'7 महीने में 19 रेल हादसे, फिर भी ट्रैक मेनटेनेंस खर्च में कटौती'- रेलवे पर ये रिपोर्ट पढ़ चिंता होगी!
Train Accidents: राज्य सभा के आंकड़ों से पता चलता है कि रेल दुर्घटनाओं में भी पटरी से उतरना सबसे आम हादसा है. 2021-22 में 27 हादसे रिकॉर्ड किए गए थे, 2022-23 में 36. ये दुर्घटनाएं आम तौर पर ख़राब मेनटेनेंस वाली पटरियों, ऑपरेशन संबंधी चूक, पुराने सिग्नल सिस्टम, जलवायु जैसी वजहों से होती हैं.

साल के सात महीने गुज़रे हैं और अभी तक 19 रेल दुर्घटनाएं (Train Accidents) हो चुकी हैं. इसकी वजह से कई जानें गई हैं, इनफ़्रास्ट्रक्चर का बहुत नुक़सान हुआ है. एक तरफ़ इससे मौजूदा पटरियों और गाड़ियों की स्थिति पर सवाल उठे हैं, लेकिन एक विश्लेषण से पता चलता है कि रेलवे के बढ़ते राजस्व के बावजूद, ट्रैक के मेनटेनेंस (Train Track Maintenance) पर ख़र्च कम हुआ है.
बजट में कटौती?अकेले जुलाई में ही चार रेल दुर्घटनाएं हुई हैं. बुधवार, 31 जुलाई को पश्चिम बंगाल के रंगपानी रेलवे स्टेशन के पास एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे. 29 जुलाई को झारखंड में हावड़ा-मुंबई ट्रेन पटरी से उतर गई, दो लोगों की मौत हो गई और 20 घायल. 18 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गोंडा में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस पटरी से उतर गई. इसमें दो लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए.
राज्य सभा के आंकड़ों से पता चलता है कि रेल दुर्घटनाओं में भी पटरी से उतरना सबसे आम हादसा है. 2021-22 में 27 हादसे रिकॉर्ड किए गए थे, 2022-23 में 36. ये दुर्घटनाएं आम तौर पर ख़राब मेनटेनेंस वाली पटरियों, ऑपरेशन संबंधी चूक और पुराने सिग्नल सिस्टम जैसी वजहों से होती हैं.
बिज़नेस लाइन की एक समीक्षा के मुताबिक़, कुल पूंजीगत व्यय (total capital expense) बढ़ने के बावजूद पटरियों के नवीनीकरण (रिन्यू) का हिस्सा घट रहा है. 2022-23 में रेलवे का राजस्व ₹1.2 लाख करोड़ था और ट्रैक नवीनीकरण के लिए 13.5 प्रतिशत. वित्त वर्ष '24 में रेलवे राजस्व तो बढ़कर ₹1.5 लाख करोड़ हो गया, लेकिन ट्रैक पर ख़र्च राजस्व के 11 फ़ीसदी पर आ गया. पिछले हफ़्ते जो बजट पेश किया गया, उसके मुताबिक़ वित्त वर्ष 25 में ट्रैक्स पर ख़र्च रेलवे राजस्व के 9.7 प्रतिशत पर आ गिरा है.
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दिसंबर, 2022 में एक रिपोर्ट छपी थी: ‘डीरेलमेंट पर नियंत्रक व महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट’. इसमें भी साफ़ कहा गया है कि ट्रैक नवीनीकरण में निवेश कम हो रहा है.
रिपोर्ट में इन घटनाओं के 24 कारकों की पहचान की गई है. ट्रैक मेनटेनेंस, ट्रैक मापदंडों का तय सीमा से ज़्यादा डेविएशन और कोच-वैगनों में दोष, इनके कुछ प्रमुख कारण है.
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