The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Tractor Parade: Samyukta Kisan Morcha issued statement distances itself from violent elements

ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर किसान नेताओं ने क्या कहा है?

संयुक्त किसान मोर्चा का बयान सामने आया है.

Advertisement
pic
26 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 26 जनवरी 2021, 12:19 PM IST)
Img The Lallantop
किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई. संयुक्त किसान मोर्चा ने इस हिंसा से खुद को अलग कर लिया है. (फोटो-PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली. इस परेड के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली. पुलिस और किसान दोनों को चोटें आई हैं. वहीं एक किसान की मौत की भी खबर है. कुछ इलाकों में रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवा को अस्थाई तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं किसान नेताओं ने इस हिंसा से खुद को अलग कर लिया है.
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है,
आज के किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों का धन्यवाद करते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की भी निंदा करते हैं और खेद जताते हैं जो आज घटित हुई हैं. ऐसे कृत्यों में लिप्त लोगों से खुद को अलग करते हैं. हमारे सभी प्रयासों के बावजूद, कुछ संगठनों और व्यक्तियों ने तय रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे. असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण आंदोलन में घुसपैठ की. हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा.छह महीने का लंबा संघर्ष और दिल्ली की सीमाओं पर 60 दिनों से अधिक का विरोध भी इस स्थिति का कारण बना.
बयान में आगे कहा गया है,
हम अपने आप को ऐसे सभी तत्वों से अलग करते हैं जिन्होंने हमारे अनुशासन का उल्लंघन किया. हम परेड के मार्ग और मानदंडों पर चलने के लिए सभी से अपील करते हैं. हम किसी भी हिंसक कार्रवाई या राष्ट्रीय प्रतीकों और गरिमा को प्रभावित करने वाली किसी भी चीज़ में लिप्त नहीं होते हैं. हम सभी से अपील करते हैं कि वे ऐसे किसी भी कृत्य से दूर रहें.
दिल्ली के लाल किले पर प्रदर्शनकारियों ने एकबारगी कब्जा कर लिया. यहां के दो पोल्स पर किसान प्रदर्शनकारियों ने यहां अपना झंडा फहरा दिया. एक प्रदर्शनकारी ने तो लालकिले के गुंबद पर भी झंडा लगा दिया. फिलहाल जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक किसान प्रदर्शनकारियों ने अपने झंडे उतार लिए हैं.
R Day: Kisan Gantantra Parade In Delhi
अक्षरधाम के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई. फोटो- PTI

ITO पर जमकर पत्थरबाजी हुई, पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन किसानों को रोका नहीं जा सका. किसान बहुत बड़ी संख्या में थे और उन्होंने ट्रैक्टरों को फुलस्पीड में चलाकर पुलिस को खदेड़ दिया. इसके बाद किसान लाल किले की ओर बढ़ गए.
R Day: Kisan Gantantra Parade In Delhi
किसानों ने रास्ते में आए हर बैरिकेट को हटा दिया. फोटो- PTI

किसानों को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली की इजाजत दी गई थी. किसान नेताओं ने पुलिस को भरोसा दिलाया था कि वे पूरी भीड़ को अनुशासन में रखेंगे. लेकिन किसान रैली के दौरान कहीं भी अनुशासन नहीं दिखाई दिया. सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर से किसानों के ट्रैक्टर अंदर आए. इन किसानों ने तय रूट्स का पालन नहीं किया और इस कारण दिल्ली में अराजकता का माहौल दिखाई दिया.
Farmers Tractor Rally Delhi
पुलिस ने कैंटरों के सहारे किसानों को रोकने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही. फोटो- PTI

बेकाबू हुए किसान आंदोलन के कारण मेट्रो सेवाओं को भी रोकना पड़ा. पुलिस ने आनन-फानन में 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट्स बंद कर दिए. दिल्ली के अक्षरधाम के पास भी काफी बवाल हुआ. इस बीच काफी निहंग सिख जो किसानों के समर्थन में यहां जमा हुए थे, उन्होंने पुलिस के खिलाफ तलवारें निकाल लीं. हालांकि पुलिस ने जैसे-तैसे करके हालात को संभाला.
R Day: Kisan Gantantra Parade In Delhi
ट्रैक्टरों की रफ्तार और करतबों के सामने पुलिसवाले बेबस दिखाई दिए. फोटो- PTI

किसानों ने अपने प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया. उन्होंने बसों और ट्रकों में भी तोड़फोड़ की साथ ही पुलिस वाहनों को भी अपने लपेटे में ले लिया. गाजीपुर बॉर्डर के पास प्रदर्शनकारियों ने लोहे के भारी भरकम बैरिकेड को उठाकर नाले में फेंक दिया. पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए भारी भरकम कंटेनर भी सड़कों पर लगाए थे लेकिन वो भी प्रदर्शनकारियों को रोक नहीं पाए.
Kisan Gantantra Parade In Delhi
किसानों का उग्र रूप इन तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है. फोटो- PTI

करनाल बाइपास पर तो किसानों का घुड़सवार दस्ता दिखाई दिया. पुलिस ने तमाम कोशिशें कीं लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक भी बात नहीं सुनी और दिल्ली में दाखिल हो गए. भीड़ इतनी भी, प्रदर्शन इस कदर उग्र था कि पुलिस चाह कर भी घंटों तक काबू नहीं कर सकी.
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि वो गणतंत्र दिवस मनाने आए हैं. शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे हैं और तय रुट से वापस आ जाएंगे. उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह अपनी जिद छोड़ दे और एक छोटी सी मांग मांग ले सब किसान अपने खेतों में चले जाएंगे.

Advertisement

Advertisement

()