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'दीपू के साथी ने रची साजिश', तस्लीमा नसरीन ने हिंदू युवक की पीट-पीटकर हुई हत्या पर बड़ी बातें बताईं

Bangladesh की निर्वासित लेखिका Taslima Nasreen ने सवाल उठाया कि जब दीपू पुलिस सुरक्षा में थे, तो क्या जिहादी मानसिकता के चलते उन्हें कट्टरपंथियों के हवाले कर दिया गया? या भीड़ ने पुलिस को धक्का देकर दीपू को थाने से बाहर निकाल लिया? तस्लीमा ने इस हत्या को लेकर काफी बातें बताई हैं, जो अब तक सामने नहीं आईं थीं.

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Taslima Nasreen on bangladesh hindu man lynched and burned by mob
तस्लीमा नसरीन ने कहा कि दीपू दास को पुलिस सुरक्षा मिलने के बावजूद यह घटना घटी. (फोटो: इंडिया टुडे)
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अर्पित कटियार
20 दिसंबर 2025 (पब्लिश्ड: 04:14 PM IST)
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बांग्लादेश की लेखिका तस्लीमा नसरीन ने दावा किया है कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को झूठे ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने मार डाला. उनके मुताबिक, यह आरोप कारखाने में काम करने वाले दीपू के एक सहकर्मी ने लगाया था. तस्लीमा ने ये सवाल भी उठाया है कि जब दीपू पुलिस सुरक्षा में थे, तो क्या जिहादी मानसिकता के चलते उन्हें कट्टरपंथियों के हवाले कर दिया गया? या भीड़ ने पुलिस को धक्का देकर दीपू को थाने से बाहर निकाल लिया?

बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा,

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(फोटो: X/@taslimanasreen)

तस्लीमा ने दावा किया कि दीपू ने पुलिस को घटना के बारे में सब कुछ बताया, अपनी बेगुनाही का दावा किया और इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने पैगंबर के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की थी. तस्लीमा ने कहा कि दीपू ने आरोप लगाया कि यह घटना उसके सहकर्मी की रची गई एक साजिश थी. आगे लिखा,

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कौन थे दीपू चंद्र दास?

इंडिया टुडे ने बांग्लादेश पुलिस और बीबीसी बांग्ला की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि मृतक दीपू चंद्र दास एक गारमेंट फैक्ट्री में मजदूरी करते थे. वे बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में किराए पर रहते थे. पुलिस के मुताबिक उन पर कुछ लोगों ने पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया.

गुरुवार, 18 दिसंबर की रात करीब 9 बजे एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया. पुलिस ने बताया कि भीड़ ने पहले दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी. फिर उनके शव को एक पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी. बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाकर शव अपने कब्जे में लिया.

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या कर शव में आग लगा दी; पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी का लगा था आरोप

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने लिखा,

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मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दीपू की मौत की निंदा की है. पुलिस ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है.

वीडियो: दुनियादारी: शरीफ उस्मान हादी की कहानी, जिसकी हत्या पर बांग्लादेश जल उठा

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