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जवाबी टैरिफ लगाते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने भारत के लिए क्या कहा?

ट्रंप का कहना है कि ये कदम उन देशों के खिलाफ उठाया जा रहा है जिनकी 'अमेरिका के लिए उचित व्यापार नीतियां नहीं' हैं.

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ट्रंप ने कहा कि उनके इस कदम से अमेरिका को बहुत फायदा होगा. (India Today)
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सौरभ
5 मार्च 2025 (Published: 06:25 PM IST)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि 2 अप्रैल से अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी टैरिफ (reciprocal tariffs) लगाए जाएंगे. वे जिन देशों की बात कर रहे थे उनमें भारत भी शामिल है. डॉनल्ड ट्रंप के अनुसार, ये कदम उन देशों के खिलाफ उठाया जा रहा है जिनकी 'अमेरिका के लिए उचित व्यापार नीतियां नहीं" हैं.

ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका में आयात होने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लागू हो चुका है. और चीनी वस्तुओं पर शुल्क दोगुना कर 20% कर दिया गया है. ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को अपने पहले संयुक्त संबोधन में कहा,

"दूसरे देश दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ लगा रहे हैं, और अब हमारी बारी है कि हम भी उन देशों पर टैरिफ लगाना शुरू करें. औसतन, यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और कई अन्य देश हम पर बहुत अधिक टैरिफ लगाते हैं, जबकि हम उन पर कम शुल्क लगाते हैं. यह बेहद अनुचित है."

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा,

"भारत हम पर 100% से अधिक टैरिफ लगाता है, चीन हमारे उत्पादों पर दोगुना टैरिफ लगाता है, और दक्षिण कोरिया का औसत टैरिफ हमसे चार गुना ज्यादा है. यह सिर्फ दुश्मन देशों की बात नहीं है, हमारे दोस्त भी ऐसा ही कर रहे हैं. यह सिस्टम अमेरिका के लिए कभी भी न्यायसंगत नहीं रहा."

ट्रंप ने कहा कि 2 अप्रैल से जवाबी टैरिफ (reciprocal tariffs) लागू होंगे. जितना वे हम पर टैक्स लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे. ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि वे इस घोषणा को 1 अप्रैल को नहीं करना चाहते थे, क्योंकि वह 'अप्रैल फूल डे' होता है.

ट्रंप ने आगे कहा,

"अगर हमारे व्यापारिक साझेदार हमें अपने बाजार से बाहर रखने के लिए गैर-आर्थिक (non-monetary) टैरिफ का इस्तेमाल करते हैं, तो हम भी अपने बाजार से उन्हें बाहर रखने के लिए ऐसे ही गैर-आर्थिक अवरोध लगाएंगे."

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कदम से अमेरिका खरबों डॉलर कमाएगा और ऐसे रोजगार पैदा होंगे, जैसा पहले कभी नहीं हुआ. इसके साथ ही, उन्होंने जोर देते हुए कहा, "दशकों से हर देश ने हमें लूटा है, लेकिन अब हम ऐसा और नहीं होने देंगे."

पिछले महीने, ट्रंप ने अपनी प्रशासनिक टीम को निर्देश दिया था कि वे सभी व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी टैरिफ (reciprocal tariffs) लगाने की योजना की जांच करें, जो 1 अप्रैल तक पूरी होने की उम्मीद है. अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी, उन्होंने दूसरे देशों की कथित अनुचित व्यापार नीतियों को खत्म करने का वादा किया था.

4 मार्च को आधी रात के तुरंत बाद, ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 25% टैरिफ लागू कर दिया, हालांकि कनाडाई ऊर्जा उत्पादों पर यह शुल्क 10% तक सीमित रखा गया. इसके अलावा, उन्होंने पिछले महीने चीनी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को दोगुना कर 20% कर दिया.

इसके जवाब में, अमेरिका के तीन सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों कनाडा, मेक्सिको और चीन ने भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी व्यापारिक प्रतिबंधों की घोषणा की है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने घोषणा की कि उनकी सरकार 21 दिनों के भीतर 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के अमेरिकी सामानों पर टैरिफ लगाएगी. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने भी कहा कि वह 9 मार्च को अमेरिका के नए करों के जवाब में जवाबी टैरिफ लागू करेंगी.

इस बीच, चीन ने 15% तक का टैरिफ तो लगाया ही, साथ ही अमेरिकी कृषि उत्पादों पर प्रतिबंध बढ़ा दिए और दो दर्जन से अधिक अमेरिकी कंपनियों को निर्यात नियंत्रण और अन्य प्रतिबंधों के दायरे में डाल दिया.

वीडियो: ट्रंप ने यूक्रेन को दी जा रही मदद को रोकी? अब कैसे जंग लड़ेगा यूक्रेन?

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