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फ्रांस के सबसे बड़े म्यूजिक फेस्टिवल पर 'सिरिंज अटैक', 145 लोगों को निशाना बनाया

फेस्टिवल के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर तकरीबन 145 लोगों पर ‘सिरिंज अटैक’ किया गया. इसकी वजह से कई लोगों की तबीयत खराब हो गई. कुछ चुभने का एहसास होने के बाद उन्हें दर्द और बेचैनी होने लगी.

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France Syringe Attack
फ्रांस में 145 लोगों पर हुआ सिरिंज अटैक (India Today)
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राघवेंद्र शुक्ला
24 जून 2025 (पब्लिश्ड: 08:29 PM IST)
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फ्रांस में एक म्यूजिक फेस्टिवल मनाया जाता है- ‘फेटे द ला म्यूज़िक’ (Fête de la Musique). हर साल 21 जून को जब गर्मियों का सबसे लंबा दिन आता है, तब पूरा पेरिस एक म्यूजिक कन्सर्ट में बदल जाता है. गली-नुक्कड़, रेस्टोरेंट, पार्क, मेट्रो स्टेशन- हर जगह इस दिन लोग संगीत के जादू में डूबे होते हैं. बीते शनिवार 21 जून को फ्रांस में संगीत का यही त्योहार मनाया जा रहा था, जब कुछ हमलावरों ने 'सुरों के रंग में भंग' डालने की कोशिश की. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फेस्टिवल के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर तकरीबन 145 लोगों पर ‘सिरिंज अटैक’ किया गया. इसकी वजह से कई लोगों की तबीयत खराब हो गई. कुछ चुभने का एहसास होने के बाद उन्हें दर्द और बेचैनी होने लगी. 

फ्रांस की राजधानी पेरिस में 15 साल की एक लड़की और 18 साल के एक लड़के समेत 3 लोगों ने बताया कि उन पर सिरिंज अटैक हुआ है. टूर्स, रूएन और एवरेक्स जैसे शहरों से भी ऐसी ही खबरें सामने आईं, जहां कई महिलाओं ने अफसरों को बताया कि उन्हें सुई चुभने जैसा महसूस हुआ. फिर उनकी तबीयत बिगड़ गई. अकेले टूर्स में 13 महिलाओं ने सिरिंज अटैक की शिकायत की.

देश के अलग-अलग इलाकों से ऐसे मामले सामने आने के बाद लोकल पुलिस अलर्ट हुई, जिसके बाद 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. 

क्यों होते हैं सिरिंज अटैक?

हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब फ्रांस में भीड़-भाड़ वाले त्योहार के दौरान सिरिंज अटैक की घटना हुई हो. इससे पहले साल 2022 में भी ऐसे हमले हुए थे, जिसके बाद सरकार ने नाइटक्लब, पार्टियों, थियेटर या भीड़ वाले उत्सवों में शामिल होने वाले लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया था.

बताते हैं कि ऐसे सिरिंज हमले ज्यादातर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर किए जाते हैं, जिसके पीछे अक्सर चोरी, यौन शोषण या फिर किडनैपिंग का मकसद होता है. किसी को बेहोश करके उसका फायदा उठाने का इरादा भी इन हमलों की वजह है. 

कई बार सिरिंज में GHB या रोहिप्नॉल जैसी नशे की दवा भरी होती है, जो अक्सर यौन हमलों के दौरान इस्तेमाल किए जाते हैं. हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर सिरिंज से हमला करते हैं. बेहोश होने के बाद पीड़ित या पीड़िता के साथ चोरी, रेप या किडनैपिंग जैसे वारदात को अंजाम देते हैं. ऐसे हमलों में ज्यादातर निशाना महिलाएं बनती हैं.

नशे की दवा की पुष्टि नहीं

शनिवार, 21 जून को फ्रांस में हुए सिरिंज अटैक में इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इंजेक्शन में नशे की दवा थी या नहीं. फ्रांस की सरकार ने कहा कि हमले के कुछ पीड़ितों को जहर परीक्षण (Toxicology tests) के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस पूरे मामले में एक्शन लेते हुए पुलिस ने अभी तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. अंगूलेम में 4 संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिन पर करीब 50 लोगों को निशाना बनाने का शक है. मेट्ज़ में भी दो लोगों को पकड़ा गया है. यहां एक नाबालिग पर भी सिरिंज से हमला किया गया था. पकड़े गए लोगों में से एक पहले भी हिंसक वारदातों में शामिल रहा है. 

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