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ट्रंप को नोबेल प्राइज क्यों देना चाहता है पाकिस्तान

ट्रंप मुसलमानों के खिलाफ विवादित बयान दे चुके हैं, फिर भी ऐसा क्यों करना चाहता है ये देश?

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ट्रंप और पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़. symbolic image
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पंडित असगर
16 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 15 नवंबर 2016, 03:39 AM IST)
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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान पूरी तरह घबराया हुआ है. बार बार वो कश्मीर के मसले को उछाला देता है. उसकी घबराहट का आलम ये है कि अब उसने अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप को नोबेल दिए जाने की बात कही है. वो भी कश्मीर मामले को सुलझाने के लिए. ऐसा पाकिस्तान ने इसलिए कहा है क्योंकि इंडिया कश्मीर मसले पर किसी तीसरे की दखल अंदाजी का विरोध करता आया है. इसलिए ही पाकिस्तान ने ट्रंप के वो विवादित बयान भी भुला दिए, जो उन्होंने मुसलमानों और इस्लाम को लेकर दिए. और बाद में हंगामा भी हुआ.
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अक्टूबर में जब ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार में जुटे थे तब उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि इंडिया और पाकिस्तान के बीच बेहद नफरत है. अगर वो राष्ट्रपति बन जाते हैं तो इंडिया और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने एक अहम किरदार अदा करना चाहेंगे. तब ट्रंप ने कहा था, 'मैं पाकिस्‍तान और भारत को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता हूं, क्‍योंकि यह मसला काफी गर्म है. दोनों साथ आएंगे तो यह काफी अच्छा होगा. मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा कर सकते हैं' ट्रंप के इसी बयान पर अजीज से जब सवाल पूछा गया था. इसके जवाब में अजीज ने कहा कि अगर डॉनल्‍ड ट्रंप इस मामले में दखल देते हैं तो पाकिस्‍तान उनके इस कदम का स्‍वागत करेगा.

पाकिस्तान हार्ट ऑफ़ एशिया कांफ्रेंस में शिरकत करेगा

सरताज अजीज ने कहा कि 3 दिसंबर को इंडिया में हार्ट ऑफ़ एशिया कांफ्रेंस होने वाली है. इसमें पाकिस्तान भी शिरकत करेगा. उन्होंने कहा कि वो खुद कांफ्रेंस में जाएंगे. कॉन्‍फ्रेंस अमृतसर में होगी. उन्‍होंने कहा, 'जिस तरह से इंडिया ने सार्क सम्मेलन में शामिल नही हुआ और इसे कैंसल करवा दिया. पाकिस्तान ऐसा नहीं करेगा बल्कि पाकिस्‍तान हार्ट ऑफ एशिया में शामिल होकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करेगा.' उन्होंने ये भी कहा अगर इंडिया बातचीत करना चाहता है तो हालात को देखते हुए इस बात पर फैसला किया जाएगा.

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