पगड़ी से जान बचाई, पगड़ी की शान बढ़ाई
एक औरत नदी में डूब रही थी. उसको बचाने के लिए अपनी पगड़ी उतार दी.
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स्कूल में हमारे क्लास की दीवार पर एक बड़ा सा पोस्टर लगा था. उसमें अब्राहम लिंकन का चेहरा था. और एक कोटेशन लिखा था.
इसी तरह का एक और किस्सा याद आ रहा है. करीब एक महीने पहले एक खबर आई थी. पंजाब के सरवन सिंह ने भी कुछ ऐसा ही किया था. एक नहर में कुत्ता डूब रहा था. पानी का प्रेशर बहुत तेज़ था. लोग चिल्ला रहे थे. लेकिन कोई कुछ कर नहीं पा रहा था. सरवन सिंह ने तुरंत अपनी पगड़ी निकाली. उसका एक कोना अपने दोस्तों को पकड़ाया. दूसरे से बांध लिया कुत्ते को. पहले तो कुत्ता पकड़ ही में नहीं आ रहा था. टाइम लगा, लेकिन कुत्ता उस पगड़ी के कपड़े में फंस गया. सरवन ने खींच कर निकाल लिया.

photo: screen grab
एक और सरदार जी हैं. गुरमीत सिंह. पंजाब पुलिस में DSP हैं. टीचर यूनियन के लोग कोई प्रोटेस्ट कर रहे थे. पुलिस को बुलाया गया मौके पर. अचानक 4 लोग पानी में कूद गए. पूरी फ़ोर्स लग गई उनको बचाने में.

Photo: Screen Grab
पुलिस फ़ोर्स में जितने भी सरदार थे, उन्होंने अपनी पगड़ी खोल ली. खोल कर उसको लोगों की तरफ फेंका. ताकि लोग उसको पकड़ कर बाहर आ सकें. सारे लोगों को बचा लिया गया.
सिखों में '5 ककार' बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं. पांच ऐसी चीज़ें जिनका नाम 'क' से शुरू होता है. और जिसको सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह जी ने सिख होने की निशानी बताया था.
Photo: Sikh Missionary Society
केश यानी बालों को बांध कर रखना ज़रूरी माना जाता है. सिखों के लिए पगड़ी एक तरह का मुकुट है. जो इंसान में अध्यात्म, धर्म, हिम्मत और जिम्मेदारियों की निशानी है.
मैं अच्छे काम करता हूं, मुझे अच्छा लगता है. मैं बुरे काम करता हूं, मुझे बुरा लगता है. यही मेरा धर्म है.आज जब ये वाली न्यूज़ पढ़ी, दिमाग में वही क्लासरूम वाला पोस्टर घूम रहा है. एक सिख आदमी है. अवतार होथी. कैनेडा के कैंपलूफ में रहते हैं. एक दोपहर अपने बेटे पॉल के साथ अपने फार्म में काम कर रहे थे. अचानक किसी औरत के चिल्लाने की आवाजें आने लगीं. दोनों भागकर नदी किनारे पहुंचे. देखा एक औरत डूब रही है. पानी का बहाव बहुत तेज़ था. पानी के किनारे पैर बहुत स्लिप हो रहा था. फिर इत्ते तेज़ करंट में किसी के लिए भी पानी में उतर कर उस लड़की को बचाना नामुमकिन था.
I do good, I feel good. I do bad, I feel bad. That's my religion.
अवतार ने फटाफट अपनी पगड़ी उतार ली. खुलने के बाद पगड़ी करीब तीन मीटर लम्बा कपड़ा होती है. फिर उस पगड़ी को उन्होंने पानी में उस औरत की तरफ फेंक दिया. औरत ने जल्दी से वो कपड़ा पकड़ लिया. फिर पॉल और अवतार ने पगड़ी को खींचा. लड़की को बचा लिया गया.लड़की बहुत घबराई हुई थी. अवतार ने लड़की के घर वालों को कॉल किया. वो लोग आए और उसको ले गए.
इसी तरह का एक और किस्सा याद आ रहा है. करीब एक महीने पहले एक खबर आई थी. पंजाब के सरवन सिंह ने भी कुछ ऐसा ही किया था. एक नहर में कुत्ता डूब रहा था. पानी का प्रेशर बहुत तेज़ था. लोग चिल्ला रहे थे. लेकिन कोई कुछ कर नहीं पा रहा था. सरवन सिंह ने तुरंत अपनी पगड़ी निकाली. उसका एक कोना अपने दोस्तों को पकड़ाया. दूसरे से बांध लिया कुत्ते को. पहले तो कुत्ता पकड़ ही में नहीं आ रहा था. टाइम लगा, लेकिन कुत्ता उस पगड़ी के कपड़े में फंस गया. सरवन ने खींच कर निकाल लिया.

photo: screen grab
एक और सरदार जी हैं. गुरमीत सिंह. पंजाब पुलिस में DSP हैं. टीचर यूनियन के लोग कोई प्रोटेस्ट कर रहे थे. पुलिस को बुलाया गया मौके पर. अचानक 4 लोग पानी में कूद गए. पूरी फ़ोर्स लग गई उनको बचाने में.

Photo: Screen Grab
पुलिस फ़ोर्स में जितने भी सरदार थे, उन्होंने अपनी पगड़ी खोल ली. खोल कर उसको लोगों की तरफ फेंका. ताकि लोग उसको पकड़ कर बाहर आ सकें. सारे लोगों को बचा लिया गया.
सिखों में '5 ककार' बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं. पांच ऐसी चीज़ें जिनका नाम 'क' से शुरू होता है. और जिसको सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह जी ने सिख होने की निशानी बताया था.
केश: लम्बे बाल
कंघा: लकड़ी का कंघा
कड़ा: हाथ में पहनने के लिए
कछैरा: कॉटन के अंडरवियर
कृपाण: स्टील की छोटी सी तलवार

Photo: Sikh Missionary Society
केश यानी बालों को बांध कर रखना ज़रूरी माना जाता है. सिखों के लिए पगड़ी एक तरह का मुकुट है. जो इंसान में अध्यात्म, धर्म, हिम्मत और जिम्मेदारियों की निशानी है.
सिखों में घर के बाहर पगड़ी उतारना सख्त मना है. ये पगड़ी सिखों का गौरव माना जाता है. घर के बाहर इसको उतारने से इसकी बेईज्ज़ती मानी जाती है. लेकिन ये सारे लोग इन चीज़ों से ऊपर हैं. इन्होंने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी पगड़ी खोल ली. और इस पगड़ी का असली मतलब समझा दिया. इसकी असली शान प्रूव कर दी. किसी भी इंसान जी जान हज़ारों मजहबों से ऊपर है.

