ते हुए या जान लेते हुए (जैसा फोटो पर लिखा हुआ है) सिंगल ही रहने का फैसला कर लिया.
उनके हर तरह के रिश्ते को गलत नज़र से देखा जाने लगा. चाहे वो दोस्ती हो या प्रेम. उन्हें लोग वेश्या के रूप में देखने लगे. उनका परदे में ना रहना भी आग में घी का काम करता रहा. उनका तलाक़ और महिला संस्थानों के साथ जुड़ाव शायद उनकी इसी इमेज की देन थी.
5. सब कुछ छिन गया
साहित्य और दर्शनशास्त्र पढ़ने का उनका सौभाग्य उनके लिए श्राप साबित होने लगा. उन्हें पढ़ने के दौरान ईरान में महिलाओं की हालत का पता चला तो वो बहुत दुखी रहने लगीं. उनका लेखन बहुत ही सीधा-सरल, निर्मोही और और राज परिवार के राज़ खोलने वाले होने लगे. महिलाओं के बारे में भी वो जो पढ़ती, बिना किसी डर के अपने लेखन में उतार देतीं.

अपने लेखन से शाही परिवार के राज़ खोल दिए थे
सुल्ताना का पश्चिमी कला और साहित्य से ख़ास लगाव था. जिसके लिए वो यूरोप जाना चाहती थीं. लेकिन वो अपनी सभ्यता से इतनी जुड़ी हुई थीं कि उनके अंधविश्वासों को भी आंख बंद करके फॉलो करती रहती थीं.
उनकी तीसरी शादी भी कुछ ठीक नहीं रही और एक बुरे मोड़ पर ख़त्म हुई. वो सिंगल ही मरीं. जब वो मरीं उस वक़्त उनकी मानसिक और आर्थिक, दोनों हालत खराब हो चुकी थीं.
6. बस फोटो रह गई

हार्वर्ड के सिलेबस में इनको पढ़ाया जाता है
सुल्ताना का ईरानी महिलाओं के बारे में अध्ययन आज भी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसी जगहों के लिए भी बहुत इंपॉर्टेंट है. लेकिन फिलहाल वो फेसबुक पर हंसी की पात्र बनी हुई हैं अपनी 'सुंदरता' और 'भद्देपन' की डिबेट को लेकर. लेकिन असल में राजकुमारी ताज अल कज़र सुल्ताना कितनी खूबसूरत हैं ये किसी को नहीं पता.
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