अब ट्रांसजेंडर ले सकेंगे ओलिंपिक खेलों में हिस्सा
इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी ने जारी कीं नई गाइडलाइन्स
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Source: Reuters
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ट्रांसजेंडर एथलीट अब ओलिंपिक खेलों में बिना सेक्स चेंज सर्जरी के हिस्सा ले पाएंगे. और ये नियम लागू हो सकता है 2016 में रिओ डी जेनेरियो में होने वाले ओलिंपिक खेलों से. ऐसा लिखा है इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी यानी IOC की नई गाइडलाइन्स में.
एक टाइम था जब ट्रांसजेंडर ओलिंपिक में हिस्सा नहीं ले सकते थे. फिर 2004 में नियम बदल गए. पर हिस्सा लेने के लिए ट्रांसजेंडर लोगों को जेंडर री-असाइनमेंट सर्जरी करानी पड़ती थी. यानी अगर फीमेल-टू-मेल ट्रांसजेंडर है तो सर्जरी और हॉर्मोन की मदद से मर्दों जैसी शक्ल और शरीर करवाना पड़ता था. लेकिन नई गाइडलाइन्स के हिसाब से ये नियम बदल सकता है. और ट्रांसजेंडर बिना किसी सेक्स-चेंज सर्जरी के खेलों में हिस्सा ले सकते हैं.
IOC ने अपने दिशा निर्देशों को रिवाइज करते हुए कहा कि ओलिंपिक खेलों में ट्रांसजेंडर लोगों को मौका देना 'फेयर कॉम्पटीशन' होगा. और खेलों में हिस्सा लेने के लिए सेक्स चेंज सर्जरी कराना ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों के खिलाफ होगा. नई गाइडलाइन्स के मुताबिक फीमेल टू मेल ट्रांसजेंडर बिना किसी टेस्ट के हिस्सा ले सकते हैं. और मेल टू फीमेल को अपना टेस्टोस्टेरोन लेवल 10 से कम साबित करना होगा.

