ज्यादा रईस न बनो. इग्लैंड से नहीं आए हो. जब भी ये लाइन सुनता, सवाल उठता. अइसाक्या है इंग्लैंड में मियां? पता नहीं. पर वहीं कहीं एक शहर है वेस्टमिडलैंड कावॉल्वरहैंम्पटन. यहां के एक भिखारी की कमाई इतनी ज्यादा है कि आपके जिंदगी में हुएसबसे अच्छे अप्रेजल को भी हार्टअटैक आ सकता है. अंदाजा लगाइए कि अपने इंडिया में एकभिखारी की एक दिन की कमाई कितनी होगी. 200-300 रुपये. दिन अच्छा रहा तो 500 रुपये.बस न? पर ये इंडिया का नहीं, इंटरनेशनल भिखारी है. वॉल्वरहैंम्पटन शहर का एक भिखारीदिन में करीब 50 हजार रुपये कमा लेता है. राहगीरों और दुकानदारों के आगे हाथ फैलाताहै. कहता है मेरे पास घर नहीं है. बेघर हूं साहेब. लोग खाते हैं तरस. और इसकी झोलीमें डाल देते हैं अंग्रेजों की करेंसी पाउंड. शहर के लेबर काउंसलर स्टीव इवांस केमुताबिक, ये भिखारी बेघर नहीं है. एक आलीशान मकान का मालिक है. पर फिर भी शहर केसिटी सेंटर के पास बैठा रहता है. इस बंदे की सालाना कमाई करीब 1 करोड़ 23 लाख है.यानी ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर डेविड कैमरून से साल की करीब 19 लाख रुपये कम. 28साल के एक भिखारी ने कहा, 'इस भिखारी के चक्कर में कहीं लोग मुझे पैसे देना बंद नकर दें. हम में से कुछ सही में बेघर हैं और जरूरतमंद हैं. हमें शराब के लिए नहीं घरऔर खाने के लिए पैसे चाहिए. यह बहुत शर्म की बात है कि कुछ लोग हमें बदनाम कर रहेंहैं.' स्टीव ने कहा, 'भीख मांगना एक जुर्म है. जो हमारी चेतावनी को नहीं मानेगा,उसे गिरफ्तार कर कोर्ट ले जाया जाएगा.'