दोस्तों के सिगरेट की तलब ने सिर में चिमनी लगा दी
तुम्हारा रूम मेट कहे कि हमारे साथ सिगरेट न पियो तो बात मान लेना. नहीं वो भी ऐसा कुछ कर लेगा.
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Source : Weibo
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स्मोकिंग इज इंजूरियस टू हेल्थ. हर सिगरेट के पैकेट पर लिखा होता है पर लोग फिर भी सुट्टा मारने से बाज नहीं आते. खुद का तो फेफड़ा-किडनी बर्बाद करते ही हैं अपनी इस आदत से. दूसरो को भी नहीं छोड़ते. बताओ जो सुट्टेबाज नहीं है उसको तो तकलीफ होगी ही न. ऐसे लोगों को अलग से जगह दी गई होती है. पर फिर भी सुट्टा तो वहीं सुलगाएंगे जहां चार लोगों को उससे तकलीफ हो.
चाइना की बात है. एक लड़के ने अपने रूममेट्स के सुट्टेबाजी की आदत से परेशान होकर चिमनी टाइप का एक डक्ट बनाया है. जिससे सुट्टे का धुंआ उस तक न पहुंचे. और वो आसानी से सांस ले पाए.

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शैनडियांगजिलिलियांग (नाम रटने के चक्कर में न पड़ो) नैनिंग का रहने वाला है. चाइना यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है. दूर से आया है इसलिए कॉलेज वालो ने उसको अपने कूल्हे टिकाने के लिए हॉस्टल में कमरा दे रखा है. अब कमरे में कइसे-कइसे लोग रूममेट्स होंगे ये तो साथ रहने के बाद ही पता चलता है.
शैनडियांगजिलिलियांग को भी रहने के बाद पता चला की उसके रूममेट्स सुट्टेबाज हैं. अब वो सुट्टा मारता नहीं था इसलिए उसे तकलीफ होती थी. मना किया होगा उसने अपने साथ वालों को कि कमरे में सुट्टा न मारे. पर लोग माने नहीं होंगे. बेचारा थक हार के खुद ही उसका उपाय निकाल लिया. चिमनी टाइप का एक डक्ट बनाया. गत्ते और पन्नी की मदद से. वो डक्ट वेंटीलेशन में लगे पंखे से जुड़ा है.

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जब भी शैन के कमरे के लोग सुट्टा जलाते हैं वो उस कार्टन को पहन लेता है और वेंटीलेशन पर लगे पंखे को ऑन कर लेता है. अब सोच रहे होंगे की इससे तो शैन का काम रूक जाता होगा. नहीं ऐसा कतई न होता. खोपड़िया में पहनने वाले कार्टन में चेहरे की तरफ ट्रांसपेरेंट पन्नी लगा है. जिससे सबकुछ लौकता है. वो भी साफ-साफ.
शैनडियांगजिलिलियांग की ये कलाकारी हॉस्टल में सबको पसंद आई. बस फिर क्या था, खच-खच खच-खच फोटो खींचने लगी. अब फोटो खींची है तो दूर तक तो जाएगी ही. उन लोगों ने शैनडियांगजिलिलियांग की फोटो वीबो पर डाल दी है. वो वायरल हो गया है. लोग कमेंट कर रहे हैं. और बतिया रहे हैं.

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एक ने लिखा कि सुट्टेबाजों को दूसरे के बारे में सोचना चाहिए. वहीं दूसरे ने लिखा कि कॉलेज फॉर्म में ही एक सेक्शन हो जिसमें लिखा हो कि कौन सुट्टा पीता है और कौन नहीं.
चाइना की बात है. एक लड़के ने अपने रूममेट्स के सुट्टेबाजी की आदत से परेशान होकर चिमनी टाइप का एक डक्ट बनाया है. जिससे सुट्टे का धुंआ उस तक न पहुंचे. और वो आसानी से सांस ले पाए.

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शैनडियांगजिलिलियांग (नाम रटने के चक्कर में न पड़ो) नैनिंग का रहने वाला है. चाइना यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है. दूर से आया है इसलिए कॉलेज वालो ने उसको अपने कूल्हे टिकाने के लिए हॉस्टल में कमरा दे रखा है. अब कमरे में कइसे-कइसे लोग रूममेट्स होंगे ये तो साथ रहने के बाद ही पता चलता है.
शैनडियांगजिलिलियांग को भी रहने के बाद पता चला की उसके रूममेट्स सुट्टेबाज हैं. अब वो सुट्टा मारता नहीं था इसलिए उसे तकलीफ होती थी. मना किया होगा उसने अपने साथ वालों को कि कमरे में सुट्टा न मारे. पर लोग माने नहीं होंगे. बेचारा थक हार के खुद ही उसका उपाय निकाल लिया. चिमनी टाइप का एक डक्ट बनाया. गत्ते और पन्नी की मदद से. वो डक्ट वेंटीलेशन में लगे पंखे से जुड़ा है.

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जब भी शैन के कमरे के लोग सुट्टा जलाते हैं वो उस कार्टन को पहन लेता है और वेंटीलेशन पर लगे पंखे को ऑन कर लेता है. अब सोच रहे होंगे की इससे तो शैन का काम रूक जाता होगा. नहीं ऐसा कतई न होता. खोपड़िया में पहनने वाले कार्टन में चेहरे की तरफ ट्रांसपेरेंट पन्नी लगा है. जिससे सबकुछ लौकता है. वो भी साफ-साफ.
शैनडियांगजिलिलियांग की ये कलाकारी हॉस्टल में सबको पसंद आई. बस फिर क्या था, खच-खच खच-खच फोटो खींचने लगी. अब फोटो खींची है तो दूर तक तो जाएगी ही. उन लोगों ने शैनडियांगजिलिलियांग की फोटो वीबो पर डाल दी है. वो वायरल हो गया है. लोग कमेंट कर रहे हैं. और बतिया रहे हैं.

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एक ने लिखा कि सुट्टेबाजों को दूसरे के बारे में सोचना चाहिए. वहीं दूसरे ने लिखा कि कॉलेज फॉर्म में ही एक सेक्शन हो जिसमें लिखा हो कि कौन सुट्टा पीता है और कौन नहीं.

