सहिष्णुता-असहिष्णुता का चक्कर सिर्फ हमारे यहां नहीं है. दुनिया का चौधरी बनकरफिरने वाला अमेरिका भी इससे जूझ रहा है. पेरिस हमले के बाद अमेरिका में मुसलमानोंपर हमले 3 गुना बढ़ गए हैं. नफरत का आलम ये है कि सिखों को भी मुसलमान समझकर उनसेबुरा बर्ताव किया जा रहा है. ऐसे में हरमीत सिंह फेसबुक पर कुछ लिखते हैं. ये बतानेको कि हम सिख हैं, जो अपनी दाढ़ी और पगड़ी में घूमते रहेंगे ताकि 'तुम' हमें आसानी सेपहचान सको. https://www.facebook.com/princeofpunjab/posts/१०१५३७७९९०३८८२४८५उन्होंने अपनी बात कही है, पोस्ट फेसबुक पर वायरल हो रही है, असर कर रही है. आप भीपढ़िए. "लोग कहते हैं कि एक औसत अमेरिकी को एक सिख और एक मुसलमान के बीच फर्क नहींमालूम होता. लोग मुझसे कहते हैं वे पगड़ियों को ISIS, तालिबान और बिन लादेन से जोड़तेहैं. पर मुझे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि 'डर' जैसा कोई शब्द सिखों को नहीं आता. हम सिखगलत पहचान का शिकार नहीं हैं, बल्कि हम वही कर रहे हैं जो हमारा फर्ज है. हमाराफर्ज है दुनिया से नफरत खत्म करना. दूसरों के हिस्से की भी. आप हमें जो समझते हैं,हम हैं नहीं. जो हम हैं, आप जानते नहीं. हमारी विरासत हमें टॉलरेंस, दुश्मन सेप्यार करना, समानता, अपना धर्म चुनने की आजादी और जिनसे हम असहमत होते हैं उनकी भीरक्षा करना सिखाता है. अमेरिका में जिन चीज़ों को प्रोग्रेसिव या लिबरल कहा जाता है,वो सिखों के जीने का तरीका है. और जीने का ही नहीं, इनके लिए सिख सैकड़ों सालों सेअपनी जान भी देता आ रहा है. हमारा इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है जब सिखों नेखुद के पहले दूसरों की जान बचाई, खुद से ज्यादा इंसानियत को अहमियत दी. हमें छोटीउम्र से ही सिखाया जाता है कि सिख होने के साथ कई जिम्मेदारियां आती हैं. चुनौतियांआती हैं. जिनके लिए हम तैयार रहते हैं. जितनी चुनौतियां तुम्हारी नफरत हमें दे सकतीहै, हम उससे ज्यादा के ले तैयार हैं. हमने अपने पुरखों से सीखा है कि नफरत टिकतीनहीं. और अंत में प्रेम की जीत होती है. हम पर हमले कर के तुम्हें ताकतवर महसूसहोता होगा. पर हर वार के साथ हम और मजबूत होते हैं. अपनी छोटी सोच और नासमझी केचलते तुमने स्कूल में हमारे बच्चों को तंग किया, तुमने हमारे गुरुद्वारों पर हमलाकिया. हम अलग दीखते हैं, पर इस तरह का बर्ताव हमारे लिए नया नहीं है. किसी भी जगहएक सिख अलग दिखता है, ये बात वो जानता है. वो जानता है कि उसका सिख होना उसकी पहचानका सबसे बड़ा हिस्सा है. और असहिष्णुता झेलने के बावजूद भी वो बदले में सिर्फ प्यारदेते हैं. अगर तुम्हें लगता है तुम हमें डराकर हमें 'हमारे देश' वापस 'भगा' सकतेहो, तो तुम गलत हो. हमारे पांव और मजबूत होते जाएंगे तुम्हें ये बताने के लिए कि हमतुम्हारे गुस्से पर काबू पा सकते हैं. हमारा धर्म हमें सिखाता है कि कोई भी अलग यापराया नहीं है. कोई किसी और से बड़ा नहीं है. जो बड़ा है, वो एक है, वही ईश्वर है.सिख की ताकत उसकी पहचान में होती है, उसके अस्तित्व के साथ चलती है. तुम मीडिया कीतस्वीरों को यूज कर के खुद को सही साबित कर सकते हो. पर हम अपनी आध्यात्मिकता सेअपना इरादा और मजबूत करेंगे. हम तूफानों में भी खड़े रहेंगे क्योंकि हम जानते हैंअसली लड़ाई खुद के अन्दर होती है, दूसरों से नहीं. हम अमेरिका को बेहतर होता देखनाचाहते हैं. जहां सहिष्णुता सिर्फ एक शब्द नहीं जिसे यूं ही कह दिया जाता है, बल्किमाना जाता है. जहां की अनेकता एक कमी नहीं, बल्कि शक्ति हो. और यही अमेरिका को महानबनाएगा. तब तक तुम हमें कभी छुपता हुआ नहीं पाओगे. हम अपनी दाढ़ियों और पगड़ियों मेंघूमेंगे ताकि तुम हमें आसानी से पहचान सको. हम आने वाली हर चुनौती के लिए तैयारहैं."