108 सालों से इस फैमिली में जन्म ले रहे थे सिर्फ बेटे, एक सदी बाद आ रही नन्हीं परी बदलेगी इतिहास
इस परिवार में पिछली बेटी 1917 में पैदा हुई थी. अब सौ साल से ज्यादा समय बाद बेटी आने वाली है जिसकी खुशी पूरा परिवार मना रहा है.

भारत में अक्सर यह सुनने को मिलता है कि परिवार बेटे की चाह में परेशान रहते हैं. कई जगह बेटियों के जन्म पर खुशी मनाने के बजाय चिंता और दबाव झेलना पड़ता है. लेकिन अमेरिका के एक परिवार की कहानी बिल्कुल उलट है जहां सौ साल से ज्यादा समय बाद बेटी आने वाली है, और पूरा परिवार जश्न मना रहा है.
108 साल से सिर्फ बेटे ही पैदा हो रहे थेअमेरिका के मोंटगोमरी काउंटी का शर्मन परिवार बीते 108 सालों से सिर्फ बेटों का घर रहा. लेकिन अब यह सिलसिला टूट गया है. मोंटगोमरी फायर डिपार्टमेंट में काम करने वाले फायरफाइटर लेफ्टिनेंट माइकल शर्मन और ह्यूस्टन एयरपोर्ट में काम करने वाली उनकी पत्नी जोक्विया शर्मन ने परिवार की मौजूदगी में यह खुशी साझा की कि मार्च में उनके घर नन्हीं परी आने वाली है. सौ सालों से अधिक समय के बाद इस परिवार में एक बिटिया की किलकारी गूंजेगी. इस मौके पर ABC न्यूज से बात करते हुए जोक्विया कहती हैं
वहीं उनके पति माइकल शर्मन ने कहा
जोक्विया ने रविवार, 7 सितंबर को अपनी प्रेग्नेंसी का जश्न मनाने के लिए अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक बड़ा आयोजन करके अपने पति को सरप्राइज देने की योजना बनाई. माइकल उस दिन को याद करते हुए कहते हैं
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में परिवार के दादा और माइकल शर्मन के पिता ने भी खुशी जाहिर की. उन्होंने बताया
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परिवार के लिए ऐतिहासिक पलशर्मन परिवार के लिए ये वाकई एक अनोखा पल था. परिवार के सभी लोग इस खास और यूं कहें कि दुर्लभ मौके को सेलिब्रेट करने के लिए टेक्सस पहुंचे थे. परिवार की दादी चैंटेन न्यूमैन ने इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम अपनी नन्हीं परी को हमेशा बताएंगे कि उसने हमारे परिवार का इतिहास बदल दिया है. वह हमेशा खास रहेगी. वहीं परिवार की परदादी लिडिया रॉबर्टसन ने याद किया कि शर्मन परिवार में पिछली बेटी 1917 में पैदा हुई थीं जिनका नाम ओरा बेला शर्मन था. वे अटलांटा में समाजसेवा और नागरिक अधिकार आंदोलन से जुड़ी थीं. बकौल लिडिया ओरा बेल ने इतिहास रचा था और उन्हें और उनके परिवार को यकीन है कि यह नन्हीं बिटिया भी कुछ बड़ा करेगी.
(डिस्क्लेमर: यह खबर अमेरिका से जुड़ी है, जहां गर्भावस्था के दौरान बच्चे का जेंडर जानना कानूनन सही है. वहीं भारत में जन्म से पहले बच्चे का लिंग पता करना अपराध है और कानूनी तौर पर सख्त रूप से प्रतिबंधित है.)
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