अगली बार सेल्फी लेने से पहले ये जरूर जान लें
ऐसी सेल्फी लें कि अगली बार सेल्फी लेने लायक रहें.

स्मार्टफोन्स के इस समय में दुनिया सेल्फी के लिए पगलाई जा रही है. सोशल मीडिया में ऊल-जुलूल सेल्फी खूब तैरती दिखती हैं. पहले फोटो खींचने का काम हुनरमंद लोगों के जिम्मे होता था. लेकिन आजकल तो हर दूसरा इंसान आपको अजीब सी जगह पर अजीब सी शक्ल बनाकर खुद की फोटो लेता दिख जाएगा. भारत में कई चीज़ें पॉप-कल्चर का हिस्सा हैं, लेकिन सेल्फी लेने को इसमें पहला स्थान दे दिया जाए तो कोई गलती नहीं होगी. इन दिनों ये बीमारी इतनी बढ़ गई है कि कई बार तो लोग सेल्फी के चक्कर में अपनी जान की भी फ़िक्र नहीं करते. 2015 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्फी लेते हुए एक्सीडेंट का शिकार होने वाले लोगों की लिस्ट में इंडिया ने दुनिया के सभी देशों को पछाड़ कर पहला पायदान हासिल किया है. ऐसा करने वालों में से सबसे ज़्यादा 24 साल या उससे कम के युवा हैं. हम आपको कुछ ऐसे ही चुनिंदा कांडों के बारे में बता रहे हैं, जब लोग सोशल मीडिया पर हाइलाईट होेने के चक्कर में रियल लाइफ से गायब हो गए.
#1. अगस्त 2 0 1 6 में केरल के शोरानुर रेलवे स्टेशन पर 14 साल का एक लड़का ट्रेन की छत पर चढ़कर सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान उसे ट्रेन के ऊपर लगे इलेक्ट्रिक वायर्स की भनक तब तक नहीं लगी, जब तक उन तारों ने उसे जलाकर ट्रेन से नीचे नहीं फ़ेंक दिया.

#2. कुछ दिन पहले ही टीवी पर एक ख़बर फ़्लैश हो रही थी कि नागपुर से 25 किलोमीटर दूर वेना डैम में 8 लड़कों से भरी नाव डूब गई. और ये सब हुआ फेसबुक लाइव करने के बाद. ये एक्सीडेंट होने से ऐन पहले उन्होंने एक फेसबुक लाइव किया था और दूसरे की तैयारी में थे, जिसके लिए वो नाव पर खड़े होकर पोज़ देने की कोशिश कर रहे थे. तभी नाव पलट गई और वो डूब गए.
#3. सितम्बर 2016 की बात है, तमिलनाडु के नमक्कल में इंजीनियरिंग का एक छात्र चट्टान पर चढ़कर सेल्फी ले रहा था. लड़के के खड़े होने के कारण चट्टान हिल गई और लड़का फिसलकर 60 फीट गहरी खाई में जा गिरा. उसकी मौत हो गई.

सांकेतिक तस्वीर
#4. 2016 के मई महीने में पंजाब के लुधियाना शहर में अपने पिता की पिस्तौल के साथ सेल्फी लेने की कोशिश में एक बच्चे की जान चली गई. दरअसल वो बच्चा पिस्तौल के साथ पोज़ मार रहा था, लेकिन गलती से बंदूक का ट्रिगर दब गया और उसे गोली लग गई जिससे उसकी मौत हो गई.

सांकेतिक तस्वीर
#5. सितम्बर 2016 में ही जापान से भारत आई एक टूरिस्ट ताजमहल की सीढ़ियों पर सेल्फी लेने के चक्कर में फिसल गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई और वो इंडिया में हुई सेल्फी डेथ की लिस्ट में शामिल हो गई.

सांकेतिक तस्वीर
अभी मैंने एक फ़ोन का ऐड देखा, जिसकी टैग लाइन है 'welcome to selfistaan'. यहां लोग सेल्फी लेकर मरे जा रहे हैं और फ़ोन कंपनी वाले इस देश को हिन्दुस्तान से सेल्फिस्तान बनाने पर तुले हुए हैं. भइया आपके सेल्फिस्तान के चक्कर में हमारा हिन्दुस्तान कब्रिस्तान बनता जा रहा है. भाई साब... लोग रहेंगे, तभी तो फ़ोन खरीदेंगे न!
बात गंभीर तब लगती है, जब एक रिसर्च से ये पता चलता है कि जितने लोग दुनिया भर में हर साल शार्क अटैक से मरते हैं, उससे ज्यादा लोग सेल्फी लेने के चक्कर में मर जाते हैं. अरे यार मतलब ऐसा भी क्या पागलपन. हमारा देश शायद पहला ऐसा देश होगा, जहां सरकार को आदेश देना पड़ता है कि अपनी जान की परवाह खुद करें और खतरनाक जगहों पर सेल्फी न लें. केंद्रीय सड़क-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक वीडियो बनाकर जनहित में जारी करवा दिया है, जो यूट्यूब देखते वक़्त अपनी मनमर्ज़ी से चलने लगता है और आपका वीडियो देखने का सारा मजा ख़राब करके चला जाता है.
2015 में इलाहाबाद में कुंभ के दौरान भी सरकार को नो सेल्फी ज़ोन बनाना पड़ा था ताकि उस भीड़-भाड़ में भी लोग सेल्फी लेने के चक्कर में परेशानी न खड़ी कर दें. यही नहीं मुंबई में सेल्फी के कारण बढ़ते हादसों के चलते एक दर्जन से भी ज्यादा जगहों पर सेल्फी बैन कर दिया गया है, जिसमें रेलवे ट्रैक से लेकर सड़क और मेट्रो तक शामिल हैं. सेल्फी का खौफ तो अब सरकारी महकमों तक भी पहुंच गया है जिसके चलते भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (Archaeology Survey of India) ने भी 46 म्यूजियमों में सेल्फी स्टिक ले जाने पर बैन लगा दिया है. हालांकि आपको अपना फ़ोन साथ ले जाने की इजाज़त होगी. मतलब ये कि अब से चुनिंदा जगहों पर सेल्फी लेना भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा. पर्यटन मंत्रालय ने लोगों की सुरक्षा के लिए 'नो सेल्फी जोन' बनाने के निर्देश तो दे दिए हैं लेकिन देखना है कि वो अमल में कब तक आता है.
जब से सेल्फी की वजह से होने वाले हादसों में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई है, तब से इस चीज़ के ऊपर कई तरह की रिसर्च की गई हैं. कुछ खास रिसर्च रिजल्ट्स का ज़िक्र हम यहां कर रहे हैं:
#. नवम्बर 2016 में एक ब्रिटिश अखबार द्वारा किए गए रिसर्च से ये पता चला है कि मार्च 2014 से लेकर सितम्बर 2016 तक (29 महीने) कुल 127 हादसे सेल्फी लेने के कारण हुए हैं. इनमे से अधिकतर हादसे ख़तरनाक और अजीब जगहों पर सेल्फी लेने के चक्कर में हुए हैं.
#. कैलिफ़ोर्निया के कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी और भारत की इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने मिलकर “Me, Myself and My Killfie: Characterizing and Preventing Selfie Deaths” नाम से एक स्टडी की है, जिससे पता चलता है कि लोग सेल्फी खींचने को अभिव्यक्ति का एक जरिया मानते हैं और खुद को एडवेंचरस दिखाने के लिए अजीबोगरीब सेल्फियां सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं. ये सब करने के दौरान 2014 के बाद से दुनियाभर में तक़रीबन 127 मौतें हुई हैं जिनमें सबसे ज्यादा 76 मौतें भारत में हुई हैं.
#. International Journal of Emergency Mental Health and Human Resilience ने एक रिसर्च किया जिसमें उन्होंने ये पता लगाने की कोशिश की कि क्या युवाओं में सेल्फी एक लत की तरह है? उनका जवाब है 'शायद' हां या 'शायद नहीं'. मतलब उनके रिसर्च से भी ये बात साफ़ नहीं हो पाई. ये जवाब एक तरह की दुविधा को जन्म देता है, लेकिन इस बात को पुख्ता बिल्कुल नहीं करता कि युवाओं में सेल्फी की लत है या उन्हें इसकी तलब महसूस होती है.
अब आप इससे अंदाज़ा लगा सकते हैं कि सेल्फी लेने की बीमारी किस कदर भारत में 'महामारी' का रूप ले चुकी है. सरकार चाहे कितने भी कदम उठा ले तब-तक कोई फायदा नहीं होगा, जब-तक हम खुद ही इन हादसों से सबक लेकर सचेत न हो जाएं. तो भइया हमारी भी आप सब से यही गुज़ारिश है कि सेल्फी लें लेकिन ऐसे न लें कि अगली बार सेल्फी लेने लायक ही न बचे. तो अपना भी ख्याल रखें और अपने आस-पड़ोस वालों को भी समझाएं.
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