किसानों के समर्थन में लंदन में हजारों लोग सड़क पर उतरे, प्रवक्ता बोले- अलगाववादी फायदा उठा रहे
ब्रिटिश सांसदों ने भी आवाज़ उठाई थी.
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बाईं तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉली में टेंट लगाकर बैठे किसान, दाईं तरफ लंदन में प्रदर्शनकारी (तस्वीर: PTI/SikhPA on Twitter)
दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन को विदेश से भी समर्थन मिलने लगा है. 6 दिसंबर को इंग्लैंड के लंदन में प्रदर्शन हुए. इनमें ब्रिटिश सिखों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शन के दौरान ‘जस्टिस फॉर फार्मर्स’ के प्लैकार्ड दिखाए गए. प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में लंदन में भारतीय हाई कमीशन के बाहर जुटे थे. लंदन के ट्रैफलगर स्क्वायर के पास भी कई समूहों ने मार्च किया.
PTI में छपी रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय हाई कमीशन के एक प्रवक्ता ने बताया,London Kisaan Rally ✊🏽 #SpeakUpForFarmers #TakeBackFarmLaws #LondonKisaanRally #KisaanCarRally #istandwithfamers #farmersprotests #kisaanektazindabaad pic.twitter.com/JaWK5mRGTZ
— Punjab2000 (@Punjab2000music) December 6, 2020
‘हमारे हाई कमीशन ने संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाया हुआ है. और हम उनके साथ मिलकर उन मुद्दों पर बात करेंगे जो इस वक़्त हमारे सामने हैं. जैसे बिना परमिशन के ये हजारों की भीड़ कैसे इकठ्ठा हो गई. ये भी साफ़ हो गया है कि लोगों को इकठ्ठा करने का ये काम भारत विरोधी अलगाववादियों ने किया था. इन लोगों ने भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शन का फायदा उठाने की कोशिश की है. किसानों के समर्थन की आड़ में अपना भारत विरोधी एजेंडा चला रहे हैं’.पुलिस ने जानकारी दी कि 13 लोगों को कोविड 19 के प्रोटोकॉल्स तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. इनमें से चार लोगों को छोड़ दिया गया है. वहीं नौ अभी भी कस्टडी में हैं. दरअसल, कोविड प्रोटोकॉल के तहत लंदन में एक जगह पर 30 से ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना मना है.
ब्रिटेन और किसान प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश सांसद तनमनजीत सिंह देसी की अगुवाई में 36 ब्रिटिश सांसदों ने यूनाइटेड किंगडम के फॉरेन सेक्रेटरी डोमिनिक राब को चिट्ठी लिखी थी. ये सांसद प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में हैं. और इनकी मांग थी कि डोमिनिक राब भारत में अपने समकक्ष एस जयशंकर को इस संबंध में जानकारी दें. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, 6 दिसंबर को हुए इस प्रदर्शन में खालिस्तान के झंडे भी लहराए गए. NIA की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट पर मौजूद परमजीत सिंह पम्मा को भी इस प्रदर्शन में देखा गया. किसान प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? किसानों से जुड़े तीन नए कानूनों की वजह से. किसानों का मानना है कि ये कानून उनके हित में नहीं हैं और कॉर्पोरेट घरानों को मनमानी के लिए रास्ता देते हैं. किसान कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य का जिक्र न होने की वजह से भी नाराज़ हैं. इन कानूनों की वापसी को लेकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के किसान ‘दिल्ली चलो’ मार्च कर रहे हैं. उन्हें दिल्ली बॉर्डर पर रोका गया है. उन्हें रोकने के लिए बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है. किसानों की मांगों का पंजाब और राजस्थान की कांग्रेसी सरकारों ने समर्थन किया है. वहीं हरियाणा और उत्तर प्रदेश की बीजेपी की सरकार किसानों को भरोसा दिलाने में कामयाब नहीं हो पाई हैं. दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में 30 से ज्यादा संगठन शामिल बताए जा रहे हैं.#WATCH: London Police in full force giving protection to Indian High Commission while protestors raise anti-India slogans and some pro-farmer slogans. pic.twitter.com/AfFbZdhLbX
— ANI (@ANI) December 6, 2020

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