इनके लिए गैंगरेप 'खेल' है, अब ये घिनापा पूरी दुनिया में फैलने लगा है
ऐसी औरतों को सबक सिखाने के लिए ये खेल बनाया गया है जो अपनी 'औकात' भूल गयी हैं.
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credit: Reuters
लारा लोगन एक रिपोर्टर हैं. अमेरिका के CBS चैनल के लिए काम करती हैं. जनवरी 2011 में इजिप्ट में बहुत बवाल मचा था. वहां के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को उनके पद से हटाने के लिए राजधानी कायरो में बहुत दिनों से प्रदर्शन किए जा रहे थे. खूब तोड़-फोड़ मची थी. लोग सड़कों पर थे. दुकानों, पुलिस स्टेशन्स जलाए जा रहे थे. आखिर में होस्नी मुबारक को राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था. उसकी तानाशाही अब ख़त्म हो चुकी थी. इस घटना को इजिप्ट की क्रांति कहा जाता है.
लारा ने हमला करने वालों से छूटने की कोशिशें भी की. लेकिन ऐसा लग रहा था कि पूरी भीड़ एकजुट होकर लारा के कपड़े फाड़ने में लगी थी. हर कोई उनका रेप करने की कोशिश कर रहा था.
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इतने सारे पुलिस वाले और मिलिट्री के लोग वहां मौजूद थे. फिर भी भीड़ में घुस कर वो लोग लारा की मदद नहीं कर पाए. वो लोग भी भीड़ से डरे हुए थे. इस घटना के बाद लारा ने काफी समय तक अपनी नौकरी छोड़ दी थी. करीबी 3 साल बाद उन्होंने अपने ही चैनल CBS को इंटरव्यू दिया. उन्होंने जब ये पूरा हादसा बताया. पूरा वेस्टर्न वर्ल्ड हदस गया. ये एक ग्रुप हैरेसमेंट का मामला था. सामूहिक रेप.
न्यू ईयर ईव थी. 2015 ख़त्म होने को था. जर्मनी के कोलोन शहर में लोग एक दूसरे को नए साल की बधाइयां देने सड़कों पर इकट्ठे हुए थे. अचानक मिशेल नाम की एक लड़की पर किसी ने हमला कर दिया. वो खुद को बचाने के लिए चिल्ला रही थी. किसी तरह पुलिस ने उसे भीड़ से बाहर निकाला. मिशेल के कपड़े फट चुके थे. पूरे शरीर से खून बह रहा था.
खोजबीन हुई. पता चला इजिप्ट में ये एक बहुत आम बात है. पिछले करीब दस सालों से वहां खुले आम ग्रुप रेप-गेम होता है. इस ग्रुप रेप को कहते हैं तहार्रुश जामाइ. तहार्रुश शब्द का मतलब है, हैरेसमेंट. और जमाइ मतलब भीड़ के साथ. जो भी औरत अबाया या बुर्का नहीं पहनती. जिसका भी शरीर पूरी तरह से ढका हुआ नहीं होता. इन एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप के लोगों के लिए वो औरत एक स्लट है. उसे सबक सिखाना उन आदमियों को अपना फ़र्ज़ लगता है.
credit: AP
जब भी कोई प्रदर्शन या बड़े इवेंट्स होते हैं. ये घिनौने लोग ऐसी औरतों को ढूंढते हैं, जिन्होंने पूरे ढके हुए कपड़े ना पहने हों. या शरीर से बहुत ज्यादा चिपके हुए कपड़े पहने हों. फिर ये रेप -गेम शुरू होता है.
इस रेप गेम के लिए सट्टा लगता है. ईनाम तय किया जाता है. नियम भी बनाए गए हैं.
यूरोप और अमेरिका के लोग कह रहे हैं कि इसके लिए अरब ज़िम्मेदार है. इस रेप गेम के फैलने की वजह वो लोग इमिग्रेंट्स को मान रहे हैं. कहते हैं, अरब और बाकि मिडिल ईस्ट देशों से लोग हमारे देश आते हैं. इस वजह से हमारे देश की औरतें सेफ नहीं हैं. बेशक. कुछ लोग होंगे ऐसे जिन्होंने पूरी दुनिया के लोगों के दिल में अरब के लोगों का डर बिठा दिया है. लेकिन ये समस्या इससे बड़ी है. समस्या वो लोग हैं जो औरत को उसकी सही जगह दिखाना चाहते हैं. और मानते हैं कि ये हक आदमियों का है. अगर दुनिया के सारे देश अरब के लिए अपने बॉर्डर बंद कर भी लेंगे तब भी समस्या ख़त्म नहीं हो जाएगी. 10 साल से भी ज्यादा समय से ये घटिया सी प्रथा इजिप्ट में चली आ रही है. कभी रिपोर्ट भी नहीं हुई. क्योंकि उन आदमियों को लगता है कि ये उनके एंटरटेनमेंट का एक जरिया है. 'आज कहीं भीड़ इकट्ठी होगी, चलो किसी औरत का रेप कर आएं.फिर खाना खा के आराम से सो जाएंगे.' जो औरत 'ढके हुए कपड़ों' में नहीं है, उसको इतना हैरेस कर दें कि वो आदमियों की शक्ल से भी घबराने लग जाए. और औरतों के दिल में भी ये बात बैठ गई होगी कि शायद घर से बाहर निकल कर उसने ही कोई गुनाह कर दिया. जब तक उन लोगों के खिलाफ कोई सॉलिड एक्शन नहीं लिए जाएंगे, ये घटिया और घिनौना काम बंद नहीं होगा.
https://www.youtube.com/watch?v=rrRgsBugCs8
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इतने सारे पुलिस वाले और मिलिट्री के लोग वहां मौजूद थे. फिर भी भीड़ में घुस कर वो लोग लारा की मदद नहीं कर पाए. वो लोग भी भीड़ से डरे हुए थे. इस घटना के बाद लारा ने काफी समय तक अपनी नौकरी छोड़ दी थी. करीबी 3 साल बाद उन्होंने अपने ही चैनल CBS को इंटरव्यू दिया. उन्होंने जब ये पूरा हादसा बताया. पूरा वेस्टर्न वर्ल्ड हदस गया. ये एक ग्रुप हैरेसमेंट का मामला था. सामूहिक रेप.
न्यू ईयर ईव थी. 2015 ख़त्म होने को था. जर्मनी के कोलोन शहर में लोग एक दूसरे को नए साल की बधाइयां देने सड़कों पर इकट्ठे हुए थे. अचानक मिशेल नाम की एक लड़की पर किसी ने हमला कर दिया. वो खुद को बचाने के लिए चिल्ला रही थी. किसी तरह पुलिस ने उसे भीड़ से बाहर निकाला. मिशेल के कपड़े फट चुके थे. पूरे शरीर से खून बह रहा था.
खोजबीन हुई. पता चला इजिप्ट में ये एक बहुत आम बात है. पिछले करीब दस सालों से वहां खुले आम ग्रुप रेप-गेम होता है. इस ग्रुप रेप को कहते हैं तहार्रुश जामाइ. तहार्रुश शब्द का मतलब है, हैरेसमेंट. और जमाइ मतलब भीड़ के साथ. जो भी औरत अबाया या बुर्का नहीं पहनती. जिसका भी शरीर पूरी तरह से ढका हुआ नहीं होता. इन एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप के लोगों के लिए वो औरत एक स्लट है. उसे सबक सिखाना उन आदमियों को अपना फ़र्ज़ लगता है.
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जब भी कोई प्रदर्शन या बड़े इवेंट्स होते हैं. ये घिनौने लोग ऐसी औरतों को ढूंढते हैं, जिन्होंने पूरे ढके हुए कपड़े ना पहने हों. या शरीर से बहुत ज्यादा चिपके हुए कपड़े पहने हों. फिर ये रेप -गेम शुरू होता है.
इस रेप गेम के लिए सट्टा लगता है. ईनाम तय किया जाता है. नियम भी बनाए गए हैं.
यूरोप और अमेरिका के लोग कह रहे हैं कि इसके लिए अरब ज़िम्मेदार है. इस रेप गेम के फैलने की वजह वो लोग इमिग्रेंट्स को मान रहे हैं. कहते हैं, अरब और बाकि मिडिल ईस्ट देशों से लोग हमारे देश आते हैं. इस वजह से हमारे देश की औरतें सेफ नहीं हैं. बेशक. कुछ लोग होंगे ऐसे जिन्होंने पूरी दुनिया के लोगों के दिल में अरब के लोगों का डर बिठा दिया है. लेकिन ये समस्या इससे बड़ी है. समस्या वो लोग हैं जो औरत को उसकी सही जगह दिखाना चाहते हैं. और मानते हैं कि ये हक आदमियों का है. अगर दुनिया के सारे देश अरब के लिए अपने बॉर्डर बंद कर भी लेंगे तब भी समस्या ख़त्म नहीं हो जाएगी. 10 साल से भी ज्यादा समय से ये घटिया सी प्रथा इजिप्ट में चली आ रही है. कभी रिपोर्ट भी नहीं हुई. क्योंकि उन आदमियों को लगता है कि ये उनके एंटरटेनमेंट का एक जरिया है. 'आज कहीं भीड़ इकट्ठी होगी, चलो किसी औरत का रेप कर आएं.फिर खाना खा के आराम से सो जाएंगे.' जो औरत 'ढके हुए कपड़ों' में नहीं है, उसको इतना हैरेस कर दें कि वो आदमियों की शक्ल से भी घबराने लग जाए. और औरतों के दिल में भी ये बात बैठ गई होगी कि शायद घर से बाहर निकल कर उसने ही कोई गुनाह कर दिया. जब तक उन लोगों के खिलाफ कोई सॉलिड एक्शन नहीं लिए जाएंगे, ये घटिया और घिनौना काम बंद नहीं होगा.
https://www.youtube.com/watch?v=rrRgsBugCs8

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