दलित बच्चे को हैंडपंप में पानी पीने से रोका, कुंए में गिरने से मौत
स्कूल के हैंडपंप में पानी पीना मना था. बोतल कुंए में डाल कर पानी निकाल रहा था. बैलेंस बिगड़ गया.
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फोटो - thelallantop
वीरन अहिरवार मध्य प्रदेश के दमोह में रहता था. सरकारी स्कूल में तीसरी क्लास का स्टूडेंट था. कुंए में गिरने से उसकी मौत हो गई. लेकिन उसके गिरने के पीछे जो वजह है. वो आपको ऐसी लगेगी कि अपन सौ डेढ़ सौ साल पहले के भारत में हैं.
स्कूल में मिलने वाला मिड-डे मील खाया वीरेन ने. उसके बाद अपने दोस्तों के साथ हैंडपंप पर पानी पीने गया. दलित होने की वजह से उसे पानी नहीं पीने दिया. उसको प्यास लगी थी. पीनेके लिए कुंए पर गया. अपने वाटर बॉटल में रस्सी बांधकर कुंए में लटकाया. 8 साल का बच्चा था. बैलेंस बिगड़ गया और गिर गया कुंए में. कुंए में गिरने के बाद भी टीचर्स और प्रिंसिपल ने उसकी खबर नहीं ली. पांचवी में पढ़ने वाला वीरन का भाई सेवक बताता है कि दलित छात्रों को हैंडपंप से पानी पीने की परमीशन नहीं है. जान जोखिम में डालकर रोज दलित बच्चे कुंए पर पानी के लिए जाते हैं. जनपद पंचायत के सीईओ ने प्रिंसिपल समेत 5 टीचर्स को सस्पेंड कर दिया है और घटना की जांच का आदेश दिया है.

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