ट्रंप का दावा, 'सुनीता विलियम्स को बाइडन सरकार ने स्पेस में छोड़ा', वापसी का जिम्मा मस्क को दिया
सुनीता विलियम्स और विल्मर जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए थे. मिशन सिर्फ 8-10 दिन का था, लेकिन कैप्सूल के थ्रस्टर खराब हो गए और हीलियम लीक होने लगा. सितंबर 2024 में NASA को स्टारलाइनर को खाली वापस लाना पड़ा, लेकिन दोनों एस्ट्रॉनॉट वहीं रह गए.

अंतरिक्ष में 10 दिन के मिशन पर गए NASA के दो एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विलमर को वहां रहते हुए 7 महीने हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर फंसे इन दो एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाने की जिम्मेदारी अब एलन मस्क की SpaceX को सौंपी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर लिखा,
ट्रंप के बयान के बाद एलन मस्क ने भी X पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा,
दरअसल, सुनीता विलियम्स और विल्मर जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से ISS गए थे. मिशन सिर्फ 8-10 दिन का था, लेकिन कैप्सूल के थ्रस्टर खराब हो गए और हीलियम लीक होने लगा. सितंबर 2024 में NASA को स्टारलाइनर को खाली वापस लाना पड़ा, लेकिन दोनों एस्ट्रॉनॉट वहीं रह गए.
सितंबर में ही SpaceX का Crew Dragon स्पेसक्राफ्ट भेजा गया था, जिसमें दो खाली सीटें थीं, ताकि सुनीता विलियम्स और विल्मर को वापस लाया जा सके. लेकिन मिशन फरवरी 2025 के लिए टल गया और अब इसे मार्च 2025 के अंत तक बढ़ा दिया गया है.
ISS पर लंबे समय तक रहने की वजह से सुनीता विलियम्स के वजन कम होने की चर्चाएं थीं. हाल ही में आई तस्वीरों में ऐसा लगा कि वह दुबली हो गई हैं. हालांकि, नवंबर 2024 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था,
अगर Williams और Wilmore को वाकई में मार्च 2025 के अंत में वापस लाया जाता है, तो वो लगभग 300 दिन अंतरिक्ष में बिता चुके होंगे. SpaceX Crew-10 मिशन अब उनके रिप्लेसमेंट क्रू को ISS पर भेजने की तैयारी कर रहा है.
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