मलेशिया में सड़क पर सो रहे भारतीय को लात मारकर उठाया, पानी से नहला दिया, पासपोर्ट जब्त है
तमिलनाडु के एक शख्स को मलेशिया में एक बैंक के बाहर सोने की वजह से लात मारी गई. पानी से भिगोया गया और सबके सामने अपमानित किया गया. इसका एक वीडियो वायरल है.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. मलेशिया का वीडियो है. एक बैंक के सामने अधेड़ उम्र का शख्स सोया हुआ है. एक-दो झोले आसपास पड़े हैं. हालत देखकर लग रहा है कि वो बेघर है. रहने को जगह नहीं है, इसलिए वहां जाकर लेट गया है. लेकिन तभी वहां मौजूद एक सिक्योरिटी गार्ड उस पर पाइप से पानी डालने लगता है. उनींदी हालत में शख्स उठकर बैठ जाता है. इसी दौरान वहां एक व्यक्ति और आता है और उसे लात मारता है. वहां से भागने के लिए कहता है. शख्स के मन में अभी उधेड़बुन है कि किधर जाएगा लेकिन उसके साथ बदसलूकी जारी रहती है. किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो वायरल है.
जिस सोए हुए व्यक्ति पर पानी की बौछारें और लात-घूसे बरसाए गए, वो भारत के तमिलनाडु राज्य का रहने वाला है. उनका नाम सफीउद्दीन पक्कीर मोहम्मद है और वह 39 साल के हैं. अपने घर से 6500 किमी दूर वह रोजी-रोटी की तलाश में मलेशिया गए थे ताकि पत्नी और दो बच्चों का पेट भर सकें. लेकिन वहां उनके साथ कुछ भी अच्छा नहीं हुआ. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, समाचार आउटलेट ‘फ्री मलेशिया टुडे’ से बात करते हुए मोहम्मद ने कहा कि वो भारत वापस लौटना चाहते थे लेकिन उनके एंप्लॉयर ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है. उनका बकाया वेतन भी नहीं दिया है. इसने ही उनकी स्वदेश वापसी रोक रखी है.
2024 में मलेशिया गए थे मोहम्मदमोहम्मद ने बताया कि काम की तलाश में साल 2024 में वह तमिलनाडु से मलेशिया गए थे. इसी साल मार्च में उन्होंने कुआलालंपुर के श्रीगोम्बक में एक रेस्टोरेंट में कुक की नौकरी कर ली. रिपोर्ट के मुताबिक, काम शुरू करने से पहले उन्होंने रेस्ट्रॉन्ट के मालिक को वर्क परमिट के लिए 3,500 मलेशियन रिंगित यानी तकरीबन 75 हजार भारतीय रुपये दिए थे. वहीं हेल्थकेयर के लिए भी उनसे 1200 मलेशियन रिंगित यानी 25,961 रुपये लिए गए थे.
‘फ्री मलेशिया टुडे’ से बातचीत में मोहम्मद ने बताया कि उनके मालिक ने बार-बार उनकी सैलरी रोक दी. कभी तो महीनों तक उन्हें एक पैसे भी नहीं मिलते थे. वो अपने पर घर पर पैसे भी नहीं भेज पाते थे. उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया था. इससे वो न तो नौकरी छोड़ पा रहे थे और न भारत वापसी की ही कोई राह बची थी. उन्होंने काम छोड़ने की कोशिश की लेकिन मालिक ने कहा कि उसे ऐसा करने की इजाजत नहीं है. इन सबसे परेशान होकर मोहम्मद ने 6 महीने पहले काम करना बंद कर दिया था.
अब न तो कोई इनकम थी और न ही रहने की कोई जगह. उनके दस्तावेज भी उनके पास नहीं थे कि कोई और नौकरी कर लें. नतीजा ये हुआ कि वो परदेस में मोहम्मद बेघर हो गए. कहीं भी कोई आसरा नहीं बचा. मजबूरन उन्हें सड़कों पर रहना पड़ा. कई दिनों से वह तमन मालुरी में एमबैंक की एक ब्रांच के बाहर सोते रहे लेकिन तभी ये वायरल वीडियो वाली घटना हो गई.
वीडियो में एक सिक्योरिटी गार्ड है, जो फुटपाथ पर बैठे मोहम्मद पर पाइप से पानी फेंकता दिखाई दे रहा है. कुछ ही देर बाद एक और आदमी आता है और उन्हें लात मारता है. उनका झोला उनके ऊपर फेंकते हुए वहां से भागने को कहता है. इस दौरान कई बार लात से उन पर वार करता है. फिर पानी का पाइप उठाकर मोहम्मद को पूरी तरह से भिगो देता है.
इस पूरी घटना ने मोहम्मद को तोड़कर रख दिया. उन्होंने कहा कि
मैंने कभी नहीं सोचा था कि दुनिया मुझे ऐसे कमजोर हालत में देखेगी. अगर उन्होंने मुझे बस जाने के लिए कहा होता तो मैं चुपचाप चला जाता. मैं बहुत कमजोर, भूखा, डिप्रेस और उदास था.
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने सिक्योरिटी गार्ड पर जमकर गुस्सा निकाला. Incek Steady नाम के यूजर ने लिखा कि किसी का बेघर होना एक सामाजिक समस्या है. यह किसी को बेइज्जत करने के लिए कोई वजह नहीं हो सकती. उन्होंने आगे लिखा,
बेघर लोग बहुत नाजुक स्थिति में होते हैं. पैसे की दिक्कत, मानसिक परेशानी, परिवार का न होना और न जाने कितनी समस्याएं उनके सामने होती हैं. लेकिन आखिर में उन्हें क्या मिलता है? ऐसा व्यवहार जैसे उनकी कोई इज्जत ही नहीं.
उन्होंने आरोपी लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही.
वीडियो वायरल होने के बाद बेघर लोगों के लिए शेल्टर होम चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता टोनी लियान ने मोहम्मद की मदद की. उन्हें रहने के लिए जगह दी और मोहम्मद का पासपोर्ट वापस करने के लिए उनके मालिक पर दबाव बना रहे हैं. वह कोशिश कर रहे हैं कि मोहम्मद को घर वापस भेजने के लिए कुछ पैसे जुटाए जा सकें.
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