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'हॉस्पिटल्स तंज़ील की पत्नी को भर्ती करने से मना कर रहे थे'

ये बताया DSP तंज़ील के भाई रगीब अहमद ने. कहा कि कुछ अस्पताल वाले कह रहे थे कि डॉक्टर नहीं है. कुछ कह रहे थे हॉस्पिटल बंद है.

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आशुतोष चचा
4 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 4 अप्रैल 2016, 08:48 AM IST)
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रविवार की सुबह दिल्ली के जामिया नगर में हलचल और सन्नाटे का अजीब दौर शुरू हुआ. टीवी पर खबरें देख कर लोगों को मालूम हुआ कि एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां रहने वाले कुछ परिवार सकते में आ गए थे. उनके पड़ोसी मोहम्मद तंज़ील अहमद का मर्डर हो गया था. कातिलों ने उनके शरीर में दो दर्जन से ज्यादा गोलियां दाग दी थीं. फिर कानाफूसी, जल्दी से जल्दी सारे हालात समझने की बेसब्री, फोन काल्स और भीड़ बढ़ने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो NIA के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट तंज़ील के सुपुर्दे खाक होने तक चलता रहा. tanzil2 मर्डर किसने किया? क्यों किया? कौन सी प्लानिंग थी? इस पर बात करने का अभी कोई फायदा नहीं. क्योंकि इसकी अभी चलेगी जांच. उसकी रिपोर्ट आने में कितना वक्त लगेगा ये उस डिपार्टमेंट के स्पेशलिस्ट जानें. हम तो इतना ही जानते हैं कि एक काबिल सिपाही चला गया. उसकी अदावत इंसानियत के दुश्मनों से रही होगी. तो उसको रास्ते से हटा दिया. तंज़ील अहमद की बीवी फरजाना भी चार गोलियों के घाव लिए नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में मौत ले लड़ रही हैं. दो बच्चे, जो उस हमले में बच गए. बुरी तरह डरे हुए हैं.

पोजीशन का फायदा नहीं उठाया कभी

अपने आस पास देखो. इतने चोग्घड़ सरकारी अफसर मिलते हैं. कि सरकारी कार रखते हैं, सरकारी ड्राइवर के साथ. जो उनके बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का काम करता है. जूनियर्स से घर की सब्जी मंगाते हैं. माने सरकार का दिया हुआ सब कुछ बाप का माल समझ कर गटकते हैं. लेकिन DSP तंज़ील इस भौकाल से कोसों दूर रहे. डिपार्टमेंट की कार तक नहीं ली. जबकि पुलिस की एंटी टेरर यूनिट में थे. 1992 में BSF ज्वाइन की थी. 6 साल पहले नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) में आए डेपुटेशन पर. और इस बात की जानकारी फैमिली को मिली 6 महीने बाद. NIA में आने के बाद हर आतंकी वारदात की जांच में उनका कुछ न कुछ रोल होता जरूर था. फिलहाल वो जुड़े हुए थे पठानकोट हमले की तफ्तीश में. पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान से जो टीम आई था. उससे भी बातचीत की थी. NIA के दफ्तर में. इसके अलावा सबसे बड़ा काम किया देश में IS की खुराफात पकड़ने का. IS को तो देख ही रहे हो. पूरी दुनिया में तांडव फैला रखा है. पेरिस और ब्रसेल्स में हमले हुए अभी बहुत वक्त तो नहीं हुआ. कुछ साल पहले नकली नोट के बिजनेस जोर से चल रहा था. उसकी खटिया खड़ी करने का काम भी तंज़ील अहमद ने किया. 26/11 अटैक की जांच में भी लगे थे.

कैसे हुआ कत्ल

शनिवार की देर रात बिजनौर के सहसपुर इलाके में अपनी भांजी की शादी से लौट रहे थे. साथ में थी पत्नी फरजाना. 16 साल की बेटी और 12 साल का बेटा भी. घर पहुंचने के तकरीबन 300 मीटर पहले एक पुलिया पड़ती थी. और वह टूटी थी. इस वजह से उन्होंने अपनी वैगन आर कार धीमी कर ली. कार के सामने दो बाइक सवार आए और तंज़ील को गौर से देखा. पहचानने के बाद 9 mm की पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी. तंज़ील अहमद को 24 गोलियां लगीं. फरजाना को चार. इस गोली बारी के बीच अपने दोनों बच्चों को सीट के नीचे छिपा दिया. जिससे उनकी जान बच गई. हॉस्पिटल ले जाते समय ही तंज़ील ने दम तोड़ दिया. फरजाना को गंभीर हालत में हॉस्पिटल पहुंचाया गया.

पुलिस का पता नहीं, पड़ोसी अच्छे थे

ये कहना है उनके पड़ोसियों का. शाहीन बाग इलाका, जहां अपनी जिंदगी के करीब 20 साल बिताए तंज़ील ने. वहां रहे उनके पड़ोसी इस वारदात का पता चलते ही सदमे में आ गए. सबके गले रुंधे. आंखे नम. किसी को यकीन नहीं होता था कि इस आदमी की जान कोई इतने बुरे तरीके से ले सकता है. Tanzil_ इसी भीड़ में एक महबूब आलम हैं. वो बताते हैं कि "वो बहुत मजहबी आदमी थे. सच्चे मुसलमान. कभी नमाज़ नहीं छोड़ते थे. दुश्मन तो उनका कोई था ही नहीं. सबसे इतना अच्छा व्यवहार था कि पर्सनल दुश्मनी होने की किसी से गुंजाइश ही नहीं थी." अपने देश का एक वीर सिपाही चला गया है. दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने उनकी फैमिली को एक करोड़ रुपए देने का वादा किया है.  हिंदुस्तान ज़िंदाबाद और जय हिंद के नारों के साथ मोहम्मद तंज़ील अहमद विदा हुए. आज की जरूरत ये है कि देशभक्ति के जज़्बे को सिर्फ नारों से न आंका जाए. जैसी कोशिशें चल रही हैं. STF और NIA इस मामले की जांच टेरर एंगल से करेगी. क्योंकि आतंकियों के लिए मुसीबत बने हुए थे. फिलहाल 53 फोन नंबर्स की काल डिटेल जांची जाएगी. जिन पर उस दिन उनकी बात हुई. बच्चों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. उनके भाई रगीब अहमद. पुलिस और हॉस्पिटल्स के रवैये से बहुत आहत हैं. बताया कि पुलिस ने हमारी तब तक नहीं सुनी जब तक हम लोग वहां नारे नहीं लगाने लगे. अस्पताल वालों ने फरजाना को एडमिट करने से इन्कार कर दिया. https://twitter.com/ANI_news/status/716892321506136064

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