The Lallantop
Advertisement

निजी गाड़ी पर बत्ती, मनमानी, दुर्व्यवहार जैसे आरोपों के बाद पहली बार बोलीं IAS पूजा खेडकर

Pooja Khedkar 2023 बैच की IAS हैं. ख़बरों में हैं, क्योंकि उन पर अपने पद का दुरुपयोग करने और अनुचित बर्ताव के गंभीर आरोप लगे हैं. अपनी निजी गाड़ी (ऑडी) पर सायरन, VIP नंबर प्लेट और ‘महाराष्ट्र सरकार’ का स्टिकर. इन चीज़ों के चलते पूजा चर्चा में आई थीं.

Advertisement
ias pooja khedkar reaction
ट्रांसफर के चौथे दिन पूजा खेडकर ने वाशिम में अपना पदभार संभाल लिया है. (फ़ोटो - सोशल)
font-size
Small
Medium
Large
11 जुलाई 2024
Updated: 11 जुलाई 2024 17:22 IST
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के बीच प्रशिक्षु IAS अफ़सर पूजा खेडकर ने पहली बार मीडिया से बात की है. उन्होंने कहा है कि उन्हें इस मामले में बोलने का अधिकार नहीं है और महाराष्ट्र के वाशिम में उन्हें जो नई ज़िम्मेदारी दी गई है, वो उसके लिए उत्सुक हैं (Pooja Khedkar first statement).

पूजा, 2023 बैच की IAS हैं. ख़बरों में हैं, क्योंकि उन पर अपने पद का दुरुपयोग करने और अनुचित बर्ताव के गंभीर आरोप लगे हैं. अपनी निजी गाड़ी (ऑडी) पर सायरन, VIP नंबर प्लेट और ‘महाराष्ट्र सरकार’ का स्टिकर. इन चीज़ों के चलते पूजा चर्चा में आई थीं. बाद में तो यहां तक ख़बर आई कि उन्होंने मुंबई में अपने सीनियर का चेंबर ‘क़ब्ज़ा’ लिया था. वहां अपने नाम का बोर्ड चस्पा कर दिया था. दफ़्तर का फ़र्नीचर हटा दिया और लेटरहेड मांगने लगीं.

जूनियर या प्रोबेशनरी IAS अफ़सरों को ऐसी सुविधा नहीं मिलती. मीडिया रिपोर्ट्स कहती हैं कि उनके पिता - जो एक रिटायर्ड IAS अधिकारी थे - उन्होंने कथित तौर पर उनकी मांग के लिए सोर्स लगाया था. 

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव मंत्रालय को रिपोर्ट दी गई और ट्रेनी IAS का तबादला कर दिया गया. उन्हें वाशिम भेजा जा रहा है. 

ये भी पढ़ें - 110 एकड़ जमीन, दुकानें, फ्लैट्स, गाड़ियां... IAS पूजा खेडकर मामले के इन खुलासों ने हंगामा मचा दिया है!

आज, 11 जुलाई को पूजा ने वाशिम में अपना पदभार संभाला. इस मौक़े पर उन्होंने पहली बार मीडिया से बातचीत भी की. जब पूजा खेडकर से उनके ख़िलाफ़ चल रही चर्चाओं और आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों पर बोलने के लिए वो अधिकृत नहीं हैं. प्रतिक्रिया के लिए ज़ोर डाले जाने पर उन्होंने कहा,

"सरकारी नियम मुझे इस मामले पर कुछ भी बोलने की इजाज़त नहीं देते. इसलिए खेद है, मैं बोल नहीं सकती… मैं वाशिम जिले में जाने पर बहुत ख़ुश हूं और यहां काम करने के लिए उत्सुक हूं."

इस विवाद में अब प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO की एंट्री हो गई है. PMO ने पुणे कलेक्टर से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है. इसके अलावा सिविल सर्विसेज़ के कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग देने वाली लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) ने भी महाराष्ट्र सरकार से पूजा खेडकर की रिपोर्ट मांगी है. लबासना की फ़ाइनल रिपोर्ट संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजी जाएगी.

वीडियो: ट्रेनी IAS पूजा खेडकर के बारे में अब क्या पता चला?

thumbnail

Advertisement

Advertisement