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"ईश्वर दया, पुनर्जन्म, अग्नि वर्षा", टीचर्स डे पर छात्रों को मिले 'आध्यात्मिक' ज्ञान पर विवाद

वीडियो सामने आने के बाद Tamil Nadu के CM MK Stalin का बयान आया. उन्होंने कहा कि साइंस ही आगे बढ़ने का रास्ता है.

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6 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 6 सितंबर 2024, 11:10 PM IST)
Tamil Nadu
स्कूल में भाषण देने वाले महाविष्णु. (फोटो- X)
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"अगर ईश्वर दयालु होता, तो सभी को समान जन्म लेना चाहिए था. एक अमीर पैदा होता है, जबकि दूसरा गरीब पैदा होता है. एक अपराधी पैदा होता है, जबकि दूसरा नायक पैदा होता है. ऐसा अंतर क्यों? आपने अपने पिछले जन्म में जो किया, उसके लिए आपको यह जन्म मिला है."

ये प्रवचन एक स्कूल में बच्चों के सामने दिया गया.

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें एक आध्यात्मिक स्पीकर को आमंत्रित किया गया. परमपोरुल फाउंडेशन के महाविष्णु को मोटिवेशनल स्पीच देने के लिए बुलाया गया था. लेकिन उन्होंने जो भाषण दिया उस पर विवाद हो गया. उन्होंने पुनर्जन्म, पाप और कर्म जैसे आध्यात्मिक विषयों पर स्पीच दी. स्पीकर ने बच्चों से कहा कि उनके जीवन में आने वाले संघर्षों के लिए वो खुद ही जिम्मेदार हैं. वीडियो सामने आया तो विवाद हो गया.

इतना ही नहीं, महाविष्णु ने अपने भाषण में ब्रिटिश हुकुमत पर भारतीय शिक्षा प्रणाली को नष्ट करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा,

"अंग्रेजों ने गुरुकुलों को सोच समझकर नष्ट कर दिया. केवल एक मंत्र पढ़ने से आग की बारिश हो सकती है. शरीर स्वस्थ हो सकता है, आप उड़ सकते हैं, लेकिन ताड़ के पत्तों पर लिखे ये सभी रहस्य ब्रिटिश शासन के कारण खो गए."

कथित मोटिवेश्नल स्पीकर के इन प्रवचनों पर स्कूल के एक स्टाफ ने जब आपत्ति जताई तो वो उनसे ही भिड़ गए. उन्होंने स्कूल के स्टाफ को कहा, “ये आपका अहंकार बोल रहा है.” इस भाषण का वीडियो, बाद में महाविष्णु के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया. फुटेज वायरल हो गया और स्कूल प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विवाद पर बयान दिया. उन्होंने महाविष्णु के भाषण का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना वैज्ञानिक सोच के महत्व पर जोर दिया. सीएम ने कहा,

"विज्ञान प्रगति का ही रास्ता है. हमारी टेक्स्टबुक्स में वो सारी साइंटिफिक बातें हैं जिन्हें छात्रों को जानना जरूरी है. शिक्षक बच्चों को भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार कर सकते हैं. स्कूल शिक्षा विभाग उपयुक्त विभागीय विशेषज्ञों और विद्वानों की मदद से नए तरीके से ट्रेनिंग और सामाजिक शिक्षा देने के लिए काम करेगा."

साथ ही सीएम स्टालिन ने कहा कि उन्होंने विभिन्न स्कूल कार्यक्रमों में गाइडलाइन्स तैयार करने का आदेश दिया है. ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्रों को प्रगतिशील विचारों से अवगत कराया जा सके.

वीडियो: सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु CM के बेटे उदयनिधि स्टालिन का पूरा कच्चा चिट्ठा

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