इस वक्त आदमी को खाने को खाना भले न मिले, पीने को पानी भले न मिले, इनकी जगह बसफुल चार्ज 4G फोन और जियो सिम मिल जाए. जिसके बस में है, वो 4G फोन खरीद ले रहा है.लेकिन जियो सिम पर सबका बस नहीं चल रहा है. लोग घंटों लाइन लगा रहे हैं. ऐसे मेंकोई कंपनी घर तक जियो सिम पहुंचाने का वादा करे, तो वो किसी देवदूत से कम नहींहोगी. ऐसी ही एक कंपनी आई. इस कंपनी ने सिम पाने के लिए बस आसान से 3 स्टेप बताए.1. फ्री सिम का ऑनलाइन फॉर्म भरो. 2. बतौर डिलिवरी चार्ज 199 रुपए डेबिट कार्ड,क्रेडिट कार्ड या नेटबैंकिंग से जमा करो. 3. सिम 7-10 दिन में घर पर पहुंच जाएगा.बस सिम लेते वक्त अड्रेस प्रूफ की फोटोकॉपी, आइडेंटिटी प्रूफ की फोटोकॉपी और एकफोटो दे दो. सुनने में ऐसा लग रहा है कि जैसे किसी ने स्वर्ग का शॉर्टकट बता दियाहो. इस कंपनी का नाम है एवनबिज़. आज के जमाने में मात्र 199 रुपए लेकर जियो सिम घरतक पहुंचाने की नेकी करने वाली इस कंपनी की खबर फैलते कितनी देर लगनी थी.बड़ों-बड़ों ने इसकी खबर छापी. फेसबुक पर भी डाला और लोग लपक पड़े. लेकिन ये साइटखोलने पर मिला क्या... तो हुआ क्या? दरअसल कुछ दिनों पहले ही aonebiz.in नाम कीवेबसाइट बनी. वेबसाइट जिनके नाम, फोन नंबर और ईमेल के साथ इस फानी दुनिया मेंअवतरित हुई, उनका नाम है मयूर. लेकिन मयूर इस कंपनी के मालिक नहीं हैं. न ही इसकंपनी में काम करते हैं. मयूर एक वेब डेवलपर हैं और उन्होंने केवल वेबसाइट डेवलपकरने का काम किया है. मयूर ने बताया कि कंपनी की तरफ से उनका वास्ता अभिषेक सेज्यादा था. अभिषेक का उनके पास आना-जाना लगा रहता था. लेकिन बाद में अभिषेक उसकंपनी में रह नहीं गए. मयूर ने कंपनी के मालिक का नाम राजसिंह सूर्यवंशी बताया.मयूर को कंपनी से पता चला था कि उनका रिलांयस से कोई कॉन्ट्रैक्ट हुआ है, जिसके तहतउन्हें 10 लाख सिम मिलने हैं. हालांकि मयूर ने ये भी बताया कि करीब 5 दिन पहलेरिलायंस के किसी बड़े अफसर का उनके पास फोन आया था. वो ये पूछ रहे थे कि फ्री मेंमिलने वाले सिम के लिए कंपनी 199 रुपए क्यों चार्ज कर रही है. इसके अलावा मयूर कोउनकी बात से ऐसा नहीं लगा कि उस कंपनी और रिलायंस का कोई कॉन्ट्रैक्ट हो. मयूर सेवेबसाइट बनवाते वक्त कंपनी की ईमेल आईडी, फोन नंबर और अड्रेस का इस्तेमाल नहीं कियागया, जो भारी शक पैदा करता है. मयूर ने वेबसाइट बनाकर कंपनी के हवाले कर दी. बादमें वेबसाइट में थोड़ा काम और करने को कहा गया, तो मयूर ने पहले पैसे मांगे क्योंकिवो कंपनी की तरफ से केवल अभिषेक को जानते थे, जो अब कंपनी में रह नहीं गए थे. उनकेऔर कंपनी के बीच पेमेंट का काफी इशू था. अभिषेक के बाद कंपनी की तरफ से मयूर कीबातचीत रमन से होती थी. अभिषेक और रमन दोनों के फोन नंबर फिलहाल बंद हैं. औरवेबसाइट भी खुल नहीं रही है. बहरहाल जिस चीज की मांग होती है, उससे जुड़े स्कैमसबसे ज्यादा होते हैं. अभी ये साफ नहीं है कि इस कंपनी का क्या मामला है.लेकिन जियो के नाम पर घपलेबाजों की कमी नहीं है. इसे जानने के लिए आप ये पढ़ सकतेहैं - सावधान! जियो सिम के नाम पर ये लोग आपको मूर्ख बना रहे हैं--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ लीजिए: मैं इन 8 वजहों से रिलायंस जियो 4G सिम के 4 टुकड़े करके फेंकनेवाला हूं इन लोगों की चली तो रिलायंस जियो 4G बंद हो जाएगाबिना 4G वाले मोबाइल में भी रिलायंस जियो चलाने का नया जुगाड़क्या आपके जियो की 4G स्पीड कम हो गई है? आओ बढ़वा देंरिलायंस जियो 4G के चाहने वालों को उसका ये डेटा जरूर देखना चाहिएजियो से टक्कर के लिए ये कंपनी दे रही है लाइफटाइम फ्री टॉकटाइम व्हाट्एप ने अब तकका सबसे वाहियात फीचर लॉन्च कर दिया है जियो रे रिलायंस के लाला! JIO के बारे मेंसारी बातें यहां जानिए रिलायंस JIO 4G से ये 5 काम करेंगे जुगाड़ू इंडियन एयरटेलबोले JIO से: तुमसे न हो पाएगा जियो सिम छोड़ो, रेल का टिकट ले लो, वहां भी 4Gमिलेगा