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अफगानिस्तान के गुरुद्वारे में आतंकी हमले में दो की मौत, भारतीय विदेश मंत्रालय ने की निंदा

मरने वालों में 60 साल के सविंदर सिंह और गुरुद्वारे के सिक्योरिटी गार्ड अहमद शामिल हैं.

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18 जून 2022 (अपडेटेड: 18 जून 2022, 02:44 PM IST)
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आतंकियों ने गुरुद्वारा कारते परवान में हमला किया. (सांकेतिक फोटो: इंडिया टुडे)
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अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 18 जून की सुबह एक गुरुद्वारे में आतंकियों ने हमला कर दिया. इस हमले में अभी तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मरने वालों में 60 साल के सविंदर सिंह और गुरुद्वारे के सिक्योरिटी गार्ड अहमद शामिल हैं. सविंदर अफगानिस्तान के गजनी में रह रहे थे. उनका परिवार दिल्ली में रहता है. हमला गुरुद्वारा कारते परवान में हुआ. आतंकियों ने पांच से सात ब्लास्ट किए. बताया जा रहा है कि पूरा गुरुद्वारा आग की लपटों से घिर गया. जानकारी पाकर पहुंचे तालिबान के लड़ाकों और आतंकियों के बीच गोलीबारी भी हुई.

ISIS का हाथ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कारते परवान में हुए इस हमले में ISIS खुरासान का हाथ है. ये हमला अफगानिस्तान के समयानुसार सुबह 7.15 बजे हुआ (भारतीय समयानुसार सुबह 8.30 बजे). बताया जा रहा है कि हमले के समय गुरुद्वारे में 25 से 30 अफगान हिंदू और सिख मौजूद थे. जैसे ही हमलावर गुरुद्वारे में घुसे, 10-15 लोग बाहर भागने में सफल हुए. लेकिन बाकी वहीं फंस गए. ISIS लगातार अफगानिस्तान में आतंकी हमले कर रहा है.

काबुल में गुरुद्वारा कारते परवान कमेटी के मेंबर तलविंदर सिंह चावला ने इंडिया टुडे से बात की. गुरुद्वारे के बाहर मौजूद चावला ने बताया कि अभी भी तीन आतंकी के अंदर मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि कई घंटे से 4-5 लोग लापता है. 2-3 लोग बाहर निकाले गए हैं. सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया है.

इस बीच बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे से गुरुग्रंथ साहिब को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. सिख समुदाय के लोग जान जोखिम में डालकर आग की लपटों से घिरे गुरुद्वारे में घुसे और गुरुग्रंथ साहिब को सुरक्षित बाहर निकाल लाए. फिलहाल गुरुग्रंथ साहिब को सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है.

इस मामले में विदेश मंत्रालय नजर बनाए हुए हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर हमले की निंदा की है.

विदेश मंत्री ने कहा,

गुरुद्वारा कारते परवन पर हुए कायरतापूर्ण हमले की सभी को कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए. हमले की खबर मिलने के बाद से हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस मामले में चिंता जाहिर की है और विदेश मंत्रालय से अपील की.

कैप्टन ने कहा,

अफगानिस्तान के काबुल में एक गुरुद्वारा साहिब पर हमले की खबर के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ. परिसर के अंदर फंसे सभी भक्तों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए वाहेगुरु जी से प्रार्थना. विदेश मंत्रालय से आग्रह है कि इस मामले में सभी भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

इस मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान ने केंद्र सरकार से अफगानिस्तान के राजदूत को समन करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ये हमला बहुत निंदनीय है. यह इस तरह की पहली घटना नहीं है. हर 3-4 महीने में अल्पसंख्यकों पर हमले होते हैं. उन्होंने कहा कि वो विदेश मंत्रालय और प्रधान मंत्री से अफगान राजदूत को बुलाने और एक कड़ा संदेश देने का आग्रह करता हूं. उनसे कहा जाए कि भारत सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ी है.

फिलहाल गुरुद्वारे में बचाव कार्य जारी है. 

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