जॉली एलएलबी-2 में जिस एक्टर ने हमें हंसाया अब बहुत बुरी हालत में है
उनकी फोटोज़ देखकर दिल टूट जाता है. स्थिति ख़राब है और वो हाथ जोड़कर सबसे मदद मांग रहे हैं.
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फिल्म जॉली एलएलबी2 में अक्षय कुमार और सीताराम पांचाल.
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कहानी सिर्फ हीरो और हीरोइन से नहीं पूरी होती लेकिन मसाला सिनेमा ने ये गलत धारणा दर्शकों के मन में बैठाई है. यूं कि फिल्में देखते हुए दो-तीन पात्रों को ही सबसे ज्यादा महत्व मिलता है और बाकी सब एक्टर्स को कमतर करके भुला दिया जाता है, जबकि इन सबकी वजह से ही उन दो-तीन को उभार मिला होता है. मसलन अमरीश पुरी को ले सकते हैं, जिनकी अदाकारी बेमिसाल थी और जिनके बुलंद कैरेक्टर नहीं होते तो 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' और 'परदेस' जैसी फिल्मों में शाहरुख ख़ान के किरदारों को वो ऊंचाई हासिल नहीं हो पाती. लेकिन फिल्म इंडस्ट्री की परंपरा देखिए कि शाहरुख सुपरस्टार बन गए और अभिनय को अपनी पूरी जिंदगी दे देने वाले और यादगार किरदारों की विरासत छोड़ जाने वाले अमरीश पुरी को अदाकारी के लिए कभी कोई उल्लेखनीय अवॉर्ड तक नहीं दिया गया.
पढ़ें: अमरीश पुरी के 18 किस्से: जिनने स्टीवन स्पीलबर्ग को मना कर दिया था!
ऐसा हमेशा होता है. इंडस्ट्री में साम्राज्य चंद लीड एक्टर्स का बनता है और बाकी सब भूमिकाएं करने वाले कद्दावर एक्टर्स के पास इतने पैसे भी नहीं बच पाते कि बुढ़ापे में जिंदा रहने की व्यवस्था हो जाए. मुंबई की झुग्गियों में ऐसे एक्टर्स की भीड़ मिल जाएगी जिन्होंने यादगार रोल किए.
ये बातें फिर से याद हो आईं तो सीताराम पांचाल जी की वजह से. 'पान सिंह तोमर', 'बैंडिट क्वीन', 'सारे जहां से महंगा', 'पीपली लाइव', 'स्लमडॉग मिलियनेयर' जैसी कई हिंदी फिल्मों में काम कर चुके इन अभिनेता को तीन साल से कैंसर है और उनका शरीर इतना दुर्बल हो चुका है कि उन्हें इस रूप में देखने के लिए भी हिम्मत चाहिए.

अपनी पत्नी के साथ.
और इस हालत में भी उन्हें याचना करनी पड़ रही है, इस बात से और भी पीड़ा होती है. उन्होंने फेसबुक और वॉट्सएप पर दोस्तों और प्रशंसकों को मार्मिक मैसेज लिखा, "भाइयों, मेरी हेल्प करो. मेरी कैंसर से हालत खराब होती जा रही है. मैं आपका कलाकार भाई, सीताराम पांचाल."

सीताराम जी.
ये होना नहीं चाहिए था. वे एक वरिष्ठ कलाकार हैं और इससे बहुत बेहतर डिज़र्व करते हैं. लंग्स और किडनी के कैंसर से जूझ रहे पाचांल आयुर्वेद का ट्रीटमेंट ले रहे हैं. टीवी और फिल्म उद्योग के कुछ लोगों ने बीते तीन-साढ़े तीन साल में उनकी वित्तीय मदद की है. इनमें इरफान खान, पाचांल के एनएसडी बैचमेट संजय मिश्रा, रोहिताश गौड़, टीवी प्रोड्यूसर (एक घऱ बनाऊंगा) राकेश पासवान जैसे नाम शामिल हैं. हालांकि उनके इलाज और घर चलाने के लिए पैसों का कोई मजबूत जाब्ता नहीं है. इसीलिए पांचाल मदद मांग रहे हैं ताकि उनका परिवार सरवाइव कर सकें.

बृजेंद्र काला और संजय मिश्रा के साथ एक फिल्म के सेट पर सीताराम पांचाल. (फोटोः बृजेंद्र काला)
ट्विटर पर फिल्म डायरेक्टर अश्विनी चौधरी जैसे कई लोग उनके सपोर्ट में आगे आए हैं. पांचाल ने अश्विनी की डेब्यू हरियाणवी फिल्म लाडो में काम किया था जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला था. सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के लोग भी फिल्म इंडस्ट्री के बाकी लोगों से अनुरोध कर रहे हैं कि पांचाल को मदद करें.
मदद करने के दो तरीके हैं.
1. इस बैंक खाते में पैसे जमा करवाए जा सकते हैं.

2. या फंडरेज़िंग साइट केटो पर
डोनेट किया जा सकता है जहां अब तक सवा लाख रुपए जुटाए जा चुके हैं.
फेसबुक खा
ते के जरिए भी पांचाल से संपर्क करके हाल पूछा जा सकता है.

कुछ नाटकों में परफॉर्म करते हुए पांचाल.
सीताराम पांचाल कैथल जिले के डूंडर हेड़ी गांव में 1963 में पैदा हुए. उन्होंने हरियाणवी फिल्म 'लाडो' के अलावा छन्नो में भी काम किया. एक्टिंग छुटपन में स्कूल में ही शूरू कर दी थी. ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में उनका सलेक्शन हो गया. उसके बाद से वो हिंदी फिल्मों में अलग अलग चरित्र भूमिकाओं में दिखते रहे हैं.
ऐसी ही छह भूमिकाओं में उन्हें याद कर रहे हैं. अनुरोध है कि जितनी हो सके उनकी मदद करें.
#1. रामचरण पान सिंह तोमर, 2012

फिल्म में इरफान ख़ान के साथ पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#2. ढाबेवाला द वॉरियर, 2001

आसिफ कपाड़िया की फिल्म में पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#3. सीताराम जॉली एलएलबी-2, 2017

फिल्म में अपने सीन में अक्षय कुमार के साथ पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#4. भाई ठाकुर पीपली (लाइव), 2010

फिल्म में नेता के अपने रोल में पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#5. हवलदार इन विच एनी गिव्ज़ इट दोज़ वन्स, 1989

अरुंधति रॉय की यही फिल्म शाहरुख की भी पहली मूवी थी. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#6. लालाराम बैंडिट क्वीन, 1994

शेखर कपूर की फिल्म के एक दृश्य में पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
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ऐसा हमेशा होता है. इंडस्ट्री में साम्राज्य चंद लीड एक्टर्स का बनता है और बाकी सब भूमिकाएं करने वाले कद्दावर एक्टर्स के पास इतने पैसे भी नहीं बच पाते कि बुढ़ापे में जिंदा रहने की व्यवस्था हो जाए. मुंबई की झुग्गियों में ऐसे एक्टर्स की भीड़ मिल जाएगी जिन्होंने यादगार रोल किए.
ये बातें फिर से याद हो आईं तो सीताराम पांचाल जी की वजह से. 'पान सिंह तोमर', 'बैंडिट क्वीन', 'सारे जहां से महंगा', 'पीपली लाइव', 'स्लमडॉग मिलियनेयर' जैसी कई हिंदी फिल्मों में काम कर चुके इन अभिनेता को तीन साल से कैंसर है और उनका शरीर इतना दुर्बल हो चुका है कि उन्हें इस रूप में देखने के लिए भी हिम्मत चाहिए.

अपनी पत्नी के साथ.
और इस हालत में भी उन्हें याचना करनी पड़ रही है, इस बात से और भी पीड़ा होती है. उन्होंने फेसबुक और वॉट्सएप पर दोस्तों और प्रशंसकों को मार्मिक मैसेज लिखा, "भाइयों, मेरी हेल्प करो. मेरी कैंसर से हालत खराब होती जा रही है. मैं आपका कलाकार भाई, सीताराम पांचाल."

सीताराम जी.
ये होना नहीं चाहिए था. वे एक वरिष्ठ कलाकार हैं और इससे बहुत बेहतर डिज़र्व करते हैं. लंग्स और किडनी के कैंसर से जूझ रहे पाचांल आयुर्वेद का ट्रीटमेंट ले रहे हैं. टीवी और फिल्म उद्योग के कुछ लोगों ने बीते तीन-साढ़े तीन साल में उनकी वित्तीय मदद की है. इनमें इरफान खान, पाचांल के एनएसडी बैचमेट संजय मिश्रा, रोहिताश गौड़, टीवी प्रोड्यूसर (एक घऱ बनाऊंगा) राकेश पासवान जैसे नाम शामिल हैं. हालांकि उनके इलाज और घर चलाने के लिए पैसों का कोई मजबूत जाब्ता नहीं है. इसीलिए पांचाल मदद मांग रहे हैं ताकि उनका परिवार सरवाइव कर सकें.

बृजेंद्र काला और संजय मिश्रा के साथ एक फिल्म के सेट पर सीताराम पांचाल. (फोटोः बृजेंद्र काला)
ट्विटर पर फिल्म डायरेक्टर अश्विनी चौधरी जैसे कई लोग उनके सपोर्ट में आगे आए हैं. पांचाल ने अश्विनी की डेब्यू हरियाणवी फिल्म लाडो में काम किया था जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला था. सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के लोग भी फिल्म इंडस्ट्री के बाकी लोगों से अनुरोध कर रहे हैं कि पांचाल को मदद करें.
मदद करने के दो तरीके हैं.
1. इस बैंक खाते में पैसे जमा करवाए जा सकते हैं.

2. या फंडरेज़िंग साइट केटो पर
डोनेट किया जा सकता है जहां अब तक सवा लाख रुपए जुटाए जा चुके हैं.
फेसबुक खा
ते के जरिए भी पांचाल से संपर्क करके हाल पूछा जा सकता है.

कुछ नाटकों में परफॉर्म करते हुए पांचाल.
सीताराम पांचाल कैथल जिले के डूंडर हेड़ी गांव में 1963 में पैदा हुए. उन्होंने हरियाणवी फिल्म 'लाडो' के अलावा छन्नो में भी काम किया. एक्टिंग छुटपन में स्कूल में ही शूरू कर दी थी. ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में उनका सलेक्शन हो गया. उसके बाद से वो हिंदी फिल्मों में अलग अलग चरित्र भूमिकाओं में दिखते रहे हैं.
ऐसी ही छह भूमिकाओं में उन्हें याद कर रहे हैं. अनुरोध है कि जितनी हो सके उनकी मदद करें.
#1. रामचरण पान सिंह तोमर, 2012

फिल्म में इरफान ख़ान के साथ पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#2. ढाबेवाला द वॉरियर, 2001

आसिफ कपाड़िया की फिल्म में पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#3. सीताराम जॉली एलएलबी-2, 2017

फिल्म में अपने सीन में अक्षय कुमार के साथ पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#4. भाई ठाकुर पीपली (लाइव), 2010

फिल्म में नेता के अपने रोल में पांचाल. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#5. हवलदार इन विच एनी गिव्ज़ इट दोज़ वन्स, 1989

अरुंधति रॉय की यही फिल्म शाहरुख की भी पहली मूवी थी. (फोटोः फिल्म स्क्रीनग्रैब)
#6. लालाराम बैंडिट क्वीन, 1994

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