कोयंबटूर में जयललिता नहीं, ये डॉक्टर माना जाता है भगवान
लोग खुद ही बढ़ा के दे देते थे फीस.
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फोटो - thelallantop
तमिलनाडु का शहर कोयंबटूर शोक में डूबा हुआ है. क्यों? क्योंकि उनके भगवान की मौत हो गई है. भगवान बोले तो डॉक्टर. वो डॉक्टर जिसकी फीस मात्र 20 रुपये थी. वो डॉक्टर जिसे केवल पेशेंट की हेल्थ से मतलब रहता था. ऐसे डॉक्टर के लिए भला कौन नहीं रोएगा.
भूपैथी. डॉक्टर बालासुब्रमनियम के पेशेंट हैं. पिछले 10 साल से. उन्हें जब डॉक्टर साब की मौत की खबर मिली तो उन्हें यकीन नहीं हुआ. उन्हें लगा कि किसी ने उनके मरने की अफवाह फैलाई है. वो बताते हैं, 'शुरुआत में तो वो 10 रुपये लेते थे. पर पिछले दो साल से वो 20 रुपये लेने लगे थे. मैं उनका पुराना पेशेंट हूं. उन्हें कभी पैसों का मोह नहीं था. डॉक्टर साब के पास मैंने अधिकतम 50 रुपये इलाज के लिए खर्च किए हैं. उसमें से 20 रुपये उनकी फीस और 30 रुपये की दवाई. वो डॉक्टर नहीं भगवान थे.'
उनके मरने की खबर शहर में फैलते ही क्लीनिक के बाहर भीड़ लग गई थी. वो भी इतनी कि ट्रैफिक पुलिस उसे कंट्रोल नहीं कर पा रही थी. कुछ ने उनके लिए प्रार्थना की तो कुछ ने कैंडल जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए विश किया.
डॉक्टर बालासुब्रमनियम की पोती बैंगलुरु में रहती है. दादू की मौत की खबर मिलते ही वो कोयंबटूर आई. उसने कहा, 'मैंने अपने दादू को बचपन से देखा है. वो बहुत अच्छे इंसान थे. वो अब घर में तो नजर नहीं आएंगे पर मैं उन्हें लोगों की आंखों में देख रही हूं.'
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