"...गिड़गिड़ा कर हमारे पैर पकड़ते हैं", तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के लिए बहुत तीखा बोला है
बीती 4 सितंबर को Nitish Kumar और Tejashwi Yadav के बीच 8 महीने बाद मुलाकात हुई थी. तब कहा गया कि ये बैठक तो पहले से तय थी. मगर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे.

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. तेजस्वी ने कहा कि अब उनकी पार्टी नीतीश के साथ गठबंधन नहीं करेगी. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,
बीती 4 सितंबर को नीतीश और तेजस्वी के बीच 8 महीने बाद मुलाकात हुई थी. कहा गया कि ये बैठक तो पहले से तय थी. बैठक आधिकारिक तौर पर सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर थी. लेकिन औपचारिकताओं के पीछे के कयासों का दौर शुरू हो गया. राजनीतिक हलकों में ये चर्चा शुरू हो गई कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर से पलटी मारने वाले हैं. मगर, इन कयासों पर आज जवाब देते हुए तेजस्वी यादव का कहना है कि नीतीश के लिए उनके दरवाज़े बंद हो चुके हैं.
हालांकि, बिहार में इस तरह की बयानबाजी जारी रहती है. पिछले दस सालों में नीतीश की जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल के बीच दो बार गठबंधन हो चुका है और दो बार टूट चुका है. दस साल के इस रूठने-मनाने के दौर में भी ऐसी बयानबाजी देखने को मिलती रही.
इस साल जनवरी तक नीतीश कुमार तेजस्वी के ही साथ थे. मगर 28 जनवरी को इंडिया गठबंधन से अलग होकर वो NDA में शामिल हो गए. उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश ने साथ छोड़कर लालू यादव की पार्टी को झटका दे दिया. अब 8 महीने बाद दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बैठक हुई है.
आजतक के एडिटर रोहित कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक 4 सितंबर को जब दोनों नेताओं की बैठक हुई तो बातचीत तय समय से ज्यादा खिंच गई. बताया गया कि दोनों नेताओं के बीच जातीय जनगणना को लेकर बात हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक तेजस्वी यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री से जातिगत गणना के बाद विधानसभा से पारित प्रस्ताव को संविधान की नौंवी अनुसूची में डाले जाने को लेकर बात हुई.
वीडियो: 'बिहार में गुंडाराज...' नीतीश कुमार को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने क्या आरोप लगा दिए?

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