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  • The police barged into the village at night and beat the farmers after that farmers burnt the police vehicle in the morning.

बिहार पुलिस ने आधी रात घर में घुसकर पीटा, सुबह किसानों ने पुलिस की गाड़ी-ट्रक सब फूंक दिया!

बिहार के बक्सर में भूमि अधिग्रहण से नाराज किसान पुलिस के बर्ताव पर भड़के

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11 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 11 जनवरी 2023, 05:18 PM IST)
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पुलिस के बर्ताव से किसान भड़क गए (फोटो: आजतक)
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बिहार (Bihar) के बक्सर (Buxar) जिले में किसानों ने लाठी डंडे लेकर पुलिस और एक पॉवर प्लांट पर हमला कर दिया. पुलिस की गाड़ी-ट्रक सब जला डाले. यहां किसान पिछले 85 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मंगलवार, 10 जनवरी को किसानों ने पॉवर प्लांट के मेन गेट पर ताला लगा दिया और इसके ठीक आगे धरने पर बैठ गए. आरोप है कि इसके बाद मंगलवार रात को पुलिस ने यहां के चौसा बनारपुर गांव में घुसकर मारपीट की. जिससे नाराज किसानों ने अगले दिन जमकर बवाल काटा.

पुलिस वैन जला दी

बक्सर जिले के मुफ्फसिल थाने के चौसा बनारपुर गांव में थर्मल पॉवर प्लांट लग रहा है. पॉवर प्लांट लगने के चलते किसानों की जमीनों का अधिग्रहण चल रहा है. किसान अपनी जमीनों के उचित मुआवजे के लिए पिछले 85 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार, 11 जनवरी की सुबह गुस्साए किसानों ने पॉवर प्लांट में बवाल काट दिया. किसानों ने बिहार पुलिस की गाड़ियों समेत और भी सरकारी वाहनों के साथ तोड़-फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया.

पुलिस ने सोते किसानों को पीटा

आजतक से जुड़े पुष्पेंद्र पांडेय की एक रिपोर्ट के मुताबिक गांव के लोगों का आरोप है कि मंगलवार की रात करीब 12 बजे कुछ पुलिसवाले उनके गांव में आए थे. ये लोगों के घर का दरवाजा खटखटाने लगे. कुछ किसानों ने दरवाजा नहीं खोला, मगर जिन किसानों ने दरवाजा खोला उनको पुलिस ने लाठियों से पीटा. गांव वालों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई रात तीन बजे तक चली है. बनारपुर गांव में अचानक हुए पुलिसिया जुल्म से पूरे गांव के लोग काफी गुस्सा गए. और सुबह होते ही पुलिस और पॉवर प्लांट पर धावा बोल दिया.

क्या है ये परियोजना?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 9 मार्च, 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां 11 हज़ार करोड़ की लागत से बनने वाले प्लांट की आधारशिला रखी थी. प्लांट की क्षमता 1320 मेगा वाट है. इस प्लांट से बनने वाली बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा बिहार को दिया जाएगा. इस प्लांट को केंद्र सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ ज्वाइंट ओनरशिप वाल सतलुज जल विद्युत निगम बना रहा है. इस प्लांट का 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इस परियोजना के तहत 14 गांवों से 137.0077 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है.

वीडियो: बक्सर की इस फैक्ट्री में कौनसी पपड़ी बनती है?

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