कश्मीर घाटी में बुधवार शाम से हो रहे हिमस्खलनों में सैनिकों के दबने के बाद चलायागया रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है. सेना ने आज सुबह बयान जारी करके ये जानकारीदी. आज बर्फ में दबे चार सैनिकों के शव निकाले गए. इसके साथ हादसों में मरने वालोंफौजियों की संख्या अब 15 तक पहुंच गई है. इनमें मेजर अमित सागर समेत 14 जवान शामिलहै.सोमवार, 23 जनवरी से ही पूरी कश्मीर घाटी में बर्फबारी और बारिश हो रही है. 25-26जनवरी को सेना की एक पॅट्रोल पार्टी और एक कैंप हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे,जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. आज सुबह सेना ने कहा कि ऑपरेशन पूरा हो गयाहै.सेना की 51 राष्ट्रीय राईफल्स का ये कैंप गुरेज़ की नीरू घाटी में था. हिमस्खलन कीचपेट में आई पॅट्रोल पार्टी भी इसी कैंप को लौट रही थी. गुरेज़, बांदिपोर मेंनियंत्रण रेखा के पास का एक इलाका है जो 2580 मीटर की ऊंचाई पर है. ये जनवरी केपहले हफ्ते से बाकी घाटी से कटा हुआ है. बुधवार शाम को यहां कई हिमस्खलन हुए. इनमेंसैनिकों के अलावा चार लोगों के मारे जाने की खबर है. सिंबॉलिक इमेजइससे पहले 26 जनवरी की सुबह 7 फौजियों को मलबे से ज़िंदा निकाल लिया गया था. लेकिनखराब मौसम में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बावजूद सबको बचाया नहीं जा सका. मौसम केखराब होने के कारण फिलहाल सैनिकों के शव श्रीनगर नहीं ले जाए सके हैं.इन हादसों ने फरवरी 2016 में सियाचिन में हुए उस हादसे की याद दिला दी जिसमेंहिमस्खलन में पूरी एक पोस्ट दब गई थी. 9 सैनिकों की तुरंत मौत हो गई थी. एक बेहदमुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक जवान लांस नायक हनुमनथप्पा को मलबे से गंभीरहालत में निकाला जा सका था. बाद में हनुमनथप्पा ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ेंःइनकी कुरबानी लांस नायक हनुमनथप्पा से कम नहींदिल्ली लाए गए सियाचिन के शहीदों के शवहनुमनथप्पा की सलामती के लिए नमाज, आरती और प्रार्थना