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UP में अब गुटखा खाने और कहीं भी पेशाब करने से पहले सौ बार सोचना... गजब बेइज्जती हो सकती है!

सरकार ने कह दिया है कि बहुत हो गया, अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे!

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7 मार्च 2023 (अपडेटेड: 7 मार्च 2023, 06:40 PM IST)
spitting gutkha in up now cause problem
सफाई को लेकर यूपी सरकार अब सख्त हो गई है | फोटो क्रेडिट- आज तक/यूट्यूब
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ना देखना चाहें तो भी दिख जाती हैं, शहरों की पान-मसाला से रंगी दीवारें. लेकिन, हो सकता है कि उत्तर प्रदेश में अब ऐसी दीवारें कम ही दिखें, क्योंकि भईया सरकार ने ठान लिया है कि हम दीवारें रंगने नहीं देंगे. और इसलिए सरकार ने नया अभियान चलाया है. इसके तहत शहर के ‘नो गार्बेज जोन’ में गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी. प्रदेश में सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर अब जुर्माना भी भरना होगा.

यह ऑर्डर ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की राज्य निदेशक नेहा शर्मा ने सोमवार, 6 फरवरी को दिया. शर्मा ने कहा कि यूपी के शहरों को 'गुड' से 'ग्रेट' की कैटेगरी में लाने की कोशिश लगातार चल रही है. उन्होंने बताया, 

"इस नए अभियान के तहत पब्लिक प्लेसेस पर पेशाब करने या थूकने को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

साथ ही संबंधित निकायों को भेजे निर्देश में कहा गया है कि सार्वजनिक जगहों पर थूकने, पेशाब करने, मल त्यागने के साथ ही दूसरी तरह से गंदगी फैलाने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा. खुले में थूकने वालों से जुर्माना तो लिया ही जाएगा, उन्हें ‘मिस्टर/मिस पीकू’ का टाइटल भी दिया जाएगा.

कितना जुर्माना?

नए नियमों के हिसाब से लोगों पर लगने वाले जुर्माने को उस नगर निगम की आबादी के अनुसार तय किया जाएगा. आदेश में कहा गया कि ऐसे निगम जिनकी आबादी 6 लाख या उससे ज्यादा है उनमें जुर्माने की राशि 250 रुपये होगी. वहीं, 6 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्र में 150 रुपये, नगर निगम पालिका में 100 रुपये और 50 रुपये की राशि नगर पंचायत के लिए निर्धारित की गई है.

जागरूकता फैलाने के लिए इस अभियान में ऑटो यूनियन के साथ मिलकर ऑटो रैली निकालने पर भी विचार किया जा रहा है. साथ ही ‘थूकना मना है’ अभियान में भाग लेने वाले लोगों को ई-सर्टिफिकेट और टी-शर्ट भी दिए जाएंगे. इसके अलावा G-20 समिट के कॉरिडोर में होर्डिंग्स लगाए जाएंगे, इनपर जुर्माने की राशि सहित कई जानकारियां लिखी होंगी.

स्वच्छ भारत अभियान को शुरुआती चरण में लखनऊ, आगरा और कानपुर जैसे कुछ शहरों में लागू किया गया था. जिसे अब सभी नगरीय क्षेत्रों में लागू कर दिया गया है. प्रदेश में अभी 7 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें हैं.

(यह खबर हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे शशांक ने लिखी है)

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