अब क्लास में होगा तमंचे पे डिस्को!
"नन्हे मुन्हे बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है?" "मुट्ठी में है बन्दूक हमारी."
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फोटो - thelallantop
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टेक्सास. माने अमरीका के साउथ में एक स्टेट. टेक्सास काऊबॉय, बार्बीक्यू और अपनी अन्दर तक जला के रख देनी वाली मिर्चियों के लिए फेमस है. हाल के दिनों में ये एक और बात के लिए फेमस हो चुका है. वो है कॉलेजों में होने वाली गोलीबारी. अमरीका के हिले हुए गन-लॉ की वजह से किसी भी इंसान के लिए बन्दूक रखना उतना ही आसान है जितना नुक्कड़ वाली दुकान से दूध का एक पैकेट खरीद लाना. अपने यहां के जैसे वहां लाइसेंसी बन्दूक रखने का रिवाज नहीं है. जिसकी वजह से जो जब सनक जाए, टहलते हुए स्कूल चला आता है और धांय-धांय कर देता है. हर साल-छः महीने पे कुछ न कुछ नया बखेड़ा खड़ा ही हो जाता है.

Texas
बुधवार को टेक्सास यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को अपनी क्लासेज़ में बन्दूक लाने की परमीशन दे दी है. शर्त बस इतनी सी है कि बन्दूक को खुल्लम-खुल्ला लेकर नहीं चलना है. उसे कहीं छुपा होना ज़रूरी है. भले ही वो आपकी कमर पर हो और शर्ट से ढकी हो. स्कूल के प्रेसिडेंट को न चाहते हुए भी इस नियम को लागू करना पड़ा. हांलांकि स्टूडेंट्स को डोर्मेटरी यानी कि वो हॉल जिनमें सभी सोते हैं, में बन्दूक ले जाने की सख्त मनाही है.

Caution: Guns Ahead
टेक्सास की सभी यूनिवर्सिटी इससे पहले बन्दूक के कल्चर से काफ़ी दूर थीं लेकिन इस नए कानून ने इसमें भी सेंध मार दी. अब बच्चे कट्टे, तमंचे, और डबल बैरल शॉटगन लेकर स्कूल में आया करेंगे. वहां के बच्चों से जब कोई पूछेगा कि "नन्हे मुन्हे बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है?" तो बच्चा जवाब देगा, "मुट्ठी में है बन्दूक हमारी."
यूनिवर्सिटी में लगभग 50,000 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट ग्रेग फेंवेस इस नियम के सख्त खिलाफ़ हैं लेकिन रिपब्लिकन नेताओं की भीड़ ने इस प्रस्ताव को नियम में बदल दिया और अब पूरे टेक्सास में स्कूल-कॉलेज में बन्दूक की भी अटेंडेंस लगने लगेगी. फेंवेस कहते हैं कि वो मानते हैं कि हैण्डगन किसी भी तरह से यूनिवर्सिटी कैम्पस का हिस्सा नहीं बन सकतीं और इस हिसाब से ये नियम उनके प्रेसिडेंट बनने के बाद से उनके सामने सबसे बड़ा चैलेन्ज रहा है.

रोज़बर्ग में स्कूल में एक आदमी के गोलियां चलाने के बाद मृत स्टूडेंट्स की याद में प्रार्थना. सोर्स: fortune.com
टेक्सास में गन रखने के अधिकार के एक्टिविस्टो ने कहा कि यूनिवर्सिटी गन-लॉ में हुए दूसरे संशोधन के अंडर ही आती है इसलिए यूनिवर्सिटी में भी सभी नियम लागू होंगे. कुल मिलाकर हम जो भी लखनऊ और इलाहबाद यूनिवर्सिटी में सिर्फ चुनावों के वक़्त देखते सुनते आये हैं वो अब वहां टेक्सास में पूरे साल चलेगा.
इस स्टोरी का दूसरा साइड देखें तो स्टूडेंट्स, फैकल्टी, और बाकी स्टाफ ने इस नियम का पूरी तरह से विरोध किया है. कई टीचरों ने तो इस्तीफ़ा दे देने की धमकी भी दे डाली है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सास सिस्टम के चांसलर विलियम मेकरेवेन भी इस नियम के लागू होने के खिलाफ़ हैं. विलियम वो शख्स हैं जो ओसामा बिन लादेन को मारने वाली स्पेशल ओपरेशन टीम के हेड थे.

Source: Houston Chronicle
टेक्सास के प्राइवेट स्कूलों को इस नियम को न मानने की छूट है और ज़्यादातर स्कूलों ने इस नियम को लागू करने से मन कर दिया है.
टेक्सास के कानून के हिसाब से 21 साल या उससे ऊपर के किसी भी इंसान को बन्दूक रखने की छूट है. हांलांकि 21 साल की लिमिट होने से बन्दूक लेन वाले स्टूडेंट्स कम तो हो जायेंगे पर खतम नहीं होंगे. गोली चलाने के लिए एक ही बन्दूक काफ़ी होती है. भले ही बन्दूक कितनी भी छुपी क्यूँ न हो. गनीमत ये है कि बंदूकों को खुल्लम खुल्ला लेकर घूमने वाला नियम यूनिवर्सिटी पर लागू नहीं रहता.
इस खबर से गांव की एक कहावत याद आ गयी जो हम कभी दोस्तों के बीच इस डर के साथ कहते थे कि कहीं घरवाले न सुन लें - "पढ़ाई लिखाई की ऐसी की तैसी ल्याब तमंचा करब डकैती." हमने ये कभी ठिठोली में ही कहा था. टेक्सास के बच्चे इसे साक्षात जी रहे हैं.

Texas
बुधवार को टेक्सास यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स को अपनी क्लासेज़ में बन्दूक लाने की परमीशन दे दी है. शर्त बस इतनी सी है कि बन्दूक को खुल्लम-खुल्ला लेकर नहीं चलना है. उसे कहीं छुपा होना ज़रूरी है. भले ही वो आपकी कमर पर हो और शर्ट से ढकी हो. स्कूल के प्रेसिडेंट को न चाहते हुए भी इस नियम को लागू करना पड़ा. हांलांकि स्टूडेंट्स को डोर्मेटरी यानी कि वो हॉल जिनमें सभी सोते हैं, में बन्दूक ले जाने की सख्त मनाही है.

Caution: Guns Ahead
टेक्सास की सभी यूनिवर्सिटी इससे पहले बन्दूक के कल्चर से काफ़ी दूर थीं लेकिन इस नए कानून ने इसमें भी सेंध मार दी. अब बच्चे कट्टे, तमंचे, और डबल बैरल शॉटगन लेकर स्कूल में आया करेंगे. वहां के बच्चों से जब कोई पूछेगा कि "नन्हे मुन्हे बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है?" तो बच्चा जवाब देगा, "मुट्ठी में है बन्दूक हमारी."
यूनिवर्सिटी में लगभग 50,000 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट ग्रेग फेंवेस इस नियम के सख्त खिलाफ़ हैं लेकिन रिपब्लिकन नेताओं की भीड़ ने इस प्रस्ताव को नियम में बदल दिया और अब पूरे टेक्सास में स्कूल-कॉलेज में बन्दूक की भी अटेंडेंस लगने लगेगी. फेंवेस कहते हैं कि वो मानते हैं कि हैण्डगन किसी भी तरह से यूनिवर्सिटी कैम्पस का हिस्सा नहीं बन सकतीं और इस हिसाब से ये नियम उनके प्रेसिडेंट बनने के बाद से उनके सामने सबसे बड़ा चैलेन्ज रहा है.

रोज़बर्ग में स्कूल में एक आदमी के गोलियां चलाने के बाद मृत स्टूडेंट्स की याद में प्रार्थना. सोर्स: fortune.com
टेक्सास में गन रखने के अधिकार के एक्टिविस्टो ने कहा कि यूनिवर्सिटी गन-लॉ में हुए दूसरे संशोधन के अंडर ही आती है इसलिए यूनिवर्सिटी में भी सभी नियम लागू होंगे. कुल मिलाकर हम जो भी लखनऊ और इलाहबाद यूनिवर्सिटी में सिर्फ चुनावों के वक़्त देखते सुनते आये हैं वो अब वहां टेक्सास में पूरे साल चलेगा.
इस स्टोरी का दूसरा साइड देखें तो स्टूडेंट्स, फैकल्टी, और बाकी स्टाफ ने इस नियम का पूरी तरह से विरोध किया है. कई टीचरों ने तो इस्तीफ़ा दे देने की धमकी भी दे डाली है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सास सिस्टम के चांसलर विलियम मेकरेवेन भी इस नियम के लागू होने के खिलाफ़ हैं. विलियम वो शख्स हैं जो ओसामा बिन लादेन को मारने वाली स्पेशल ओपरेशन टीम के हेड थे.

Source: Houston Chronicle
टेक्सास के प्राइवेट स्कूलों को इस नियम को न मानने की छूट है और ज़्यादातर स्कूलों ने इस नियम को लागू करने से मन कर दिया है.
टेक्सास के कानून के हिसाब से 21 साल या उससे ऊपर के किसी भी इंसान को बन्दूक रखने की छूट है. हांलांकि 21 साल की लिमिट होने से बन्दूक लेन वाले स्टूडेंट्स कम तो हो जायेंगे पर खतम नहीं होंगे. गोली चलाने के लिए एक ही बन्दूक काफ़ी होती है. भले ही बन्दूक कितनी भी छुपी क्यूँ न हो. गनीमत ये है कि बंदूकों को खुल्लम खुल्ला लेकर घूमने वाला नियम यूनिवर्सिटी पर लागू नहीं रहता.
इस खबर से गांव की एक कहावत याद आ गयी जो हम कभी दोस्तों के बीच इस डर के साथ कहते थे कि कहीं घरवाले न सुन लें - "पढ़ाई लिखाई की ऐसी की तैसी ल्याब तमंचा करब डकैती." हमने ये कभी ठिठोली में ही कहा था. टेक्सास के बच्चे इसे साक्षात जी रहे हैं.

