पंजाब में चुनाव का सूरज चढ़ चुका है. सर्दियों में सरगर्मियां बढ़ चुकी हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भटिंडा की रैली में पंजाब से अपना 'पुराना रिश्ता'बताकर चुनावी बिगुल फूंक दिया है. इस रैली में उन्होंने सतलज, ब्यास और रावी की एकबूंद भी पाकिस्तान को न देने का वादा किया.पंजाब चुनाव के लिए बीजेपी की 'टास्क फ़ोर्स' तैयार हो चुकी है. पंजाब में 9 सालोंसे बीजेपी के समर्थन वाला अकाली दल सत्ता में है. बीजेपी इस बार 117 में से 23सीटों पर चुनाव लड़ेगी. देखने में तो ये सीटें कम हैं, लेकिन बीजेपी की नज़र इस बातपर भी है कि कौन से वोटर उसे पसंद कर रहे हैं. दलित और सिख वोटों पर उसकी ख़ास नज़रहै. नोटबंदी के फैसले के बाद से मोदी की लोकप्रियता घटी है या बढ़ी है, इसका भीलिटमस टेस्ट होना है.आइए, देखते हैं कौन लोग हैं जो इस बार पंजाब चुनाव की कमान संभाले हुए हैं और चुनावकी स्ट्रेटिजी तय कर रहे हैं... विजय सांपला नरेंद्र मोदी के ख़ास आदमी हैं विजयसांपला. पंजाब में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं. दलित समुदाय से आते है. 55 बरस केहैं. अप्रैल 2016 में इन्हें पंजाब बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया था. इन्होंनेप्लंबर से यूनियन कैबिनेट में मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट बनने तक का सफ़र तय किया है. सांपलाकम बोलते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं. पंजाब में 32 प्रतिशत दलितवोट हैं और इन्हें साधने के लिए बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.विजय सांपलादिनेश कुमार जैसा हमेशा से होता रहा है, बीजेपी के हर चुनाव में राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ (RSS) बैक-स्टेज से अपनी भूमिका निभाता है. इस बार RSS के प्रचारकदिनेश कुमार गाइड की भूमिका में होंगे. 51 साल के दिनेश कुमार RSS प्रचारक हैं औरप्रदेश बीजेपी के महासचिव भी. उत्तर प्रदेश से आते हैं. लॉ ग्रैजुएट हैं. अपनेइनपुट पार्टी को देते हैं और इनकी सलाह को काफी महत्व दिया जाता है. पार्टी के टिकटबांटने में इनकी बड़ी भूमिका होगी.दिनेश कुमारअविनाश राय खन्ना अविनाश राय खन्ना ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा तो दे दियाहै, लेकिन पार्टी के कामों में सक्रिय रहते हैं. नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन केसदस्य बनने का इंतज़ार कर रहे हैं. ज़मीनी नेता हैं और काफी लोकप्रिय भी. कहा जाता हैविजय सांपला के पार्टी में उदय के पीछे इन्हीं का हाथ है. अब भी उनके मेंटर हैं औरउन्हें गाइड करते हैं. सांपला संगठन के कामों में उनसे सलाह लेते हैं.अविनाश राय खन्नाहरजीत ग्रेवाल नवजोत सिंह सिद्धू की पार्टी से खटपट हो गई. वो पार्टी के बड़े सिखचेहरे थे. सिद्धू के बाद पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हरजीत सिंह पार्टी के सिखचेहरे बनकर उभरे हैं. विजय सांपला की कोर टीम में हैं और RSS से भी जुड़े हैं. इनकेजरिए पार्टी सिख वोटों को देख रही है. पंजाब के मालवा में इनकी पकड़ काफी मजबूत है.हरजीत ग्रेवालविनीत जोशी विनीत जोशी का काम मीडिया हैंडल करना है. विजय सांपला के ख़ास आदमी हैं.पार्टी की स्टेट यूनिट में सचिव हैं. पार्टी के भीतर लोगों को जोड़े रखने और उनकेबीच कम्युनिकेशन रखने का जिम्मा इनका ही है. डिसीजन मेकिंग में इनकी बड़ी भूमिकाहोती है. इस वजह से पार्टी में इनसे जलन रखने वाले भी कम नहीं हैं. ये चुनाव प्रचारऔर यूथ विंग का काम भी देखते हैं.विनीत जोशीअमित तनेजा तनेजा दोआबा से आते हैं और तेजी से पार्टी में उभर रहे हैं. पार्टी कीसोशल मीडिया विंग का काम देखते हैं. ख़बरों पर नज़र रखते हैं. मीडिया को क्या बतानाचाहिए और क्या नहीं, इसका काम भी इनके जिम्मे है. जिन जगहों से बीजेपी के उम्मीदवारचुनाव लड़ेंगे, वहां से 23 लोगों का एक असेंबली सेगमेंट इनके अंडर में काम करता है.अमित तनेजामनोरंजन कालिया लॉ ग्रैजुएट मनोरंजन कालिया पार्टी प्रवक्ता हैं. पार्टी की स्टेटकमेटी के सदय हैं. राज्य के मुद्दों पर तगड़ी पकड़ रखते हैं और पार्टी का उन मुद्दोंपर स्टैंड क्या होगा, इस पर अपनी राय देते हैं. मुंहफट हैं और पार्टी लाइन से बाहरजाने वाले नेताओं को खरी-खोटी भी सुनाते रहते हैं. मनोरंजन कालिया--------------------------------------------------------------------------------दी लल्लनटॉप के लिए ये स्टोरी निशान्त ने की है.