होर्मुज में कार्गो जहाज पर हमला, ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कह दिया?
Trump Iran strike Hormuz: ओमन तट के पास एक कार्गो जहाज पर हमला हुआ था. ब्रिटिश मिलिट्री ने घटना की जानकारी दी थी. ये भी बताया कि हमले में किसी के मरने की खबर नहीं है. अब मामले पर राष्ट्रपति ट्रंप का बयान आया है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए एक कार्गो जहाज पर हमला हुआ था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमले का जिम्मेदार ईरान को ठहराया. उन्होंने कहा कि यह सीजफायर का एक ‘फूलिश वॉयलेशन’ यानी ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ था. यह घटनाक्रम ऐसे नाजुक समय पर हुआ जब अमेरिका और ईरान जंग का अंत करने के लिए बात कर रहे हैं.
राष्ट्रपति ने घटना को लेकर ट्रूथ सोशल पर लिखा,
"इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार 'वन-वे अटैक ड्रोन' दागे. इनमें से एक ड्रोन ने सामान ढोने वाले एक बड़े और बहुत महंगे जहाज के ऊपरी डेक पर जोरदार टक्कर मारी.
ट्रंप ने आगे लिखा,
इससे नुकसान तो हुआ, लेकिन जहाज अपना सफर जारी रखने में कामयाब रहा. हमने तीन अन्य ड्रोन मार गिराए. ये हमारे युद्धविराम समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है.

राष्ट्रपति ने ये नहीं बताया कि हमला किस जहाज पर हुआ लेकिन गुरुवार, 26 जून को ब्रिटिश सेना ने बताया था कि ओमान के तट के पास एक जहाज पर किसी प्रोजेक्टाइल (हथियार) से हमला हुआ है. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि जहाज को नुकसान पहुंचा है लेकिन इस हमले में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. यह हमला ऐसे समय हुआ जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जहाजों को बिना अनुमति के होर्मुज को पार करने के खिलाफ चेतावनी दी थी.
ऑपरेशन के बीच हुआ जहाज पर हमलाइंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन होर्मुज में फंसे हुए जहाजों को बाहर निकालने के लिए अभियान चला रही थी. मगर कार्गो शिप पर हमले के बाद ऑपरेशन रोक दिया गया है. उनका कहना है कि जब तक इस बात की गारंटी नहीं मिल जाती कि दूसरे जहाजों पर हमला नहीं होगा, तब तक यह काम फिर से शुरू नहीं किया जाएगा. न्यूज एजेंसी AP ने एजेंसी के सेक्रेटरी-जनरल आर्सेनियो डोमिंग्वेज के हवाले से बताया कि हाल के दिनों में लगभग 115 जहाज उस स्ट्रेट से निकल पाए, जबकि लगभग 500 जहाज अभी भी उस इलाके में मौजूद हैं.
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शिपिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि ड्रोन हमले ने खाड़ी में फंसे जहाजों के निकलने और कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों के बढ़ते प्रवाह पर खतरे का साया डाल दिया है. अमेरिका और ईरान अभी भी समझौते की शर्तों पर बातचीत कर रहे हैं. इसमें होर्मुज से जहाजों को गुजारने और ईरान के हाइली एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार के भविष्य से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि अमेरिका इस घटना का जवाब कैसे देगा या देगा भी या नहीं.
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