The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Tirupati prasad row deputy cm of andhra pawan kalyan fast for 11 days

तिरुपति मंदिर प्रसाद में चर्बी मिलने पर आंध्र के डिप्टी सीएम करेंगे पश्चाताप, 11 दिन के उपवास का एलान!

Tirupati Mandir 'प्रसादम' में कथित तौर पर चर्बी मिलने पर आंध्र के डिप्टी CM Pawan Kalyan 22 सितंबर से प्रायश्चित दीक्षा शुरू की है. वो 11 दिनों तक दीक्षा लेंगे.

Advertisement
pic
23 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 11:57 AM IST)
Pawan kalyan, Andhra, Tirupati prasad
पवन कल्याण रखेंगे 11 दिन का उपवास (फोटो: PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर (Tirupati Mandir) के 'प्रसादम' में कथित तौर पर जानवरों की चर्बी मिलाने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस मामले को लेकर पक्ष-विपक्ष की तरफ से लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है. 'प्रसादम' में कथित तौर पर चर्बी मिलने की बात पर आंध्र के डिप्टी CM पवन कल्याण (Pawan Kalyan on Tirupati Prasad) का रिएक्शन भी सामने आया है. पवन कल्याण ने इस घटना को लेकर 22 सितंबर से प्रायश्चित दीक्षा शुरू की है. वो 11 दिनों तक दीक्षा लेंगे.

पवन कल्याण के मुताबिक वो जगन मोहन रेड्डी की सरकार के दौरान हुई इस घटना से आहत महसूस कर रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसके बारे में एक पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा,

“हमारी संस्कृति, आस्था, विश्वास और श्रद्धा की धर्मधुरी, श्री तिरुपति बालाजी धाम के प्रसाद में जो अपवित्रता का संचार करने की कोशिश की गई, उससे मैं व्यक्तिगत तौर पर अंदर से अत्यंत छला गया महसूस कर रहा हूं. मैं ग्यारह दिवसीय उपवास हेतु धर्म संकल्पित हो रहा हूं. ग्यारह दिवसीय, प्रायश्चित दीक्षा के बाद एक और दो अक्टूबर को मैं तिरुपति जाकर प्रभु के साक्षात दर्शन कर, क्षमा प्रार्थी हो, विनती करूंगा और तब भगवन के समक्ष मेरे प्रायश्चित दीक्षा की पूर्णाहूति होगी.”

वहीं प्रसाद में कथित चर्बी मिलाने की बात को लेकर समाजवादी पार्टी नेता और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव का रिएक्शन भी सामने आया था. उन्होंने कहा कि इस घटना से देश भर के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचा है. लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि जब वे इस मंदिर में दर्शन के लिए गए थे तो उन्होंने प्रसाद के नाम पर गाय की चर्बी, मछली का तेल मिला लड्डू खाया. इससे हजारों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.

ये भी पढ़ें: तिरुपति मंदिर के प्रसाद में 'जानवरों की चर्बी'? एक क्लिक में जानिए पूरे विवाद की कहानी

मामला क्या है?

दरअसल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 18 सितंबर को आरोप लगाया कि पिछली YSRCP सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू प्रसादम बनाने में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया जाता था. YSRCP ने इस आरोप को “दुर्भावनापूर्ण” बताते हुए खारिज कर दिया और नायडू को सबूत पेश करने की चुनौती दी. 19 सितंबर को उस लैब की रिपोर्ट सामने आई जिसने तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी की जांच की थी. 

गुजरात के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के पशुधन और खाद्य विश्लेषण और अध्ययन केंद्र (CALF) प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया कि तिरुपति लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए घी में एनिमल फैट मौजूद था. रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि घी में गोमांस और मछली के तेल के अंश थे. साथ ही एक सेमी सॉलिड सफेद फैट मिला है जो सूअर की चर्बी को पिघलाकर मिलता है. जिसके बाद इसको लेकर काफी विवाद बढ़ गया. इस मामले की जांच के लिए 22 सितंबर को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया लैब टेस्ट 23 जुलाई को किया गया था. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पूरे विवाद पर रिपोर्ट मांगी है.

वीडियो: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले- 'प्रसाद में मिलावट हर मंदिर की कहानी...'

Advertisement

Advertisement

()