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ताइवान की सैन्य शक्ति इतनी है कि चीन सीधा हमला करने से पहले 10 बार सोचेगा

ताइवान तेजी से अमेरिका से हथियार खरीद रहा है और अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है.

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4 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 4 अगस्त 2022, 09:34 PM IST)
Taiwan Military Details
अमेरिका द्वारा ताइवान को दिया गया M109 पैलेडिन हॉवित्जर और F-16 लड़ाकू विमान.
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अमेरिकी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ रेप्रजेंटेटिव्स' की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद से एक बार फिर से चीन और अमेरिका के संबंधों में काफी तनाव आ गया है. दोनों एक दूसरे को 'आग से न खेलने' जैसी धमकी दे रहे हैं. पेलोसी ने कहा कि उनका दौरा ताइवान के लोकतंत्र के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. जबकि चीन का कहना है कि अमेरिका 'यथास्थिति' के साथ छेड़छाड़ कर रहा है और यह उचित नहीं है. 

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और ऐसे में यदि कोई देश ताइवान को स्वतंत्र करार देने की कोशिश करता है तो उसे चीन की घोर नाराजगी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि भविष्य में युद्ध जैसी कोई स्थिति उत्पन्न होती है तो क्या ताइवान के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं. 

वैसे तो ये स्पष्ट ही है कि रक्षा भंडार के मामले में चीन काफी आगे है, लेकिन पिछले कुछ सालों में ताइवान ने भी अपने को मजबूत करने की कोशिश की है.

सैन्य तौर पर कितना ताकतवर है ताइवान?

अमेरिका के रक्षा विभाग की साल 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान के पास, 

कुल 88,000 थल सैनिक हैं, 800 टैंक और 1,100 आर्टिलरी पीसेस हैं. 

4 विध्वंसक (Destroyers), 22 लड़ाकू जहाज (Frigates), 14 मीडियम लैंडिंग शिप और 44 तटीय गश्ती मिसाइल्स हैं.

23 कोस्ट गार्ड शिप, 400 फाइटर्स, 30 ट्रांसपोर्ट और 30 स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट हैं.

लेकिन ताइवान के पास एक भी एयरक्राफ्ट कैरियर्स, क्रूजर्स, न्यूक्लियर अटैक सबमरीन, बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन और बॉम्बर्स नही हैं. हालांकि वो अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है. बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2010 से लेकर अब तक ताइवान ने अमेरिका से एक लाख 82 हजार करोड़ रुपये के हथियार खरीदे हैं. इनमें से 39 हजार 580 करोड़ रुपये अकेले साल 2020 में खर्च किए गए थे.

ताइवान अपने पुराने M60A3 और CM-11 टैंकों को 108 M1A2T मुख्य बैटल टैंकों से बदल रहा है. वो 11 M142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम और 400 हार्पून एंटी-शिप मिसाइल भी खरीद रहा है, जो चीन के खिलाफ लंबी दूरी तक हमला कर सकेगा.

पिछले साल नवंबर महीने में ताइवान ने घोषणा की था कि उसने अपने 66 लड़ाकू विमानों (141 F-16) को पूरी तरह से F-16V मानक में अपग्रेड कर दिया है. बाकी के 75 लड़ाकू विमानों को 2023 तक अपग्रेड कर दिया जाएगा.

ताइवान दावा करता है कि उसकी ये सारी तैयारी किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी रक्षा करने के लिए है. गुरुवार 4 अगस्त को जब चीन ने ताइवान के समुद्री इलाकों के आसपास मिसाइलें दागीं तो उसे कहना पड़ा कि वो भी एक अनचाहे युद्ध की तैयारी कर रहा है. 

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