तेलंगाना BJP अध्यक्ष हिंदी पेपर लीक मामले के 'आरोपी नंबर वन', पुलिस ने सबूत होने का भी दावा किया
तेलंगाना पुलिस ने बंदी संजय कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेलंगाना दौरे से पहले राज्य में बवाल खड़ा हो गया. बुधवार, 5 अप्रैल को तेलंगाना में बीजेपी के अध्यक्ष और करीमनगर से सांसद बंदी संजय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ये कार्रवाई SSC (सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट) पेपर लीक मामले में की गई है. पहले तेलंगाना पुलिस ने कहा कि बंदी संजय कुमार का इस मामले के मुख्य आरोपी से कनेक्शन है. लेकिन बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को मामले का 'आरोपी नंबर वन' बताया.
बंदी संजय पर गंभीर आरोपप्रेस कॉन्फ्रेंस में तेलंगाना की वारंगल पुलिस ने कई बड़े दावे किए हैं. इंडिया टुडे से जुड़ीं अपूर्वा जयचंद्रन की रिपोर्ट के मुताबिक बंदी संजय कुमार ने SSC पेपर लीक मामले में अपनी भूमिका ‘स्वीकारी’ है. पुलिस ने बंदी संजय की रिमांड रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने SSC की हिंदी की परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक कराने की ‘साजिश’ में शामिल होने की बात कबूल कर ली है. पुलिस ने संजय को 14 दिन की जुडिशल रिमांड पर भेजने का की मांग की थी जिसे मंजूर कर लिया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक वारंगल के पुलिस कमिश्नर एवी रंगनाथ ने बताया कि बंदी संजय को पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी बनाया गया है. इससे पहले बूराम प्रशांत नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपी बताया जा रहा था. पुलिस ने बूराम प्रशांत और बंदी संजय के कनेक्शन का दावा किया है. उसका कहना है कि बूराम ने ही पेपर की तस्वीर बंदी संजय समेत कई बीजेपी नेताओं को वॉट्सऐप पर फॉरवर्ड की थी. पुलिस के मुताबिक बूराम पहले पत्रकार रहा है. अब बीजेपी का कार्यकर्ता है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक की जांच में बंदी संजय और बूराम प्रशांत के बीच वॉट्सऐप के जरिये जुड़े रहने की जानकारी मिली है. दोनों के बीच और भी कई तरह की बातचीत होने के सबूत मिले हैं. एवी रंगनाथ ने कहा,
कमिश्नर एवी रंगनाथ ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 420, 120बी के साथ सीआरपीसी सेक्शन 154 और 157 लगाए गए हैं. आरोपियों पर गैर-जमानती केस दर्ज किया गया है.
‘BRS में डर का माहौल’उधर BJP ने बंदी संजय कुमार पर लगे आरोपों को निराधार बताया है. गिरफ्तारी से पहले बंदी संजय ने भी सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (BRS) पर आरोप लगाते हुए एक ट्वीट में लिखा था,
हिंदी का पेपर लीकतेलंगाना के वारंगल में 4 अप्रैल को सुबह 9 बजे हिंदी की परीक्षा शुरू हुई. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पेपर शुरू होने के एक घंटे बाद ही क्वेश्चन पेपर की तस्वीर वॉट्सऐप के जरिये पहले वारंगल में वायरल हुई, फिर पूरे प्रदेश में सर्कुलेट होने लगी. इसके एक दिन पहले भी SSC परीक्षा का पेपर लीक होने की बात सामने आई थी.
पुलिस के मुताबिक हिंदी के पेपर की लीक तस्वीरें बूराम प्रशांत ने ही सोशल मीडिया पर सर्कुलेट की थीं. पहले अटकलें थीं कि बूराम प्रशांत मामले का मुख्य आरोपी है और उससे बंदी संजय का कनेक्शन है. पुलिस ने कहा कि इसीलिए उसने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार किया था. अब उसने बीजेपी अध्यक्ष को ही मुख्य आरोपी बताया है.
मामले में शिव गणेश नाम के व्यक्ति का भी नाम सामने आया है जो ड्राइविंग का काम करता है. पुलिस कमिश्नर एवी रंगानाथ ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया,
पुलिस ड्राइवर शिव गणेश, बूराम प्रशांत और उस 16 साल के लड़के को पहले ही पकड़ चुकी है.
वीडियो: तेलंगाना के बीजेपी अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को क्यों किया नजरबंद? कार्यकर्ताओं ने मचाया बवाल

.webp?width=60)

