गुरुग्राम में लगने वाला अगला जाम आपको राइटर बना देगा
कार पूल करने वाले शहरों में सड़कें स्वीमिंग पूल हो गईं. अगली बार फंसे तो ये हथकंडे अपनाएं.
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दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा पानी से अट गए हैं. माने वो तमाम जगहें जहां-जहां फ्रेशर्स मकानमालिकों से महीने की दस तारीख तक बचते फिरते हैं. वहीं-वहीं पानी भरा है. कहीं न कहीं से तो सताने का पाप निकलता ही है. गुरुग्राम में 16 घंटे तक जाम रहा. सरकार को एक बात सीखनी होगी. गांव को ग्राम करने से आप जाम से नहीं बच पाते. पुलिस ने गुरुग्राम में धारा 144 लगा दी. मतलब क्या समझा जाए? चार से ज्यादा कारें एक साथ जाम नहीं लगा सकतीं?
सबसे ज्यादा भद उनकी पिटी जो ऑफिस के रास्ते में थे. रास्ते में ही रह गए. दुःख की बात ये कि इतने घंटों तक तो मोबाइल की बैटरी भी नहीं चलती कि आदमी मन बहला सके. और अगर चल गई तो आप खुद की प्लेलिस्ट सुन खुद को ही कोड़े मारने लगते हैं. ऐसे मौकों पर ही आपको पता लगता है कि घर पर तीन महीने से गायब नेलकटर आपकी ड्राइविंग सीट के नीचे पड़ा है. और आपके कूल्हे के नीचे दो महीने से जो दर्द पड़ा है, वो किसी गंभीर बीमारी नहीं, उसी के चुभने के कारण हो रखा है.
हिंसावृत्ति सबमें होती है. किसी में कम किसी में ज्यादा. लेकिन कोई इतना निर्दयी तो नहीं ही होता कि एक रोज पानी में फंस जाए और मनाए कि पानी ही न गिरे. तो पानी गिरेगा और आप जाम में फंसेंगे. अगली बार जाम में फंसिए तो ये ट्राई कीजिएगा.
अति फेमस टीवी सीरीज देख डालिए. न देखा हो तो. गेम ऑफ थ्रोंस देखिए. जाम साठ घंटे भी लगा हो आप उकताएंगे नहीं. पानी आधा पहिया तक चढ़ आएगा और आप इस बात पर खुश होंगे कि देखो कैसे एक तीर पर पानी में आग लगा दी. बस ये ध्यान रहे कि चार्जर साथ में हो. आप ये क्यों करेंगे? क्योंकि आप कुछ और कर ही नहीं सकते. ऐसा करने से आपको लगेगा. आप दुनिया को अपने हिसाब से चला रहे हैं. जाम लगा ही इसलिए है, पानी गिरा ही इसलिए है कि आप तसल्ली से सीरियल देख पाएं.
या जाइए और फैमिली वाले व्हाट्सएप ग्रुप के सारे मैसेज पढ़ डालिए. आपको पता लगने वाला है. आपके ताऊ के बेटे का साला आपसे कितना प्यार करता है. मार्केट में नया है के नाम से कैसे वो आपको तीन महीने पहले सात साल पुराना मैसेज पढ़ाकर हंसाना चाहता है.
नई किताबें पढ़ डालिए. कोई भी नया नॉवेल पढ़ना शुरू कीजिए. इसलिए नहीं कि आपको पढ़ना है, साहित्य का रसास्वादन करना है. इसलिए कि आपको पता लगेगा जब ऑफिस से घर जाने में आप खर्च हो रहे थे तो कैसी-कैसी किताबें लिख दी गईं हैं. तय है इतना घटिया पढ़ चुकने के बाद आपको यकीन हो जाएगा आप इससे लाख गुना अच्छा लिख सकते हैं. एक बार का जाम आपको राइटर बना सकता है.
अब पूछिए हम बेवजह ये सब आपको क्यों बता रहे हैं? आपको क्या पड़ी है जाम में फंसने की. तो जवाब ये है, कि हम खुद जाम में फंसे हैं. करने को और कुछ है ही नहीं.

